राजकेश्वर सिंह-
विजय राय मेरे जिगरी दोस्त थे। शुरू से ही सहारा ग्रुप से जुड़े रहे। वे राष्ट्रीय सहारा के ग्रुप एडीटर थे।मैं गवाह हूँ कि तत्कालीन उप राष्ट्रपति भैरोसिंह शेखावत उनको बहुत स्नेह करते थे। कई बार हल्की-फुल्की बात भी उनसे कर लेते थे।
विजय दिल्ली में मेरे साथ हमेशा इस तरह खड़े रहे कि बग़ैर मेरे कुछ कहे ही वह मेरे लिए सब कुछ करने को तत्पर रहते थे। ऊषा श्रीवास्तव, विजय और हमारी एक अलग तिकड़ी थी। अमर सिंह के राजनीतिक मामलों को देखने वाले और एक समय उनके राजदार रहे प्रदीप कपूर भी उस तिकड़ी के हिस्सा थे।
ऊषा जी भी बहुत कम उम्र में हम लोगों को कई बरस पहले छोड़कर जा चुकी थीं। बाद में प्रदीप कपूर भी चले गये और अब विजय का जाना बड़ा झटका है।
जिन दिनों अमर सिंह की समाजवादी पार्टी तूती बोलती थी, उन दिनों उनसे हुई कुछ असहज बातचीत के कई मौकों के गवाह विजय रहे हैं।
शुरुआती दिनों में जब मैं दिल्ली में कार नहीं रखता था, तब विजय कई बार ज़रूरत होने पर भोर में भी अक्षरधाम मोड़ पर मेरे लिए कार लिए खड़े रहते थे, तब मैं पटपड़गंज में रहता था। कई बीट पर हमने साथ रिपोर्टिंग की।
विजय बेहद नेक, ज़िंदादिल इंसान थे। उनके जैसे दोस्त विरले होते हैं। वे हम सबको हमेशा बहुत याद आयेंगे।उनका जाना हमेशा सालता रहेगा।
विनम्र श्रद्धांजलि दोस्त।

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संजय राय-
राष्ट्रीय सहारा समूह से जुड़े वरिष्ठ पत्रकार विजय राय का कैंसर की बीमारी से दुखद निधन हो गया। मुंबई के टाटा कैंसर हॉस्पिटल में उनका इलाज चल रहा था। विजय राय मेरे बड़े भाई जैसे थे। शुद्ध रूप से पत्रकार।

राष्ट्रपति भवन, संसद भवन, पीएमओ समेत कई बीट की रिपोर्टिंग हमने साथ साथ की है, जिसकी अनेक मधुर स्मृतियां हैं। निधन की खबर सुनकर हृदय पीड़ा से भर गया। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे और परिवार के सदस्यों को यह दुख सहने की शक्ति दे। ओम शांति!


