लंबे समय के जद्दोजहद के बाद उपेंद्र राय ने इस्तीफा दे दिया. बात वही थी. सुब्रत राय फंड रिलीज नहीं कर रहे थे और कर्मचारियों की सेलरी की डिमांड बढ़ती जा रही थी. ऐसे में उपेंद्र राय भाग गया. ग्रुप एडिटर इन चीफ और ग्रुप सीईओ के दोनों पदों से इस्तीफा दे दिया है. सहारा के उच्च पदों पर आसीन लोगों ने इस खबर को कनफर्म किया है. यह भी बताया जा रहा है कि अभिजीत सरकार को अब सहारा मीडियाा की भी पूरी जिम्मेदारी दे दी गई है.
In this article:resign, sahara, sahara media, saharanpur, upendra rai
4 Comments
4 Comments
Leave a Reply
Cancel reply
Leave a Reply
भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team
भड़ास मेल: [email protected]
Latest 100 भड़ास
- दैनिक भास्कर समूह (DB Corp) और रिपब्लिक बांग्ला से एक साथ चार बड़ी सूचनाएं!
- आज के अखबार : डबल इंजन वाली दिल्ली NCR का बरसाती हाल हिन्दुस्तान टाइम्स और नवोदय टाइम्स में
- दैनिक जागरण जालंधर के वरिष्ठ पत्रकार राजेश सोनकर नहीं रहे!
- प्लॉट कब्जा कर मांगी सात लाख की रंगदारी, यू-ट्यूबर समेत 10 पर FIR
- केंद्र का दावा : पत्रकार कल्याण योजना से 456 पत्रकारों के परिवारों को मिली ₹19.41 करोड़ की मदद
- पंजाब केसरी के विज्ञापन का रुपया पी गया आगरा का एडवरटाइजर्स, कोर्ट पहुंचा मामला!
- नेहा की इस तस्वीर को संभाल कर रख लीजिएगा, हो सकता है कुछ साल बाद आपको इसकी कीमत समझ आए!
- लखनऊ कानपुर एक्सप्रेसवे लीक होने के बाद जैन बंधुओं की PNC का एक और गुनाह पढ़िए!
- विधान परिषद प्रमुख सचिव की भर्ती शुरू, राजेश सिंह की विदाई तय, प्रदीप दुबे कब जाएंगे?
- यूट्यूब पर कांग्रेस का दबदबा बीजेपी से आगे बढ़ता ही जा रहा है!
- राष्ट्रीय सहारा देहरादून का दफ्तर भी सील किया गया!
- बॉम्बे हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: अधिवक्ता विशाल कृष्णा की दमदार पैरवी से कोर्ट में दैनिक भास्कर चारों खाने चित, पढ़ें आदेश
- जो डरपोक कायर और घटिया लोग होते हैं वही स्त्री को इस तरह बेइज्जत करते हैं- यशवंत
- स्याही फेंकने वाले स्याही और गोबर को एक बराबर ही मानते हैं!
- आज के अखबार : राज्यसभा में गृहमंत्री की उपस्थिति पर सभापति ने जो कहा कइयों के लिए ‘खबर’ नहीं
- मुख्यमंत्री तक पहुँचा ‘एक देश-एक पत्रकार पहचान’ का मुद्दा!
- जी मीडिया में कई पदों पर मीडिया प्रोफेशनल्स की जरूरत!
- राहुल का कुत्ता, मोदीजी का हैंडलूम पर वीडियो, मोहन भागवत की जेनजी चर्चा …रील युग में सब बदल रहा है भाई!
- इन दो महिला पत्रकारों ने पीटीआई और डीडी न्यूज़ से शुरू की नई पारी!
- ‘अलीगढ़ मीडिया’ और ‘चम्पारण नीति’ नामक ब्लॉग को ब्लॉगर ने बिना चेतावनी बंद कर दिया, रिप्लाई पढ़ें!
- एआई कंपनियां विनाशकारी स्कैनिंग प्रक्रिया के लिए छपी हुई किताबें बड़ी मात्रा में खरीद रही हैं!
