Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

प्रिंट

पत्रकारों के हितों की धज्जियां उड़ा रहा है भास्कर जबलपुर

जबलपुर : दैनिक भास्कर के जबलपुर, सतना और छिंदवाड़ा कार्यालयों में कर्मचारियों की हालत दिनों-दिन खराब होती जा रही है। भास्कर के भोपाल प्रबंधन से इतर इन संस्करणों में कौन डायरेक्टर है और कौन मैनेजिंग डायरेक्टर, कर्मचारियों को अपनी शिकायतें किस तक पहुंचानी हैं और उन पर उचित सुनवाई, कार्रवाई करने वाला कौन है, कई कर्मचारियों को इसका पता नहीं। वजह साफ है। प्रबंधन अभी भी कई कर्मियों को या तो रजिस्टर पर सैलरी दे रहा है या सैलरी दे भी रहा है तो पीएफ और अन्य सुविधाओं का पता-रता नहीं है।

जबलपुर : दैनिक भास्कर के जबलपुर, सतना और छिंदवाड़ा कार्यालयों में कर्मचारियों की हालत दिनों-दिन खराब होती जा रही है। भास्कर के भोपाल प्रबंधन से इतर इन संस्करणों में कौन डायरेक्टर है और कौन मैनेजिंग डायरेक्टर, कर्मचारियों को अपनी शिकायतें किस तक पहुंचानी हैं और उन पर उचित सुनवाई, कार्रवाई करने वाला कौन है, कई कर्मचारियों को इसका पता नहीं। वजह साफ है। प्रबंधन अभी भी कई कर्मियों को या तो रजिस्टर पर सैलरी दे रहा है या सैलरी दे भी रहा है तो पीएफ और अन्य सुविधाओं का पता-रता नहीं है।

मजीठिया के डर से यहां का प्रबंधन वेबसाइट में काम करने वाले कर्मियों को भी टेक्निकल विभाग में भेज रहा है। यहां के संपादकीय सहित ईपेपर, मार्केटिंग विभागों में काम करने वाले कर्मचारियों की छुट्टियों का पैसा भी प्रबंधन असमय काटता रहता है। कम सैलरी में भी ज्यादा से ज्यादा काम लेने की बात भास्कर के जबलपुर ग्रुप के लिए नई नहीं है। स्थिति यह है कि भास्कर प्रकाशन के नाम से चल रही इस कंपनी में कौन पत्रकार मजीठिया पाने का हकदार हैं और कौन नहीं, किसी को नहीं पता।

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
1 Comment

1 Comment

  1. rakesh

    November 26, 2016 at 6:49 pm

    पत्रकारों के हितों की धज्जियां आप उड़ा रहे हैं। आप के इन बेसिरपैर के आर्टिकलों से पत्रकारों का कोई भला-वला नहीं होने वाला है। बिना सोर्स की फर्जी जानकारियां फैलाती है आपकी वेबसाइट।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन