Connect with us

Hi, what are you looking for?

सियासत

मोदी की महत्वाकांक्षी ‘ग्राम ज्योति योजना’ के लिए मिले धन का जमकर हो रहा बंदरबांट!

ग्राम ज्योति योजना पर केंद्र और उप्र सरकारें आमने सामने : दिल्ली से मात्र तीन घंटे की दूरी पर स्थित हाथरस के गाँव फ़तेला में 70 साल बाद पहली बार बिजली पहुंची। लालकिले की प्राचीर से प्रधानमन्त्री की इस घोषणा के तत्काल बाद उठा विवाद अभी थमने का नाम नही ले रहा। आज स्थिति ये है कि केंद्र और उ0प्र0 सरकारे अपनी अपनी नौकरशाही के साथ आरोपों की तोपें ताने आमने सामने खड़ी नजर आरही हैं। उ0प्र0 में आसन्न चुनावों के मद्देनजर दोनों ही सरकारों की समर्थक राजनैतिक पार्टियां भी अपनी अपनी सरकारों के समर्थन में लामबंद होने की तैयारियां कर रही हैं। प्रधानमन्त्री की उक्त घोषणा के तत्काल बाद डीवीवीएनएल (दक्षिणांचल विद्युत् वितरण निगम लि0) के महाप्रबन्धक, आगरा की यह टिप्पणी, कि गाँव फ़तेला तो पिछले 30 सालों से रोशन है, प्रधानमन्त्री की साख पर एक काले धब्बे की तरह चिपक गयी है।

ग्राम ज्योति योजना पर केंद्र और उप्र सरकारें आमने सामने : दिल्ली से मात्र तीन घंटे की दूरी पर स्थित हाथरस के गाँव फ़तेला में 70 साल बाद पहली बार बिजली पहुंची। लालकिले की प्राचीर से प्रधानमन्त्री की इस घोषणा के तत्काल बाद उठा विवाद अभी थमने का नाम नही ले रहा। आज स्थिति ये है कि केंद्र और उ0प्र0 सरकारे अपनी अपनी नौकरशाही के साथ आरोपों की तोपें ताने आमने सामने खड़ी नजर आरही हैं। उ0प्र0 में आसन्न चुनावों के मद्देनजर दोनों ही सरकारों की समर्थक राजनैतिक पार्टियां भी अपनी अपनी सरकारों के समर्थन में लामबंद होने की तैयारियां कर रही हैं। प्रधानमन्त्री की उक्त घोषणा के तत्काल बाद डीवीवीएनएल (दक्षिणांचल विद्युत् वितरण निगम लि0) के महाप्रबन्धक, आगरा की यह टिप्पणी, कि गाँव फ़तेला तो पिछले 30 सालों से रोशन है, प्रधानमन्त्री की साख पर एक काले धब्बे की तरह चिपक गयी है।

फ़तेला गाँव के विद्युतीकरण को लेकर उठे विवाद से उ0प्र0 सरकार और उसकी शीर्ष नौकरशाही, डिस्कॉम कम्पनियाँ, गाँवों में बिजली पहुंचाने के लिए सारा तामझाम खड़ा करने वाली निजी कम्पनियाँ,  जिले में तैनात विद्युत् विभाग के अधिकारियों, विद्युत् सुरक्षा निगम से लेकर केंद्र सरकार के उपक्रम रूरल एलेक्टरफिकेशन कारपोरेशन (REC) तक सब की कार्यप्रणाली पर बहुत बड़ा प्रश्नचिन्ह लग गया है। लगता है कोई अकेला दोषी नही है जिसकी गर्दन सीधे सीधे हाथ में आजाये। घोर लापरवाही तो बरती ही गयी है। क्या देश के हर गाँव को अन्धेरा मुक्त बनाने की नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी इस योजना के लिए केंद्र सरकार जिस तरह खुले दिल से धन अवमुक्त कर रही है, उसका बन्दर बाँट भी हो रहा है? कितने धन का बंदरबांट हुआ?  यह तो उच्च स्तरीय जांच के बाद ही पता चलेगा। विदित है कि केंद्र हजारों करोड़ रूपये इस योजना पर खर्च कर रहा है। पूरा का पूरा पैसा बिना किसी बंदरबांट के जनकल्याण में लग जाए ! भले ही यह सच हो, पर आम जन तो इस पर कतई यकीन करने को तैयार नहीं होगा।

Advertisement. Scroll to continue reading.

केंद्र सरकार की तरफ से ऊर्जामंत्री पीयूष गोयल भी तुरंत डैमेज कंट्रोल करने में जुट गए हैं। उन्होंने भारत सरकार के उपक्रम आरईसी को डिवीवीएनएल आगरा के महाप्रबंधक को पत्र लिख कर, उनके विरोधाभासी बयान पर तीन दिन में स्पष्टीकरण मांगने को कहा है।  जिसके अनुपालन में आरईसी के सहायक जनरल मैनेजर ने  दि0 17 अगस्त को पत्र भेज कर उनसे स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। विदित हो कि आरईसी के हवाले “ दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योंति योजना “ के अंतर्गत, पूरे देश के हर गाँव में हर घर तक बिजली की लाइन पहुंचाने के प्रोजेक्ट्सों को स्वीकृत करने निरीक्षण करने और उनके लिए धन उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी है।

इस पत्र के जारी होने की खबर का असर इतना तो जरूर हुआ कि बिजली विभाग के जो अधिकारी पत्रकारों से अब तक खुल कर बात कर रहे थे उन सभी के मुँह पर अब ताले पड गये हैं। दफ्तर में पत्रकार के प्रवेश के साथ ही, उनके मुँह से निकलता है – नो फ़तेला। उच्च पद पर आसीन एक अधिकारी ने अपनी पहचान गुप्त रखने की शर्त पर कहा कि, क्या आरईसी के अधिकारी ये बतायेगे कि, उनको अपने पत्र दि0 17 अगस्त 2016 में नगला फ़तेला की अनियमितताओं की जानकारी मीडिया से मिलने की बात क्यों करनी पडी ? उनके कन्धों का सहारा क्यों लेना पड़ा ? क्या उससे पहले कभी कोई अनियमितता अपने निरिक्षण के दौरान उनकी पकड़ में नही आयी ? क्या अब उन्हें अपनी गर्दन भी फंस जाने का डर सताने लगा है?