- ‘स्नोपियर्सर’ फिल्म : क्रांति के बाद सत्ता जिनके हाथ में जाती है, वे अक्सर पुराने शासकों से भी गए-गुजरे होते हैं!
- फेसबुक वाले ज़ुकरबर्ग की माफी : लोकतंत्र में नियम प्रधानमंत्री के वीडियो से शुरू होकर प्रधानमंत्री के वीडियो पर समाप्त नहीं हो सकते!
- गरीबों के अर्णब गोस्वामी कहे जाने वाले अमिश देवगन देश के एक तबके लिए अफीम की डली थे!
- The Economist में राम मंदिर चढ़ावा चोरी की खबर में पत्रकार अभिषेक उपाध्याय और ‘Top Secret’ का जिक्र!
- रांगेय राघव की यह किताब पढ़कर मुझे नाथ संप्रदाय के बारे में एक बिल्कुल नई दृष्टि मिली!
- भारत एक्सप्रेस और सत्य हिंदी में मीडियाकर्मियों के लिए वैकेंसी!
- ये तो पक्का है कि अमिश गोदी चैनल पर ही जाएंगे और वहीं करेंगे, जो करते आए हैं!
- तरुण तेजपाल : अंदर की कहानी क्या है?
- माताजी का डर, यक्ष एप का भूत और गाजीपुर पुलिस की बदतमीजी!
- मेट्रो अस्पताल नोएडा ने बताया 25 लाख का खर्च, एम्स में एक लाख में हुआ इलाज!
- सफलता और मौत : डॉक्टरी की सबसे बड़ी डिग्री पाने वाली प्रीति कश्यप का भरी जवानी में किडनी फेल से निधन, उनका छह साल पहले लिखा पढ़ें!
- चढ़ावा चोरों को इतना तो पक्का भरोसा है कि उस मूर्ति में कोई ईश्वर नहीं है!
- तहलका के पूर्व संपादक तरुण तेजपाल पर वज्रपात, यौन उत्पीड़न मामले में निचली अदालत का बरी करने वाला फैसला पलटा, हाईकोर्ट ने सुनाई 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा
- TV9 भारतवर्ष में सोशल मीडिया प्रोफेशनल की वैकेंसी!
- आज के अखबार : ‘मेटा ने माफी मांगी’ को टाइम्स ऑफ इंडिया ने लीड बनाया है, अमर उजाला का क्या बताऊं?
- एथनॉल मंत्री गडकरी के बेटे सारंग की दारू ज्यादा बिके इसके लिए कई रम ब्रांड्स पर लगा बैन!
- HNN News पर कर्मचारियों को बिना वेतन और नोटिस हटाने का आरोप!
- विदेशी मीडिया की कवरेज पर पाकिस्तान ने लगाई पाबंदी!
- हिंदुस्तान छोड़कर दैनिक जागरण पहुंचे आशीष देव मिश्रा
- क्या ‘लवणेन भोज्यं’ की व्याख्या बना अमिश देवगन को चैनल से निकाले जाने की वजह?
- एक दो नहीं पूरे 84 जगह धंसा ₹4,700 करोड़ का लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे, मालामाल होता रहा जैन परिवार!
- गोदी मीडिया इन दो वजहों से झारखंड छात्र प्रदर्शन कवर करने गया है!
- जन्मदिन विशेष : आज तक हैरान होता हूँ, वीरेनदा एक ही जीवन में इस सब को कैसे सलीके से निभा ले गए!
- स्मृति आयोजन : जीवन कैसा होना चाहिए? का जवाब है- वीरेन डंगवाल जी जैसा!
- लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का घटिया निर्माण करने वाली जिस बीजेपी सांसद की PNC इंफ्राटेक को ब्लैकलिस्ट किया गया है, उसे ही ₹3,483 करोड़ का नया ठेका भी मिला है!
- यदि प्रदीप दुबे किसी पद पर नहीं हैं तो सतीश महाना और सुरेश खन्ना योगी जी को लेकर दुबे का नाम लिखे पत्थर का उद्घाटन क्यों करवा रहे हैं?
- सत्ता का अघोषित प्रवक्ता और गोदी एंकर अमीष देवगन इस चैनल या उस चैनल में रहे, क्या फ़र्क़ पड़ता है!
- कानपुर–लखनऊ एक्सप्रेस वे धंसने पर NHAI का एक्शन, प्रदीप जैन की कंपनी PNC नॉन परफॉर्मर घोषित, टोल वसूली रुकी!
- आज के अखबार : E20 पर ‘आप’ का धरना, प्रदर्शन और मार्च तथा SIAM की चिट्ठी पर ‘खबर’ का कचरा करना
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के सरकारी कार्यक्रमों में लगाई गई 554 रोडवेज बसों का भुगतान लटका, देखें पत्र
- आउटलुक से अलग हुए देवब्रत दत्ता, गाँव कनेक्शन से जुड़े अभिषेक पांडेय!
- एबीपी न्यूज़ से एंकर महिमा कंवर की धमाकेदार शुरुआत!
- साधना ग्रुप पर ED का शिकंजा, दिल्ली-नोएडा-भोपाल समेत 10 ठिकानों पर छापेमारी!
- पत्रकार सरिता राव की टाइम्स इंटरनेट से नई पारी!
- न्यूज़ एजेंसी पीटीआई को किस बात पर प्रियंक खरगे से माफी मांगनी पड़ी?
- ‘मेरी माँ मेरी गैंगस्टर’ : अंग्रेजी लेखिका की किताब का हिंदी में जैसा स्वागत हो रहा है वह अतुलनीय है!
- पूर्व केंद्रीय मंत्री के साथ अतीक अहमद की एआई जेनरेटेड तस्वीर पर हाईकोर्ट सख्त, मेटा को कंटेंट हटाने का आदेश!
- अमर उजाला में बड़ा संपादकीय फेरबदल, किसे कहां भेजा गया पढ़ें!
- गोदी मीडिया के जमाने में विश्वसनीय खबरों के लिए ‘भड़ास’ के अलावा और किन पर भरोसा करते हैं वरिष्ठ पत्रकार अमरेंद्र राय, देखें लिस्ट
- वरिष्ठ पत्रकार वाशिंद्र मिश्र ने चार महीने में ही छोड़ा न्यूज इंडिया 24×7
- सांसद पप्पू यादव ने दीपक चौरसिया को भेजा ₹10 करोड़ का मानहानि नोटिस!
- आज के अखबार : बांकीपुर में भाजपा की हार, PM का सवाल, ‘ईवीएम जिन्दा है कि मर गया’ की याद दिलाता है
- प्रभात खबर से जुड़े नवीन शर्मा, जी समूह में प्रशांत शेट्टी की नियुक्ति!
- प्रेस कॉन्फ्रेंस में SP सिटी ने कहा “Get Out” तो इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंच गया पत्रकार!
- पीओके की कवरेज दिखाने पर ‘अल जज़ीरा’ को पाकिस्तान ने बैन कर दिया!
- दिल्ली विस्फोटों से जुड़ी खबर शेयर करने पर पूर्व संपादक का फेसबुक अकाउंट बंद, अब केरल हाईकोर्ट का आदेश पढ़िए!
- इकोनॉमिक टाइम्स से अरुण पद्मनाभन और रायटर्स से निखिन की नई पारी
- पिछले दो सालों से मीडिया में लगातार छंटनियों का दौर जारी है!
- यौन उत्पीड़न के आरोपों पर तीन साल पहले सवाल पूछा तो बृजभूषण शरण सिंह ने मेरा माइक तोड़ा था, अब भी उनका अहंकार गया नहीं- तेजश्री पुरंदरे
- बेनेट कोलमैन समूह में इस बड़े पद पर नोनिता कालरा की एंट्री!
- वो समय दूर नहीं जब सत्ता से सवाल पूछने पर उपद्रवी मीडिया संस्थानों और स्टूडियो तक पहुंच जाएंगे- गरिमा सिंह
- दैनिक भास्कर की इस रिपोर्टर ने पूरे विश्वास के साथ कहा था कि ‘PK’ जीत रहे हैं सर!
- कोबरापोस्ट का खुलासा: कमला पसंद समूह के चौरसिया परिवार को हुआ ₹52.45 करोड़ का भुगतान!
- कोबरापोस्ट ने DLF के ₹10 करोड़ की एडवांस राशि पर ₹52.45 करोड़ देने का सीक्रेट खोला!
- स्वतंत्र पत्रकार को धमका रहे भाजपा विधायक महेश जीना की भाषा देखिए!
- बांकीपुर ने जंगलराज 2.0 को रिजेक्ट किया है!
- आज के अखबार : युवाओं से जूझने के लिए PM ने नशा मुक्ति की बात की, इंडियन एक्सप्रेस ने लंबित मामलों की
- ज़ी एंटरटेनमेंट पर SEBI की बड़ी कार्रवाई: दो महीने का मार्केट बैन, सुभाष चंद्रा और पुनीत गोयनका एक साल के लिए प्रतिबंधित!
- NBDA में नेटवर्क18 का प्रतिनिधित्व करेंगी क्षिप्रा जटाना, राहुल जोशी इस भूमिका में रहेंगे!
- मोदी को लेकर टाइम पत्रिका ने दुनिया को वो सब भी बता दिया जो बताने में भारतीय मीडिया शरमा रहा था!
- Firstpost से जुड़े अब्बास मेहदी, इरफान आलम ने WION जॉइन किया
- जब मैं बीबीसी हिंदी से रोते हुए बाहर आया था!
- गालियां स्ट्रेस बस्टर भी होती हैं; लेकिन ये एक शोध का विषय है कि गाली.. कहाँ, कब और किसे देनी चाहिए!
- मुद्रास्फीति है काबू में तो महंगाई डायन क्यों बनी हुई है!
- इंटरव्यू | विवेक शुक्ला : मैं सात जन्म भी पत्रकारिता ही करना चाहूंगा!
- आज के अखबार:अनुकूल नैरेटिव सेट करने की कोशिश में प्रधानमंत्री युवाओं से तरह-तरह से जूझ रहे हैं!
- बरेली के पत्रकार ने झूठे आरोपों में फंसाने और जान से मारने की धमकी का आरोप लगाकर एसएसपी को सौंपा प्रार्थना पत्र!
- भारत अपडेट में आशुतोष मिश्रा बने यूपी के एग्जीक्यूटिव एडिटर
- भड़ास में खबर छपने के बाद बीबीसी इंडिया से इकबाल का इस्तीफा वापस; ये पाँच बड़े अपडेट पढ़िए!
- द लल्लनटॉप से प्रशांत सिंह ने अपनी 4 साल की पारी का चैप्टर क्लोज किया!
- इराक़ में हालिया विस्फोटों के बीच ‘आज की खबर’ की ग्राउंड रिपोर्टिंग, देखें वीडियो
- आपकी अमित शाह से क्या डील हुई है? भरे सभागार में पत्रकार नवीन कुमार ने पूछा! देखें वीडियो
- 15 वर्षीय लड़की से “एकाउंटेबिलिटी” माँग रहे सुधीर चौधरी ने दिल्ली में एक सरकारी टीचर की चरित्र हत्या भी की थी!
- आरएसएस और बीजेपी बीट पर गज़ब पकड़ रखने वाले वरिष्ठ पत्रकार नदीम अंसारी का निधन!
- एंकर पूजा यादव होंगी भारत24 की नई पॉलिटिकल एडिटर!
- सोलह बरस का हुआ “आज की खबर” न्यूज़ चैनल, देखें जश्न की तस्वीरें
- आज के अखबार : गालियों और जख्मी ‘पुलिसियों’ से बदनाम नहीं कर पाए, बात नहीं बनी, ‘माफ’ कर दिया!
- आईएएस रिंकू राही को यह भी स्मरण रखना चाहिए कि वे कोई काल्पनिक नायक या फैंटम नहीं हैं!
- यूपी विधानसभा प्रमुख सचिव प्रदीप दुबे के बाद विधान परिषद के प्रमुख सचिव राजेश सिंह की नियुक्ति और सेवा विस्तार पर सवाल!



arun
April 30, 2016 at 6:50 am
सहारा मीडिया से बडी खबर। सहारा मीडिया कर्मियों में यह आग जंगल की तरह फैल गई कि उनके विभागीय हेड उपेंद्र राय ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। यह निर्णय उन्होंने तिहाड़ जेल में सहारा प्रमुख सुब्रतो राय से मुलाकात करने के बाद लिया। गौरतलब है कि सहारा मीडिया कई माह से वित्तीय संकट से जूझ रहा है ऐसे में प्रबंधन कई माह से वेतन नहीं दे रहा है, प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के कर्मचारियों ने कई बार काम रोका, अखबार का प्रकाशन कई दिनों तक बाधित रहा, गत सप्ताह भी लखनऊ में अखबार के कर्मचारियों ने हडताल की थी। हडताल तुडवाने के लिए प्रबंधन ने २८ अप्रैल को वेतन देने का वादा किया था। बताया जाता है कि इसी सिलसिले में उपेन्द्र सुब्रतो राय से मिलने गए थे। सहारा प्रमुख अपने स्रोतों से फंड की व्यवस्था करने पर अडे रहे इस पर उपेन्द्र ने हाथ खडे कर दिये।
BE-Sahara
April 30, 2016 at 4:22 pm
दिनांक 28 अप्रैल 2016 को सहारा मीडिया इंडिया में कार्यरत कर्मचारियों ने प्रबंधन को अपनी मांगों को लेकर एक पत्र दिया था, जिसमें वेतन संबंधी मांगें न माने जाने पर राष्ट्रीय सहारा (हिंदी दैनिक) व रोजनामा राष्ट्रीय सहारा (उर्दू) का 30 अप्रैल 2016 से अगले सात दिनों के लिए मास्टर एडिशन निकालने का निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया था।
सहारा मीडिया के कर्मचारियों ने वेतन संबंधी सभी मांगों को ठोस आधार प्रदान करने के लिए आज यानि 30 अप्रैल 2016 से अगले सात दिन तक के लिए मास्टर एडीशन निकालने का कार्य शुरू कर दिया है। राष्ट्रीय सहारा (हिंदी दैनिक) व रोजनामा राष्ट्रीय सहारा (उर्दू) का मास्टर एडिशन विज्ञापनों को ध्या।न में रखते हुए आवश्य कतानुसार कम से कम 14 पेज और अधिकतम 16 पेज का होगा।
कर्मचारियों की मांग है कि मार्च व अप्रैल माह 2016 की सैलेरी उन्हें आगामी सात दिनों के अंदर मिल जाए। इसके अलावा कर्मचारीगणों की यह मांग भी है कि उनकी विकट सामाजिक व घरेलू समस्यारओं को ध्याान में रखकर उनका अब तक का बकाया वेतन (बैकलॉग) का पोस्ट डेटेड चेक (पीडीसी) भी इन्हीं सात दिनों के भीतर उन्हें मिल जाए। उपरोक्ता मांगें पूरी न होने की स्थिति में कर्मचारी छह मई 2016 को अपने अगले कदम के बारे में सर्वसम्मति से निर्णय लेंगे।
kabeer
May 1, 2016 at 6:29 am
[b]अंधा बांटे रेवड़ी, अपने-अपने को दे[/b]
सहारा मीडिया में आजकल यही चल रहा है। कि अंधा बांटे रेवड़ी अपने-अपने को दे। उपेन्द्र राय भी किसी से कम नहीं हैं। उन्होंने भी अपने सहारा राज में अधिकारियों या यों कह सकते हैं कि अपने चमचों को खूब रेवडी बांटी हैं।
arun
May 1, 2016 at 5:15 pm
