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वरिष्ठ पत्रकार रमेश शर्मा और डॉ. मयंक इस साल फिर केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड में

भोपाल । सूचना और प्रसारण मंत्रालय के अंतर्गत चलचित्र अधिनियम 1952 के तहत जारी किये गए प्रावधानों के अनुसरण फिल्मों के सार्वजनिक प्रदर्शन को नियंत्रित करनेवाली संस्था केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड में मध्यप्रदेश से वर्ष 2017 के लिए वरिष्ठ पत्रकार रमेश शर्मा और डॉ. मयंक चतुर्वेदी को फिर एक बार अपनी एडवाइजरी कमेटी में लिया गया है। इसके पहले वे पिछले वर्ष की कमेटी में भी थे। उन्हें बोर्ड ने अपने मुंबई रीजन के लिए चुना है।

भोपाल । सूचना और प्रसारण मंत्रालय के अंतर्गत चलचित्र अधिनियम 1952 के तहत जारी किये गए प्रावधानों के अनुसरण फिल्मों के सार्वजनिक प्रदर्शन को नियंत्रित करनेवाली संस्था केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड में मध्यप्रदेश से वर्ष 2017 के लिए वरिष्ठ पत्रकार रमेश शर्मा और डॉ. मयंक चतुर्वेदी को फिर एक बार अपनी एडवाइजरी कमेटी में लिया गया है। इसके पहले वे पिछले वर्ष की कमेटी में भी थे। उन्हें बोर्ड ने अपने मुंबई रीजन के लिए चुना है।

वरिष्ठ पत्रकार रमेश शर्मा इस वक्त मध्यप्रदेश शासन में राष्ट्रीय एकता समिति के उपाध्यक्ष भी हैं, और उन्हें राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त है। पिछले 44 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय श्री शर्मा दैनिक जागरण, राष्ट्रीय सहारा के अलावा कई पत्र-पत्रिकाओं में स्वतंत्र लेखन कर चुके हैं। वहीं कई देशों की यात्रा पर मीडिया चर्चाओं एवं अन्य कव्हरेज के लिए जा चुके हैं। वे भारतीय संस्कृति में विज्ञान, मानव तत्व, व्यक्तित्व विकास के सूत्र, समाजिक समरसता में भारतीय संस्कृति की महत्ता जैसे विषयों पर लगातार विशेष रूप से लिखने के साथ व्याख्यान देते रहे हैं। पूर्व में वे शासन की अन्य समितियों में भी रहे हैं।

उधर, डॉ. मयंक चतुर्वेदी पिछले 21 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। वे हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में पिछले 11 वर्षों से कार्यरत हैं। इसके पहले दैनिक जागरण, ग्वालियर हलचल, ग्वालियर चंबल सांध्य समाचार इत्यादि में अपनी सेवाएं देने के साथ स्‍वदेश, प्रवक्‍ता, सुबह सवेरे, पांचजन्‍य सहित अन्‍य मीडिया संस्‍थाओं से जुड़े हैं। ग्‍वालियर के रहने वाले डॉ. चतुर्वेदी ने 9 पुस्‍तकें संपादित एवं अन्य 10 मीडिया एवं साहित्य से जुड़ी पुस्तकों का लेखन क‍िया है। वहीं डॉ. मयंक का अध्‍ययन हिन्दी में पत्रकारिता विषय पर एमफिल और पीएचडी तक हुआ है। अब तक उनके दो हजार से अधिक लेख विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं। वहीं उनके लिखे नाटकों का प्रदर्शन समय-समय पर वन्देमातरम् कला समूह द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर हुआ है। इसके अलावा डॉ. मयंक के शोध आलेख भी कई रिसर्च पत्रिकाओं में प्रकाशित हुए हैं। पूर्व में वे शासन की अन्य समितियों में भी रहे हैं।

गौरतलब है कि केन्द्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड द्वारा फिल्मों को प्रमाणित करने के बाद ही भारत में उसका सार्वजनिक प्रदर्शन कर सकते हैं। बोर्ड में केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त अध्यक्ष एवं गैर-सरकारी सदस्यों को शामिल किया गया है। बोर्ड का मुख्यालय मुंबई स्थित है और इसके नौ क्षेत्रीय कार्यालय हैं, जो मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, बैंगलूर, तिरुवनंतपुरम, हैदराबाद, नई दिल्ली, कटक और गुवहाटी में स्थित है। वहीं उल्लेखित है कि फिल्म प्रमाणन बोर्ड क्षेत्रीय कार्यालयों में सलाहकार पैनलों की सहायता से फिल्मों का परीक्षण करता है। इस वक्त बोर्ड के अध्यक्ष पहलाज निहलानी हैं। कार्यकारी अधिकारी अनुराग श्रीवास्तव हैं।

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