मनीष पांडे-
चचा शिवपाल सिंह यादव के सवाल तो वाजिब हैं? क्या इसका जवाब सत्ता परिवर्तन ही है अथवा विपक्ष के इन सवालों का जवाब देगा कोई? पर यहाँ तो प्रथा चल गई है तुम पूछते रहो सवाल हम जवाब ही नहीं देंगे, हम अपनी धुन में मस्त रहेंगे क्योंकि हमें चुनाव थोड़े ही लड़ना है, लड़ेगी तो पार्टी नहीं तो हमें क्या हमें तो बने रहना है साठ सालों तक अपनी कुर्सियों पर.
अभिषेक उपाध्याय-
सूत्र बताते हैं कि मुख्यमंत्री जी विधानसभा सत्र के पहले रोज़ विधायकों की बैठक में बड़े व्यथित नज़र आ रहे थे।
उन्होंने इशारों इशारों में मंत्रियों और विधायकों का जिक्र करके कहा कि तुम लोग सरकार के खिलाफ धरना दे रहे हो। विपक्ष की पिच पर खेल रहे हो। उसे मौका दे रहे हो। आउट हो जाओगे।
सूत्र ये भी बता रहे हैं कि इसे सुनते हुए कई विधायकों और मंत्रियों के चेहरे पर कैडबरी की डेयरी मिल्क चॉकलेट खाते हुए बच्चों सरीखी मुस्कान थी।
वे आपस में फुसफुसाते पाए गए कि हुजूर ज़िल्ल-ए-इलाही ये आपके ही काम करने का तरीका है जिसके चलते ये नौबत आ रही है।
ये तो आपकी खुशनसीबी है कि इतना सब होने के बावजूद हम सावित्री व्रत कथा का पाठ करते हुए शांत हैं, वरना जिस दिन हमने दुर्गा सप्तशती पढ़नी शुरू कर दी, आप अपनी ही पिच पर हिट विकेट आउट हो जाओगे!!!
समाजवादी पार्टी मीडिया सेल की तरफ से कानून व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल उठाया गया है-
भाजपा सरकार में कानून व्यवस्था ही नकली चल रही? नोएडा में पूरा नकली थाना चल रहा था जिसमें वसूली हो रही थी, ये बिना किसी भाजपा नेता या बड़े अधिकारी की संलिप्तता के बिना संभव ही नहीं था, जब आपसी लेन देन की बात बिगड़ी होगी तभी ये खुलासा हुआ।
ऐसे ना जाने कितने नकली दफ्तर, नकली काम भाजपा सरकार में बदस्तूर सत्ता के संरक्षण में चल रहे हैं जिनसे अवैध वसूली करके भाजपाई अपनी जेबें भर रहे हैं।
भाजपा शासित योगी आदित्यनाथ जी की सरकार में स्वास्थ्य सेवाओं की क्या दुर्दशा क्या बुरे हालात हैं और लोग कैसे अपनी जान गंवा रहे हैं ये सबके सामने है।
ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी और विकास के दावों की साढ़े 8 साल की भाजपाई योगी राज की सच्चाई सामने आ चुकी है तो वर्तमान सत्ताधारी भाजपा नेता और मुख्यमंत्री बौखलाए हुए हैं और जमकर झूठ पर झूठ बोलकर जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं लेकिन समाजवादी पार्टी जनहित में इन सत्ताधारियों से सवाल जरूर पूछेगी।