उपेंद्र राय के लिए खुला प्रस्ताव… उपेन्द्र राय (नाम के आगे आदरसूचक शब्द श्री लगाने के लिए मैं बाध्य नहीं हूं क्योंकि अब सहाराकर्मी नहीं रहा शिष्टाचार के नाते भी नहीं कि वे कभी शिष्ट रहे नहीं) ने इस्तीफा दिया या उनसे लिया गया फिलहाल इसे बहस या विवाद का मुद्दा नहीं बनाना चाहता। सिर्फ उन्हें एक सलाह देना चाहता हूं वो भी बिल्कुल मुफ्त की। फिर आज मेरी और उपेन्द्र की स्थिति एक जैसी है। वो भी सहारा में नहीं हैं और मैं भी । यानी मैं और उपेंद्र चोर चोर मौसेरे भाई हुए। आज हम दोनों सडक पर हैं। अब यह अलग बात है कि मुझे उनके ही कार्यकाल में मुझे २४ साल की नियमित सेवा के सडक पल लाया गया। एक कहावत है कि ” घायल की गति घायल जाने” इसलिए भी मुझे उपेंद्र से हमदर्दी है। फिर काफी समय तक राष्ट्रीय सहारा लखनऊ में मैं था और उन्होंने वहीं से अपने पत्रकारिता जीवन की शुरुआत की थी। हर नए लडके की तरह उनमें भी स्थापित होने की छटपटाहट थी। स्थापित होने के लिए वे उसी तरह हाथ पांव मार रहे थे जैसे कोई डूबता हुआ व्यक्ति किनारे आने के लिए हाथ पांव मारता है, प्रसंगवश उनको स्थापित करने में सर्वश्री हेमंत शुक्ल, योगेश मिश्रा और राजेंद्र द्विवेदी का बहुत बडा योगदान रहा है। उनको स्थापित करने/ कराने में मेरा प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप में कोई योगदान नहीं रहा है। बस कभी एक सहकर्मी रहने के नाते ही यह सलाह है। सलाह यह है कि वे सारे किंतु परंतु को ताक पर रखकर अपने हक की लडाई लडें, वे नियमित कर्मचारी हैं और काफी पुराने भी। आखिर किसी भी कर्मचारी को कोई संस्थान हटा कैसे सकता है या इस्तीफा देने को कैसे कह सकता है? अखबार है कोई खाला जी का घर तो है नहीं ” मालिक कह दे कि भैया अब आप इस्तीफा दे दो”। क्यों दे दें ? फिर किसी को भी इस्तीफा देने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। हाँ अगर उन्होंने अति उत्साह में भावुकता में या नैतिकता से प्रेरित होकर अपना इस्तीफा दिया हो तो भी वे कानून की शरण में जा सकते हैं । वे कानूनन के दायरे में रहते हुए भी कह सकते हैं कि ” उनसे दबाव में इस्तीफा लिखवाया गया। अब पुलिस की पिटाई के बाद अपराधी अपना जुर्म कबूल करता है लेकिन अदालत में अपने बयान से मुकर जाता है तो उपेंद्र भाई कोई अपराधी हैं क्या? मैं उपेन्द्र भाई को अपराधी नहीं मानता बावजूद इसके कि उनके कार्यकाल में ही मैं २४ साल की नियमित सेवा के बाद बिना आरोप के बिना जांच के निकाल दिया गया। अब बात मुद्दे की। उपेंद्र जी के लिए प्रस्ताव है अब वे आंदोलनकारियों के पाले में आयें और उनके हक की लडाई में शामिल हों। आखिरकार उन्हें भी उन्हें भी तो महीनों से पगार नहीं मिली होगी, उनका भी तो डीए दो तीन साल से शून्य होगा। उनका भी पीएफ का शेयर मालिकानों ने जमा नहीं किया होगा। रही बात आंदोलनकारियों और निकले गए कर्मचारियों के गुस्से कि तो सरकारी गवाह बन जाने पर सरकार का रवैया भी लचीला हो जाता है सो कर्मचारी भी आपके सारे गुनाह माफ कर देंगे फिर आप कोई स्वतंत्र मिश्र तो हुए नहीं।
आपका
शुभचिंतक
अरुण
राष्ट्रीय सहारा से निकाला गया कर्मचारी