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सुख-दुख

करण थापर का सत्यपाल मलिक से लिया गया इंटरव्यू ज़बरदस्त चर्चा में… मोदी के बारे में हैरतअंगेज खुलासा… आपने देखा या नहीं?

हमारे देश के CRPF जवानों ने कश्मीर से सुरक्षित वापसी यात्रा के लिए सिर्फ 5 एयरक्राफ्ट मांगे थे। मोदी सरकार के गृहमंत्रालय ने साफ मना कर द‍िया। मज़बूरन उन्हें बस से सफर करना पड़ा।

रास्ते में RDX लदी जीप से बस पर आतंकी हमला हुआ और हमारे 40 से ज्यादा जवान शहीद हो गए। जम्मू कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने जब PM मोदी से कहा- ये हमारी गलती से हुआ है।

जानते हैं PM मोदी ने क्या कहा? PM ने कहा- ‘तुम अभी चुप रहो।’

इनकी गलती की वजह से हमारे देश के जवान शहीद हो गए और PM मोदी अपनी छवि बचाने में लगे रहे।

देखिए करण थापर द्वारा सतपाल मलिक का लिया गया इंटरव्यू-

https://youtu.be/b8wmHUhLvOI


अशोक ठाकुर की ये पोस्ट पढ़ें-

महामहिम राष्ट्रपति किससे मिलेंगी और नहीं यह पीएमओ से पूर्व अनुमति लेना आवश्यक है यह बिहार, जम्मू कश्मीर , गोवा , मेघालय के राज्यपाल रहे सतपाल मलिक ने प्रेस को दिए गए इंटरव्यू में कहा है!

मलिक जी प्रधान मंत्री के पुराने मित्र हैं और बीजेपी में ही हैं । वे दिल्ली के एक सुदूर इलाके के एक किराए के छोटे से घर में रहते हैं और उनको केवल एक दिल्ली पुलिस का एक सिपाही सुरक्षा के लिए मिला है।

प्रधान मंत्री मोदी पर उन्होंने गंभीर आरोप लगाए हैं और कहा है कि उन्होंने फुलवामा पर आतंकी संगठन के द्वारा हमले में सीआरपीएफ के जवानों और पदाधिकारियों की मृत्यु के बाद मोदीजी से फोन पर बात किया और जब घटना के बारे में बताया और कहा कि तुरंत आईएएफ का प्लेन भेजा जाए ताकि घायल सीआरपीएफ के जवानों और पदाधिकारियों को दिल्ली भेजा जाए ताकि उनका इलाज किया जा सके। उनका कहना है कि इस पर मोदी जी ने कहा “तुम चुप रहो”! उन्होंने कोई सहायता नहीं भेजी । इस घटना की कोई आधिकारिक जांच नहीं कराई और उल्टा उनको ही जम्मू कश्मीर गवर्नर से हटा दिया गया और दूसरे राज्य में भेज दिया!

उन्होंने कहा है कि उनको दुख है कि आज तक कोई जांच नहीं हुई और न सरकार ने उनके परिवारों की सुध ली है। उन्होंने इस सुनियोजित तरीके से किए गए 2019 के लोक सभा चुनाव से ठीक पहले हुए हमले पर काफी गंभीर सवाल खड़े किए हैं । हालाकि उनको बीजेपी से निकाला नहीं गया है!

इसके वरिष्ठ पत्रकार करण थापर को दिए गए एक इंटरव्यू में कहा कि आरएसएस के राम माधव उनसे जम्मू कश्मीर में गवर्नर रहते हुए मिले थे और उनको एक ठेका देने के लिए 300 करोड़ के रिश्वत देने की पेशकश की । लेकिन इस बात की जानकारी मिलने पर मालिकजी को वहां से हटा दिया गया और दूसरे राज्य में भेज दिया।

उन्होंने कहा कि हाल में ही राष्ट्रपति से उन्होंने मिलने का समय राष्ट्रपति भवन से मांगा था वह उन्हें मिल गया था , लेकिन जब वे मिलने जा रहे थे तभी उनको रास्ते में ही फोन पर बताया गया कि उनका अप्वाइंटमेंट कैंसल हो गया है!

सौमित्र रॉय-

सत्यपाल मलिक ने कल ढपोर शंख को यूं फूंका है कि तानाशाह आज जरूर ईडी, सीबीआई या आईटी वालों को फाइल बनाने को कहेंगे। नरेंद्र मोदी को भ्रष्टाचार से कोई समस्या नहीं है। यह बात कितनी ही बार मैंने लिखी होगी। न खाऊंगा और न खाने दूंगा कि गुल्लक में 10 हजार करोड़ रुपए हैं। अगर जोड़ा जाए तो बीते 70 साल में जितना करप्शन हुआ, उसका 10 गुना 9 साल में किया गया है। आरएसएस खामोश है। दलाल गोदी मीडिया को सत्ता के इशारे का इंतजार है। मरे हुए समाज ने करप्शन को आत्मसात कर लिया है।

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1 Comment

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  1. ईश्वर सिंह दरबार

    April 19, 2023 at 9:35 pm

    भड़ास निकालने का अच्छा मंच है। सत्यपाल मलिक कितना सच और कितना झूठ बोल रहे ये जाने।इस खबर में दो तीन बात जरूर गौर करने वाली है।
    मलिक दिल्ली के सुदूर इलाके में छोटे से किराए के घर में रहते हैं। सुरक्षा में एक सिपाही है। कहां मलिक जी बड़े राजपसाद में रहने वाले और जेड प्लस सुरक्षा घेरे रहे।ये अब सब रास नहीं आ रहा है।अगर इन्हें मोदी कोई पद दे देते।अगर नहीं दिया तो सुविधाएं दे देते तब ये ऐसा बोल पाते। कुछ दिन पहले ये खबर पढ़ने में आई थी कि मलिक जी पत्रकारों को फोन लगाकर बुला रहे, खबरों में बने रहने के लिए। शायद करण थापर उधार बैठे थे।
    दूसरी बात कश्मीर जब केन्द्र शासित प्रदेश बन गया तो इन्हें वहां से जाना ही था। डिमोशन कर वहां रखने से रहे।जब कोई तेज चलने की कोशिश करता है तो विरोधी अपना हुनर दिखा देते हैं। अतिमहत्वाकांक्षी होने का परिणाम रहा। सरकार के खिलाफ पद पर रहते बोले। तीन सौ करोड़ के मामले में सीबीआई ने पहले ही केस दर्ज कर रखा है, शायद उसका कोई डर सता रहा हो।अब इनका कितना जनाधार बचा है ये तो वही बाता सकते हैं।
    नख दंत विहीन ये शेर मोदी का शिकार कर पाएगा।अब तक का इतिहास रहा है कि जिसने भी पंगें लिए बंदे उसे कहीं का नहीं छोड़ा है। जब पद पर थे,तभी कदम उठा लेते। केजरीवाल के बाद शायद इन्हीं का नम्बर न आ जाए।

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