नई दिल्ली। ऑनलाइन पाइरेसी पर कार्रवाई करते हुए Ministry of Information and Broadcasting ने मैसेजिंग प्लेटफॉर्म Telegram को 3,100 से अधिक चैनलों को हटाने या उनकी पहुंच बंद करने का निर्देश दिया है। इन चैनलों पर फिल्मों, वेब सीरीज और ओटीटी कंटेंट को अवैध रूप से साझा करने का आरोप है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकार की ओर से 11 मार्च 2026 को जारी आदेश में कहा गया है कि नोटिस मिलने के तीन घंटे के भीतर इन चैनलों को हटाया या ब्लॉक किया जाए। यह कार्रवाई Copyright Act, 1957 और Information Technology Act, 2000 समेत इंटरमीडियरी गाइडलाइंस के प्रावधानों के तहत की गई है।
सरकारी नोटिस के मुताबिक कुल 3,142 टेलीग्राम चैनलों की पहचान की गई है, जिन पर फिल्मों, वेब सीरीज और अन्य कॉपीराइटेड कंटेंट को बिना अनुमति साझा करने का आरोप है। इनमें कई कंटेंट ऐसे बताए गए हैं जो फिल्म प्रोड्यूसरों, स्टूडियो और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स—जैसे JioCinema और Amazon Prime Video—के स्वामित्व में हैं या उनके पास लाइसेंस है।
नोटिस में कहा गया है कि संबंधित चैनलों पर ऐसे कंटेंट उपलब्ध कराए जा रहे हैं जो कंटेंट मालिकों और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स की अनुमति के बिना प्रसारित किए जा रहे हैं। इसलिए टेलीग्राम को निर्देश दिया गया है कि सभी चिन्हित चैनलों और उनके कंटेंट की पहुंच तत्काल प्रभाव से बंद की जाए, साथ ही सबूतों से छेड़छाड़ न हो।
यह कार्रवाई कई ओटीटी प्लेटफॉर्म्स और कंटेंट मालिकों की शिकायतों के बाद की गई है। लंबे समय से टेलीग्राम चैनलों के जरिए नई फिल्में, वेब सीरीज और अन्य डिजिटल कंटेंट अवैध रूप से साझा किए जाने की शिकायतें सामने आती रही हैं।
सरकार का कहना है कि बड़े फिल्म रिलीज और डिजिटल कंटेंट के दौरान ऑनलाइन पाइरेसी को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। साथ ही हाल के नियामकीय बदलावों के तहत इंटरनेट इंटरमीडियरी प्लेटफॉर्म्स की जिम्मेदारी भी बढ़ाई गई है कि वे अवैध कंटेंट को तेजी से हटाएं।
गौरतलब है कि कंटेंट मॉडरेशन को लेकर टेलीग्राम कई देशों में जांच और आलोचना का सामना कर चुका है। भारत में पाइरेसी से जुड़े मामलों में यह अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक मानी जा रही है।



