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जेल से रिहा होते ही यूट्यूबर मनीष कश्यप के समर्थकों की उमड़ी भीड़

त्रिपुरारी कुमार तिवारी उर्फ यूट्यूबर मनीष कश्यप को आखिरकार जेल से रिहा कर दिया गया. पटना हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद बेऊर जेल से बाहर आते ही समर्थकों की भीड़ ने कश्यप का फूल-मालाओं से जोरदार स्वागत किया.

यूट्यूबर की मुश्किलें तब बढ़ीं जब उसने तमिलनाडु में बिहार के मजदूरों के साथ मारपीट का फर्जी वीडियो शेयर किया था. मामले में बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने मनीष कश्यप के खिलाफ FIR दर्ज की थी. जब इस केस में छापेमारी शुरू हुई तो कई दिनों तक गिरफ्तारी के डर से मनीष कश्यप बिहार छोड़कर फरार हो गया था.

बेतिया पुलिस ने 18 मार्च को दूसरे केस में मनीष के घर की कुर्की जब्ती शुरू की तो उसने स्थानीय थाने में सरेंडर किया. उसी दिन पटना से गई EOU की टीम ने उसे हिरासत में ले लिया. रिमांड पर लेकर पूछताछ करने के बाद उसे जेल भेज दिया था. 30 मार्च को ट्रांजिट रिमांड पर तमिलनाडु पुलिस उसे अपने साथ ले गई थी.

तमिलनाडु पुलिस ने मनीष कश्यप को मदुरई कोर्ट में पेश किया था. वहीं उसके ऊपर NSA लगाया गया. मनीष कश्यप उर्फ त्रिपुरारी कुमार तिवारी के खिलाफ पटना में आर्थिक अपराध इकाई ने कुल चार केस दर्ज किए थे. इसमें दो केस में यूट्यूबर की पेशी हुई.

पहला केस तमिलनाडु में बिहारी मजदूरों की पिटाई का फर्जी वीडियो वायरल करने से जुड़ा है. दूसरा केस राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की मौत पर जश्न मनाने और आपत्तिजनक शब्द कहे जाने का पुराना वायरल वीडियो है. यूट्यूबर मनीष कश्यप पूरे 9 महीने बाद शनिवार को जेल से रिहा हुआ है.

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