नीरेंद्र नागर-
इंटरनेट पर आपने ऐसे लोगों को देखा होगा (या ख़ुद भी झेला होगा) जो भूखे भेड़ियों की तरह किसी व्यक्ति के पीछे पड़ जाते हैं। उसे गालियाँ या धमकियाँ देते हैं, झूठे और भद्दे आरोप लगाते हैं या किसी देश, धर्म, जाति या भाषा के विरुद्ध भड़काऊ बातें करते हैं।
इन लोगों का एकमात्र मक़सद होता है उस व्यक्ति को अपमानित, बदनाम या प्रताड़ित करके मज़े लेना।
ऐसे लोगों के लिए हिंदी में फ़िलहाल कोई शब्द नहीं बना है लेकिन अंग्रेज़ी में इन्हें TROLL कहा जाता है।
बहुत सारे लोग नहीं जानते (और इसमें हिंदी मीडिया के बहुतेरे पत्रकार भी हैं) कि TROLL नाउन भी है और क्रिया भी। यानी जो लोग ऐसा काम करते हैं, उनको TROLL कहा जाता है और जो काम वे करते हैं, उसे भी TROLL करना कहा जाता है। एक वाक्य में कहें तो TROLL वे हैं जो किसी को TROLL करते हैं।
लेकिन अंग्रेज़ी में ऐसी मिसालें बहुत कम हैं जहाँ किसी काम (क्रिया) और काम करने वाले (कर्ता) दोनों के लिए एक ही शब्द हो। दो शब्द याद आ रहे हैं। एक Police और दूसरा Coach जिसके बारे में मैं अंत में बात करूँगा।
अधिकतर मामलों में कर्ता के लिए किसी शब्द के अंत में -er या -or जोड़ा जाता है। जैसे Work से Worker, Profess से Professor, Cricket से Cricketer, Jewel से Jeweller आदि।
शायद यही सोचकर हिंदी के पत्रकारों ने TROLL में -er जोड़कर TROLLER (ट्रोलर) बना दिया जबकि अंग्रेज़ी में Troller का इस अर्थ में प्रयोग होता ही नहीं। अंग्रेज़ी में Troller शब्द का मतलब है, वह व्यक्ति जो चलती नाव में बैठकर चारे वाले फंदों के सहारे मछलियाँ पकड़ता है।
किसी भी अंग्रेज़ी न्यूज़ वेबसाइट पर मुझे ट्रोल करने वाले के लिए TROLLER शब्द का प्रयोग नहीं मिला। हर जगह TROLL ही इस्तेमाल होता है। जैसे TOI की एक हेडिंग है – How they tackle TROLLS? इसी तरह जागरण TV पर शीर्षक देखा – TROLLS blame Anushka Sharma for Virat Kohli’s retirement।
आपने देखा कि जागरण TV ने अपनी अंग्रेज़ी हेडलाइन में नाउन के रूप में Troll का प्रयोग किया है। उसे Troller नहीं लिखा है। लेकिन इसी जागरण की हिंदी वेबसाइट में ट्रोलर और ट्रोलर्स का प्रयोग हो रहा है। जागरण के साथ-साथ भास्कर, नवभारत टाइम्स, NDTV, अमर उजाला – हर जगह ट्रोलर/ट्रोलर्स ही लिखा जा रहा है। क्या यह सही है?
इसका जवाब हमें Coach में मिल सकता है। Troll की ही तरह Coach के भी दो अर्थ हैं – प्रशिक्षण देना और प्रशिक्षण देने वाला (प्रशिक्षक)।
लेकिन क्या हिंदी की कोई भी वेबसाइट इसे कोचर लिखती है? नहीं। सभी कोच ही लिखते हैं।
तो फिर Troll के मामले में Troller कैसे बन गया और इतना चल निकला कि आज हर अख़बार, हर वेबसाइट पर यही लिखा दिख रहा है! कारण शायद यह कि आज से बीस-तीस साल पहले जब COACH शब्द हिंदी में आया, तब हिंदी मीडिया में इतनी अराजकता नहीं थी। हर नए शब्द की वर्तनी संपादकीय विभाग द्वारा देखी-परखी और फ़ाइनल की जाती थी।
लेकिन TROLL शब्द हिंदी मीडिया के उस दौर में आया जब यहाँ भारी अराजकता है। ख़बर लगाने की हड़बड़ी है और इस कारण जिसको जो मन आए, वह लिखने की छूट दे दी गई है।
इसके अलावा संपादकीय नेतृत्व में जो लोग हैं, उनको भाषाई शुद्धता से कोई लेना-देना नहीं है। उनको मतलब है तो केवल तीन चीज़ों से – पेजव्यूज़/सर्क्युलेशन/विज्ञापन कम न हों, सैलरी हर साल बढ़ती रहे और सबसे महत्वपूर्ण ऐसी कोई ख़बर ग़लती से भी न लग जाए जिससे मोदी, योगी या शाह नाराज़ हो जाएँ और वे मालिक को डाँट लगा दें और मालिक उनको डाँट लगा दे।
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शब्दचर्चा (पार्ट-39) : Mauritius को क्या लिखें- मॉरीशस, मॉरिशस या मॉरिशियस?



