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दैनिक भास्कर के इंदौर एडीटर हेमंत शर्मा हटाए गए

इंदौर। दैनिक भास्कर के सबसे महत्वपूर्ण एडीशन इंदौर के एडिटर हेमंत शर्मा को हटाए जाने की खबर है. बताया जा रहा है कि पांच सालों से भी अधिक समय से जमे शर्मा के खिलाफ कई शिकायतें थीं. हेमंत शर्मा न्यूज24 मुंबई में भी कार्यरत रहे हैं. शर्मा को डे टू डे अखबार के काम से हटा दिया गया है. बहुत जल्दी उन्हें रिलीव कर दिया जाएगा. वहीं अन्य लोगों का कहना है कि हेमंत शर्मा ने खुद इस्तीफा दिया है. इसी कारण उन्होंने सुधीर अग्रवाल को एक पत्र लिखकर खुद को मुक्त किए जाने का अनुरोध किया है.

इंदौर। दैनिक भास्कर के सबसे महत्वपूर्ण एडीशन इंदौर के एडिटर हेमंत शर्मा को हटाए जाने की खबर है. बताया जा रहा है कि पांच सालों से भी अधिक समय से जमे शर्मा के खिलाफ कई शिकायतें थीं. हेमंत शर्मा न्यूज24 मुंबई में भी कार्यरत रहे हैं. शर्मा को डे टू डे अखबार के काम से हटा दिया गया है. बहुत जल्दी उन्हें रिलीव कर दिया जाएगा. वहीं अन्य लोगों का कहना है कि हेमंत शर्मा ने खुद इस्तीफा दिया है. इसी कारण उन्होंने सुधीर अग्रवाल को एक पत्र लिखकर खुद को मुक्त किए जाने का अनुरोध किया है.

हेमंत शर्मा का सुधीर अग्रवाल को लिखा गया पत्र इस प्रकार है..

प्रिय सुधीरजी…

भास्कर में तीन चरणों में लगभग १८ साल गुज़ारने के बाद भी अब तक लगता है अभी बहुत सीखना बाक़ी है…। इसका सबसे बड़ा कारण आप हैं, जो हमेशा ख़ुद भी और हमें भी इस बात का अहसास कराते हैं कि सीखने की प्रक्रिया कभी ख़त्म नहीं होती और जिसमें सीखने की ललक ख़त्म हो गई वह तो वैसे ही ख़त्म हो गया। इस पूरे सफ़र में आपसे जितनी डाँट मिली उतना ही प्यार भी- जो आपने कभी दिखाया नहीं क्यूँकि आप को शायद कहीं ना कहीं लगता था कि ये तारीफ़ हमारी सीखने की गति को कम कर देगी। लेकिन जैसा कि नियम है- सिंह को भी अपने शावकों पर तभी फ़ख़्र होता है जब वे अपनी मांद से बाहर निकलते हैं।

मुझे लगता है अब भास्कर परिवार और आपके स्नेह की छाया से बाहर निकलकर कड़ी धूप में ख़ुद को साबित करने का वक़्त आ गया है…। किसी प्रतिद्वंद्वी अख़बार में जाईंन नहीं कर हूँ, ना ही आगे करूँगा। ये आपसे वादा है। ख़ुद का कुछ करने का मन है।

सर… बहुत सारे सपने हैं और वक़्त बहुत कम। चाहता हूँ उन लोगों में शुमार होना- जिन पर आपको फ़ख़्र हो। मौक़ा देने में आप हमेशा आगे होते हैं और ये सिर्फ़ आपका स्नेह ही है कि अधिकार से आपसे ऐसी ऐसी बात कर पाते हैं… अब भास्कर परिवार से एक ब्रेक चाहता हूँ… यह ब्रेक रिश्तों से नहीं है। जीवन भर आपको अधिकार रहेगा कि कभी भी कान पकड़कर खींच दें। आज १ अगस्त है, अगले दो माह में दायित्वों से मुक्ति चाहता हूँ.. पहले भी कर सकते हैं लेकिन ज़िम्मेदारी का आभास है। आपके बाद किसी और संस्थान के साथ काम कर पाऊँ यह सम्भव नहीं है। कर ही नहीं पाऊँगा…।  आपसे इजाज़त की प्रतीक्षा में… सदैव आपका।

हेमंत शर्मा

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