Advertisement. Scroll to continue reading.

विदित है कि दक्षिणांचल विद्युत् वितरण निगम लि0 आगरा के अंतर्गत प्रदेश के 21 जिले आते हैं। इन सभी जिलों में हर गाँव हर घर तक खम्बे गाड़ने, ट्रांसफॉर्मर लगाने और हाई – लो वोल्टेज लाइन बिछाने का कार्य आजकल निजी हांथों में है। आगरा और हाथरस दो जिलों का काम एकुरेट ट्रांसफॉर्मर्स लि0 कर रही है। हाथरस में तैनात इस कम्पनी के अधिकारी ओम प्रकाश राणा से इस पत्रकार ने नगला फ़तेला में उठे विवाद में उनकी भूमिका की जानकारी मांगी तो उन्होंने कहा कि हमारा काम तो, प्रोजेक्ट के अनुसार गाँव में तामझाम खड़ा करना होता है। हमारा काम पूरा हो जाने के बाद उसका निरिक्षण विद्द्युत वितरण निगम आगरा, स्थानीय बिजली विभाग के अधिकारी, आरईसी के अधिकारी करते है। उनसे हरी झंडी मिलने के बाद हम विद्युत् सुरक्षा निगम के अधिकारयों को निरीक्षण कराकर नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (अनापत्ती प्रमाण पत्र) लेने की प्रक्रिया पूरी करते हैं। नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट के साथ उस गाँव को हम बिजली विभाग को हैण्ड ओवर कर देते है।

यह पूछने पर की नए बिछाये गए तारों में बिजली,सुरक्षा का सर्टिफिकेट मिलने के बाद ही छोड़ी जाती है या पहले भी छोड़ दी जाती है, श्री राणा ने बताया बिजली छोड़ना हमार काम नहीं हैं। बिजली विभाग के अधिकारी ही बता सकते है। वैसे छोड़ी तो सुरक्षा सर्टिफिकेट मिलने के बाद ही चाहिए। यहाँ महत्वपूर्ण बात ये है कि गाँव फ़तेला की एनओसी 17 अगस्त को जारी हुयी है। यानि की प्रधानमन्त्री द्वारा घोषणा किये जाने के दो दिन बाद।

Advertisement. Scroll to continue reading.

यूं कहने को तो जिला स्तर पर गाँवों में चल रही विद्द्युतिकरण की योजना की प्रगति की समीक्षा के लिए एक समिति है। जिले में एक मात्र सांसद राजेश दिवाकर बीजेपी के ही है। समिति की बैठक प्रति तीन माह में एक बार होनी चाहिए। अधीक्षण अभियंता समिति के पदेन सचिव हैं। सांसद दिवाकर कहते है कि अभी तक समिति की एक भी बैठक सचिव ने बुलाई नही है। यानि इस योजना की स्थिति — अंधी पीसे कुत्ता खाय वाली बनकर रह गयी है।

हाथरस के सांसद राजेश दिवाकर को दीनदयाल ग्राम ज्योति योजना में व्यापक पैमाने पर घपले का अंदेशा है। उनका कहना है कि अखिलेश सरकार ने योजना के केंद्र के पैसे को किसी अन्य मद में खर्च कर दिया है। उनका आरोप है कि यूपी सरकार ने योजना में ऐसे गांवों को शामिल किया है जो पहिले से ही विधुतीकृत थे।उन्होंने इस प्रकरण की सीबीआई जाँच की आवश्यकता जताई है।

Advertisement. Scroll to continue reading.

स्टोरी से संबंधित कुछ बाइट देखने सुनने के लिए नीचे दिए लिंक पर एक एक कर क्लिक करें :

Byte 1 Omprakash Rana https://youtu.be/zrw_Hn7aEk0
Byte 2 Rajesh Diwaker sansad https://youtu.be/P3pfj2BkvGs
Byte 3 Rajesh Diwaker sansad https://youtu.be/Aj3JgV3IjD0
Byte 4 Rajesh Diwaker sansad https://youtu.be/wuQUok616XI

Advertisement. Scroll to continue reading.

हाथरस से वरिष्ठ पत्रकार विनय ओसवाल की रिपोर्ट. संपर्क : 9837061661

इसे भी पढ़ें…

Advertisement. Scroll to continue reading.

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement

भड़ास को मेल करें : [email protected]

भड़ास के वाट्सअप ग्रुप से जुड़ें- Bhadasi_Group_one

Advertisement

Latest 100 भड़ास

व्हाट्सअप पर भड़ास चैनल से जुड़ें : Bhadas_Channel

वाट्सअप के भड़ासी ग्रुप के सदस्य बनें- Bhadasi_Group

भड़ास की ताकत बनें, ऐसे करें भला- Donate

Advertisement