Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

उत्तर प्रदेश

तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी में मेडिकल छात्र छात्राओं की रहस्यमयी मौतों का सिलसिला जारी, अबकी दिल्ली का छात्र मरा

मुरादाबाद : उत्तर प्रदेश में मुरादाबाद, दिल्ली-लखनऊ नेशनल हाईवे स्थित तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी में दिल्ली फत्तहपुर निवासी बिजेन्द्र कुमार का होनहार  22 वर्षीय वैभव नाम का बेटा एमबीबीएस फाईनल ईयर छात्र था। पुलिस सूत्रों ने यहां बताया कि टीएमयू परिसर के अति सुरक्षित हॉस्टल के कमरा न.211 में छात्र वैभव की अचानक मौत हो जाने की सूचना मिलते ही कमरे में पडे शव व आसपास का परीक्षण किया गया।

मुरादाबाद : उत्तर प्रदेश में मुरादाबाद, दिल्ली-लखनऊ नेशनल हाईवे स्थित तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी में दिल्ली फत्तहपुर निवासी बिजेन्द्र कुमार का होनहार  22 वर्षीय वैभव नाम का बेटा एमबीबीएस फाईनल ईयर छात्र था। पुलिस सूत्रों ने यहां बताया कि टीएमयू परिसर के अति सुरक्षित हॉस्टल के कमरा न.211 में छात्र वैभव की अचानक मौत हो जाने की सूचना मिलते ही कमरे में पडे शव व आसपास का परीक्षण किया गया।

वैभव के मुंह से सफेद झाग निकलने की बात पुलिस ने बतायी।मृतक छात्र के परिजनों को बेटे की मौत के हादसे की सूचना दिल्ली भेज दी गई। सोमवार तडके चिकित्सकों के पैनल ने शव का परिक्षण किया।शव जांच परिक्षण की ऐहतियातन विडियोग्राफी भी कराई गई।मृतक छात्र के परिजन दिल्ली से मुरादाबाद उप्र   पंहुच गए।परिजन बेटे के शव को देखते ही बेहोश हो गए । यहाँ यह गौरतलब है कि बीते माह सात मई 2016 को मेडिकल छात्रा दीक्षा अग्रवाल(22), पुत्री संतोष अग्रवाल निवासी लालकोला पश्चिम बंगाल का शव टीएमयू परिसर के गर्ल्स हॉस्टल के कमरे में लटका पाया गया था।उससे पूर्व  सात जुलाई 2013 में फरिदाबाद हरियाणा निवासी एमबीबीएस छात्रा नीरज भडाना की संदिग्ध मौत की जांच सीबीआई कर रही है।

चर्चित नीरज भडाना की मौत के आरोप मे टीएमयू के चांसलर सुरेश जैन व मनीष जैन बाप बेटे समेत अन्य के खिलाफ नामजद रिपोर्ट छात्रा के परीजनों ने कराई थी। नीरज भडाना की जांच रिपोर्ट में दुष्कर्म के बाद हत्या किये जाने का मामला सामने आया था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नितिन तिवारी ने बताया कि छात्रा की मौत के तमाम सबूत व फॉरेंसिंक रिपोर्ट व पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही घटना के बारे में बताया जा सकता है।मामला दर्ज कर कार्यवाही जारी है।

प्रकरण की खास बात यह है कि पूर्व की भांति मीडियाकर्मियों को घटना के बाद घटनास्थल पर नहीं जाने दिया गया। मीडिया को टीएमयू में छात्र मौत की सूचना मिली और जब मीडिया के लोग यूनिवर्सिटी पहुँचे तो वहाँ के माहौल देखकर ऐसा लगा जैसे वहाँ कुछ हुआ ही नहीं। वहाँ मौजूद छात्र छात्राओ से किसी छात्र के मरने के बारे में पूछा तो सभी ने मामले से अनभिज्ञता जताई। और जब मीडिया को कही से  हास्टल में छात्र की मौत की सूचना मिली और वो वहां पहुचे तो हास्टल के गेट पर तैनात सुरक्षाकर्मियो ने मीडिया को बाहर ही रोक दिया। और कहने लगे की अंदर पुलिस ने किसी को भी जाने देने से मना किया है। जब मीडिया ने जोर जबरदस्ती की और हंगामा किया तब कहीं जाकर मीडिया को हास्टल में एंट्री दी गई।

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन