लंबे समय के जद्दोजहद के बाद उपेंद्र राय ने इस्तीफा दे दिया. बात वही थी. सुब्रत राय फंड रिलीज नहीं कर रहे थे और कर्मचारियों की सेलरी की डिमांड बढ़ती जा रही थी. ऐसे में उपेंद्र राय भाग गया. ग्रुप एडिटर इन चीफ और ग्रुप सीईओ के दोनों पदों से इस्तीफा दे दिया है. सहारा के उच्च पदों पर आसीन लोगों ने इस खबर को कनफर्म किया है. यह भी बताया जा रहा है कि अभिजीत सरकार को अब सहारा मीडियाा की भी पूरी जिम्मेदारी दे दी गई है.
In this article:resign, sahara, sahara media, saharanpur, upendra rai
4 Comments
4 Comments
Leave a Reply
Cancel reply
Leave a Reply
भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team
भड़ास मेल: [email protected]
Latest 100 भड़ास
- प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में हजारों करोड़ रुपये घोटाले का खुलासा, देखें वीडियो
- आज के अखबार : TMC की टूट, नाविकों की मौत पर बात होनी थी ‘सूचना’ है, शॉक या शोक संदेश नहीं!
- राम मंदिर चढ़ावा चोरी कांड : अखिलेश यादव ने डबल इंजन की सरकार से पूछे 18 सवाल!
- दूरदर्शन, इंडिया टाइम्स और नेटवर्क18 से जुड़ीं तीन युवा पत्रकार
- डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का एल्गोरिदम अब रचनात्मकता से ज्यादा ‘शॉक वैल्यू’ और विवाद को बढ़ावा देता है!
- इन सारे मामलों में जजों का जो कमीशन बैठाया गया उसका नतीजा क्या निकला?
- PNB बैंक को करोड़ों का चूना लगाने का आरोपी नीरव मोदी मामले में CBI को भ्रष्टाचार के सबूत नहीं मिले, मजिस्ट्रेट कोर्ट भेजा गया केस!
- फ्लेवर्ड ORS के कारोबार के खिलाफ अकेले खड़ी रही इस बाल रोग विशेषज्ञ को सिस्टम ने हरा दिया!
- मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश गुप्ता का राजीव कुमार जैसा हाल होगा!
- एक ग्राहक को 200 लीटर से ज्यादा डीजल बिक्री पर लगेगी रोक, केंद्र ने बनाया नया प्रावधान
- कट्टर मोदी समर्थक राजेश शर्मा के नाविक पुत्र आदित्य की अमेरिकी हमले में मौत!
- अब पुलिसवाला या मजिस्ट्रेट अपनी मर्जी से किसी को भी बिना वजह ‘शांति भंग’ का बहाना बनाकर जेल में नहीं डाल सकता!
- परिवार, कला और दोस्ती पर राजनीति का साया; द स्टेट्समैन में छपी अहम टिप्पणी!
- घूसखोरों के नगर ग्रेटर नोएडा में फिर दो मजदूर मरे, इनकी लाश पर भी भ्रष्टाचारी भर लेंगे अपनी जेब!
- दान किए मुर्दे का लिंग और 370 की बिरयानी में योनि : किसी की त्रासदी दूसरे के लिए डिजिटल रील का केवल एक स्क्रीनशॉट है!
- इंडिया टुडे ग्रुप ने Creator Cell को दी नई ताकत, 1.6 अरब इंटरैक्शन का दावा
- ‘हिल-मेल’ डिजिटल चैनल लॉन्च, सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने देहरादून में वर्चुअल माध्यम से किया शुभारंभ
- AI के नाम पर घरों में घुसा कैमरा, 250 रुपये में रिकॉर्ड हो रही निजी जिंदगी!
- देश को आर्थिक संकट से निकालने की कोशिशों का जीवंत दस्तावेज़ है फिल्म “गवर्नर”
- देश की आर्थिक बदहाली मोदी सरकार के लिए गुप्त रोग की तरह है, जिसे वह साझा नहीं कर सकती!
- इन विटामिन की कमी से बढ़ रहा डिमेंशिया का खतरा, ICMR की रिसर्च ने बढ़ाई चिंता
- मोदी सरकार की आलोचना की क़ीमत फ़र्ज़ी मुकदमों से चुकानी पड़ी!
- जनतंत्र टीवी के प्रधान संपादक पर एंकर मीनाक्षी सिसौदिया का गंभीर आरोप, श्रम आयुक्त कार्यालय में भी दिखाया तानाशाही रवैया
- आज के अखबार : TOI के कॉलम लेखक के बंगाल में मंत्री बनने के बहाने उनकी विपरीत यात्रा की चर्चा
- पतंजलि उत्पादों पर FDA की छापेमारी, बॉम्बे हाईकोर्ट में महाराष्ट्र सरकार ने क्या स्टैंड लिया, पढ़िए!
- टाइम्स ग्रुप ने इन चार अखबारों से झाड़ा पल्ला, कहा- हमारा कोई लेना-देना नहीं!
- दैनिक जागरण जैसे अखबार चढ़ावे की चोरी छाप रहे हैं, न्यूज़ चैनल वाले कब धर्मद्रोहियों से सवाल पूछेंगे?
- लोग शक कर रहे हैं कि इंडियन एक्सप्रेस में छपा यह लेख नीतीश कुमार ने ही लिखा है!
- दो-दो न्यूज़ चैनलों में एकसाथ नौकरी कर रही प्रिया तिवारी पर एक्शन की तैयारी!
- जनतंत्र टीवी से इस्तीफा देने वाले अली शरर के लिए महिला एंकर ने क्या कुछ लिखा है, पढ़िए!
- शब्दचर्चा 90 : TMC की चर्चित सांसद का नाम सयानी, सायनी, सयोनी या सायोनी?
- जनतंत्र टीवी विवाद: महिला एंकर ने एडिटर इन चीफ जीतेंद्र शर्मा की श्रम न्यायालय में कराई पेशी
- जनतंत्र टीवी से संपादक (अपराध) अली शरर का इस्तीफा!
- टीवी9 भारतवर्ष से आशीष भट्ट ने अपनी डेढ़ साल की पारी समाप्त की!
- कोर्ट ने EOW और ईडी को फटकार लगाते हुए न्यूज़क्लिक के संस्थापक प्रबीर पुरकायस्थ के ख़िलाफ़ फ़र्ज़ी मुकदमा ख़ारिज किया
- शब्दचर्चा 89 : भगवत गीता, भगवद गीता, भागवत गीता या भागवद गीता?
- पॉडकास्ट विवाद में हाईकोर्ट की तल्ख टिप्पणी, कहा- कानून से ऊपर नहीं हैं पत्रकार
- सौरभ द्विवेदी : हाथ बाँधकर युद्ध में उतारी गई प्रतिभा!
- न्यूज़लॉन्ड्री की महिला पत्रकारों पर टिप्पणी का मामला, अभिजीत अय्यर-मित्रा को कोर्ट से राहत!
- AAP विधायकों के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचे पंजाब के पत्रकार रत्तनदीप सिंह धालीवाल!
- मेरठ में खनन माफिया की खबर छापने पर पत्रकार को किडनैप कर पीटा, आठ पर मुकदमा
- आज के अखबार : ममता के घर छापे में शून्य बरामदगी की खबर टाइम्स ऑफ इंडिया और टेलीग्राफ में ही है
- मीनाक्षी नटराजन को लेकर दैनिक भास्कर की अपेक्षा नई दुनिया ने आज अच्छी हेडिंग लगाई है!
- दैनिक जागरण/inext को प्रयागराज, आगरा और कानपुर में रिपोर्टर्स की तलाश!
- यूपी पुलिस को चेतावनी: 24 घंटे से ज्यादा हिरासत में रखा तो देना होगा 25,000 रुपये मुआवजा!
- 4पीएम संवाददाता को मुकदमा वापस लेने की धमकी दे रहे अभियुक्त पर एक और FIR
- इस तरफ़ जाने से पहले इसे ज़रूर पढ़ें : उत्तराखंड में लोहे की सलाखों और जाल से हो रही घायल पहाड़ों की मरहम पट्टी!
- इंडियन एक्सप्रेस वाले राजकमल झा इस हेडिंग से भले ही मोदी दरबार में नंबर बना लें…
- 26 साल में पहली बार MSCI इमर्जिंग मार्केट्स इंडेक्स के टॉप-10 से बाहर हुईं भारतीय कंपनियां
- मीडिया जगत में एक्सचेंज चल रहा है!
- अकबर उर्दू नहीं, फ़ारसी बोलता था!
- सोशल मीडिया टीम के सीनियर ईपी पुष्कर चौहान और ईई पंकज कुमार समेत 7 ने दिया इस्तीफ़ा
- भारत की 1 ट्रिलियन डॉलर की संपदा सिर्फ 229 धनकुबेरों के हाथ है!
- CJI सूर्यकांत और रिजिजू के अलावा भारत के 150 जज-वकील इस वक्त बैडमिंटन खेलने लंदन गए हैं; मोदी की मनाही सिर्फ आम जनता के लिए है?
- आज के अखबार : गवर्नमेंट ऑफ भारत का विज्ञापन, मोदी प्रशंसा और TMC वालों के बिकने की ‘खबरें’
- ज़ी न्यूज़ में मेरे स्पेशल प्रोग्रामिंग हेड होने के दौरान गिरिजेश मिश्र टीम के सबसे मज़बूत खंभे थे!
- बदल रहा है न्यूज़ पढ़ने का अंदाज़, Brevity News की धमाकेदार एंट्री
- दैनिक भास्कर को भोपाल के लिए शिफ्ट इंचार्ज (अंग्रेजी) की जरूरत!
- भारत अपडेट का ‘कुशल नेतृत्व, बढ़ता उत्तर प्रदेश’ कॉन्क्लेव ताजनगरी में संपन्न, कई विषयों पर हुआ व्यापक मंथन
- दैनिक हिंदुस्तान के पूर्व वरिष्ठ पत्रकार और लेखक श्रीपाल जैन का निधन!
- आजतक रेडियो और इंडिया टुडे पॉडकास्ट्स ने जीते 7 अवॉर्ड!
- कैंसर से जिंदगी की जंग हार गए आजमगढ़ के मान्यता प्राप्त पत्रकार राजीव चौहान
- BARC की वसूली पर केंद्र का ब्रेक, न्यूज चैनलों को मिल सकती है राहत!
- फंड जुटाने के फैसले पर 10 जून की बैठक में विचार करेगा ZEE समूह!
- एचटी मीडिया को अपना प्लेटफार्म OTTplay बंद क्यों करना पड़ा?
- राजशेखर के बाद गिरिजेश का जाना, गोरखपुरियों वाली पत्रकारिता के एक पूरे युग का अंत है!
- अंजना ओम कश्यप v/s खान सर: सभी पक्ष सुनें बिना वीडियो हटवाने से हाईकोर्ट का इनकार!
- रुबिका लियाकत ‘टाइम्स नाउ नवभारत’ में रात 9 बजे का प्राइम टाइम शो ‘न्यूज़ की पाठशाला’ होस्ट करेंगी!
- दैनिक भास्कर भोपाल के पहले पन्ने पर छपे कांतिलाल और अक्षय बम पर नजर पड़ी तो विज्ञापन के प्रति नजरिया ही बदल गया!
- टीवी रेटिंग को लेकर केंद्र और केबल कंपनियों में विवाद, हाईकोर्ट पहुंचा मामला
- आज के अखबार : अमर उजाला के पहले पन्ने की ‘खास’ खबरों के बाद पता चला, सरकारी विज्ञापन भी अंदर है
- आगरा में NUJ के राष्ट्रीय सम्मेलन में देशभर के पत्रकारों ने समस्याओं पर किया चिंतन!
- दैनिक भास्कर के संवाददाता मृत्युंजय सिंह की करंट लगने से दर्दनाक मौत!
- राम मंदिर के दानपात्र से कैश चोरी होने की खबर में दैनिक जागरण ने 4 कदम आगे का काम किया है!
- वरिष्ठ पत्रकार मनोज पांडेय का निधन!
- रिपब्लिक भारत से जुड़े आशीष चौधरी, डेक्कन हेराल्ड से नम्रता सिंदवानी की नई पारी
- IFWJ राजस्थान की दो दिवसीय प्रदेश कार्यसमिति बैठक में जुटे पत्रकार!
- रोहित कुमार, दीपाली सिन्हा और पुरु शर्मा के बारे में सूचनाएं!
- आज के अखबार : रीएग्जाम के पर्चे लीक होने की खबरों पर एनटीए का दावा अमर उजाला में पहले पन्ने पर है
- आईएएस संजय प्रसाद को हाईकोर्ट से बैक-टू-बैक दूसरी फटकार!
- युवाओं का गुस्सा “ऑनलाइन” निकालने का एक साधन मात्र है कॉकरोच पार्टी!
- कॉकरोचों के मध्य कामरेड : दीपांकर भट्टाचार्य ऐसे ही हैं, उन्हें कुछ नहीं हुआ है!
- न्यूज इंडिया 24×7 हिंदी अब नए रूप में, कंटेंट से लेकर प्रोग्रामिंग तक बड़ा बदलाव!
- मालवीय नगर अग्निकांड: एक शेफ को सूली पर चढ़ाकर समूचे सिस्टम के गुनाहों पर पर्दा डाला जा रहा है!
- क्या भारत जनसंख्या विस्फोट से निकलकर अब जनसंख्या गिरावट के दौर में प्रवेश कर रहा है?
- टीवी9 भारतवर्ष के एग्जीक्यूटिव एडिटर गिरिजेश मिश्रा का निधन!
- आकाशवाणी की नब्बे वर्ष की गौरवशाली यात्रा के मौके पर महानिदेशक आकाशवाणी राजीव कुमार जैन से बातचीत!
- एंकर शुभम सिंह ने गुड न्यूज टुडे को कहा अलविदा!
- भारत एक्सप्रेस से विदा लेकर नेशन 27 से जुड़े पत्रकार रमेश कुमार सिंह!
- दस लाख रिश्वत ली, 47 लाख नकद बरामदगी हुई, लेकिन सजा की बजाय धुरंधर IAS धीमान चकमा को राजस्व विभाग में डिप्टी सेक्रेटरी की कुर्सी मिली!
- अंजना ओम कश्यप और टीवी टुडे ग्रुप पहुंचे हाईकोर्ट, खान सर, 4PM समेत 8 पर ठोका मुकदमा
- तेजी से आगे बढ़ रहा है ‘आज की खबर’ : 1.8 अरब से ज्यादा डिजिटल रीच और 3.6 मिलियन से ज्यादा सोशल मीडिया बेस!
- भड़ास पर खबर छपने के बाद दंड की जगह दागी अधिकारी बृजेश कश्यप को मिली ज़्यादा मलाईदार पोस्टिंग!
- काक्रोचों को बी टीम सी टीम साबित करने की इतनी जल्दी क्या है?
- औरैया में महिला ने जहर खाकर दी जान, पत्रकार पर रुपये ऐंठने और धमकाने का आरोप
- शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफ़ा दो, जंतर मंतर पर भारी मात्रा में जुटे काक्रोचों ने भरी हुँकार!
- आज के अखबार : प्रधानमंत्री ने कांग्रेसी CM बदलने का कारण जनआक्रोश बताया, अपने प्रधान पर चुप्पी साधे हैं
- यूपी के एक आईएएस और एक आईपीएस को हाईकोर्ट ने फटकारा!
- सीतापुर के मान्यता प्राप्त पत्रकार रोहित मिश्र का निधन!
- गंदा पानी पीकर 8 माह का बेटा बीमार, मीडिया ने भी मोड़ा मुंह : पानी संकट पर दिल्ली के एक पत्रकार की पीड़ा!



arun
April 30, 2016 at 6:50 am
सहारा मीडिया से बडी खबर। सहारा मीडिया कर्मियों में यह आग जंगल की तरह फैल गई कि उनके विभागीय हेड उपेंद्र राय ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। यह निर्णय उन्होंने तिहाड़ जेल में सहारा प्रमुख सुब्रतो राय से मुलाकात करने के बाद लिया। गौरतलब है कि सहारा मीडिया कई माह से वित्तीय संकट से जूझ रहा है ऐसे में प्रबंधन कई माह से वेतन नहीं दे रहा है, प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के कर्मचारियों ने कई बार काम रोका, अखबार का प्रकाशन कई दिनों तक बाधित रहा, गत सप्ताह भी लखनऊ में अखबार के कर्मचारियों ने हडताल की थी। हडताल तुडवाने के लिए प्रबंधन ने २८ अप्रैल को वेतन देने का वादा किया था। बताया जाता है कि इसी सिलसिले में उपेन्द्र सुब्रतो राय से मिलने गए थे। सहारा प्रमुख अपने स्रोतों से फंड की व्यवस्था करने पर अडे रहे इस पर उपेन्द्र ने हाथ खडे कर दिये।
BE-Sahara
April 30, 2016 at 4:22 pm
दिनांक 28 अप्रैल 2016 को सहारा मीडिया इंडिया में कार्यरत कर्मचारियों ने प्रबंधन को अपनी मांगों को लेकर एक पत्र दिया था, जिसमें वेतन संबंधी मांगें न माने जाने पर राष्ट्रीय सहारा (हिंदी दैनिक) व रोजनामा राष्ट्रीय सहारा (उर्दू) का 30 अप्रैल 2016 से अगले सात दिनों के लिए मास्टर एडिशन निकालने का निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया था।
सहारा मीडिया के कर्मचारियों ने वेतन संबंधी सभी मांगों को ठोस आधार प्रदान करने के लिए आज यानि 30 अप्रैल 2016 से अगले सात दिन तक के लिए मास्टर एडीशन निकालने का कार्य शुरू कर दिया है। राष्ट्रीय सहारा (हिंदी दैनिक) व रोजनामा राष्ट्रीय सहारा (उर्दू) का मास्टर एडिशन विज्ञापनों को ध्या।न में रखते हुए आवश्य कतानुसार कम से कम 14 पेज और अधिकतम 16 पेज का होगा।
कर्मचारियों की मांग है कि मार्च व अप्रैल माह 2016 की सैलेरी उन्हें आगामी सात दिनों के अंदर मिल जाए। इसके अलावा कर्मचारीगणों की यह मांग भी है कि उनकी विकट सामाजिक व घरेलू समस्यारओं को ध्याान में रखकर उनका अब तक का बकाया वेतन (बैकलॉग) का पोस्ट डेटेड चेक (पीडीसी) भी इन्हीं सात दिनों के भीतर उन्हें मिल जाए। उपरोक्ता मांगें पूरी न होने की स्थिति में कर्मचारी छह मई 2016 को अपने अगले कदम के बारे में सर्वसम्मति से निर्णय लेंगे।
kabeer
May 1, 2016 at 6:29 am
[b]अंधा बांटे रेवड़ी, अपने-अपने को दे[/b]
सहारा मीडिया में आजकल यही चल रहा है। कि अंधा बांटे रेवड़ी अपने-अपने को दे। उपेन्द्र राय भी किसी से कम नहीं हैं। उन्होंने भी अपने सहारा राज में अधिकारियों या यों कह सकते हैं कि अपने चमचों को खूब रेवडी बांटी हैं।
arun
May 1, 2016 at 5:15 pm
उपेंद्र राय के लिए खुला प्रस्ताव… उपेन्द्र राय (नाम के आगे आदरसूचक शब्द श्री लगाने के लिए मैं बाध्य नहीं हूं क्योंकि अब सहाराकर्मी नहीं रहा शिष्टाचार के नाते भी नहीं कि वे कभी शिष्ट रहे नहीं) ने इस्तीफा दिया या उनसे लिया गया फिलहाल इसे बहस या विवाद का मुद्दा नहीं बनाना चाहता। सिर्फ उन्हें एक सलाह देना चाहता हूं वो भी बिल्कुल मुफ्त की। फिर आज मेरी और उपेन्द्र की स्थिति एक जैसी है। वो भी सहारा में नहीं हैं और मैं भी । यानी मैं और उपेंद्र चोर चोर मौसेरे भाई हुए। आज हम दोनों सडक पर हैं। अब यह अलग बात है कि मुझे उनके ही कार्यकाल में मुझे २४ साल की नियमित सेवा के सडक पल लाया गया। एक कहावत है कि ” घायल की गति घायल जाने” इसलिए भी मुझे उपेंद्र से हमदर्दी है। फिर काफी समय तक राष्ट्रीय सहारा लखनऊ में मैं था और उन्होंने वहीं से अपने पत्रकारिता जीवन की शुरुआत की थी। हर नए लडके की तरह उनमें भी स्थापित होने की छटपटाहट थी। स्थापित होने के लिए वे उसी तरह हाथ पांव मार रहे थे जैसे कोई डूबता हुआ व्यक्ति किनारे आने के लिए हाथ पांव मारता है, प्रसंगवश उनको स्थापित करने में सर्वश्री हेमंत शुक्ल, योगेश मिश्रा और राजेंद्र द्विवेदी का बहुत बडा योगदान रहा है। उनको स्थापित करने/ कराने में मेरा प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप में कोई योगदान नहीं रहा है। बस कभी एक सहकर्मी रहने के नाते ही यह सलाह है। सलाह यह है कि वे सारे किंतु परंतु को ताक पर रखकर अपने हक की लडाई लडें, वे नियमित कर्मचारी हैं और काफी पुराने भी। आखिर किसी भी कर्मचारी को कोई संस्थान हटा कैसे सकता है या इस्तीफा देने को कैसे कह सकता है? अखबार है कोई खाला जी का घर तो है नहीं ” मालिक कह दे कि भैया अब आप इस्तीफा दे दो”। क्यों दे दें ? फिर किसी को भी इस्तीफा देने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। हाँ अगर उन्होंने अति उत्साह में भावुकता में या नैतिकता से प्रेरित होकर अपना इस्तीफा दिया हो तो भी वे कानून की शरण में जा सकते हैं । वे कानूनन के दायरे में रहते हुए भी कह सकते हैं कि ” उनसे दबाव में इस्तीफा लिखवाया गया। अब पुलिस की पिटाई के बाद अपराधी अपना जुर्म कबूल करता है लेकिन अदालत में अपने बयान से मुकर जाता है तो उपेंद्र भाई कोई अपराधी हैं क्या? मैं उपेन्द्र भाई को अपराधी नहीं मानता बावजूद इसके कि उनके कार्यकाल में ही मैं २४ साल की नियमित सेवा के बाद बिना आरोप के बिना जांच के निकाल दिया गया। अब बात मुद्दे की। उपेंद्र जी के लिए प्रस्ताव है अब वे आंदोलनकारियों के पाले में आयें और उनके हक की लडाई में शामिल हों। आखिरकार उन्हें भी उन्हें भी तो महीनों से पगार नहीं मिली होगी, उनका भी तो डीए दो तीन साल से शून्य होगा। उनका भी पीएफ का शेयर मालिकानों ने जमा नहीं किया होगा। रही बात आंदोलनकारियों और निकले गए कर्मचारियों के गुस्से कि तो सरकारी गवाह बन जाने पर सरकार का रवैया भी लचीला हो जाता है सो कर्मचारी भी आपके सारे गुनाह माफ कर देंगे फिर आप कोई स्वतंत्र मिश्र तो हुए नहीं।
आपका
शुभचिंतक
अरुण
राष्ट्रीय सहारा से निकाला गया कर्मचारी