अविनाश पांडेय समर-
ओलंपिक्स या वर्ल्ड चैंपियनशिप भूल जाइए, नेशनल और स्टेट लेवल पर भी खिलाड़ी अपने सपोर्ट स्टाफ की कड़ी निगरानी में रहते हैं- कोच से लेकर डायटीशियन, फिजियोथेरेपिस्ट, साइकोलॉजिस्ट सब! क्या खाते हैं कितना वज़न है कितना कम करना है ये खिलाड़ी नहीं सपोर्ट स्टाफ तय करता है।
विनेश फोगट कल 49.7 किलो की थीं। और उन्होंने तीन कड़े मुक़ाबले लड़े और जीते थे। ऐसे में वजन और कम होना चाहिए था। 400 ग्राम बढ़ कैसे गया? वे सिर्फ़ 100 ग्राम से ओवरवेट कैसे हो गईं?
कोच से लेकर डायटीशियन तक सब क्या कर रहे थे? बाक़ी हम सब समझ रहे हैं कि ये कैसे हुआ। इन लोगों के गिरने की कोई सीमा नहीं है। जब आप सोचें कि इससे ज़्यादा नहीं गिर सकते तब ये और गिर के दिखा देते हैं!
मोहम्मद अनस-
ओलंपिक में खेल रहे खिलाड़ी 24×7 अपने साथ गए सरकारी स्टॉफ की मॉनिटरिंग में रहते हैं। वे क्या खाना खाएंगे, क्या पेय पदार्थ लेंगे, वह सब पहले से तय रहता है। विनेश फोगाट कल 50Kg में खेल रही थीं और दुनिया के तीन टॉप पहलवानों से जीती थीं। तब उनका वजन 300gm कम था। कल लगातार तीन फाइट करने के बाद कम से कम 1kg वजन घटना ही था। ये किसके इशारों पर विनेश का वजन 100gm ज़्यादा दिखाया गया। किसने किया यह सब। देश के साथ गद्दारी है। पूरे स्टॉफ को सस्पेंड किया जाए। क्रिमिनल केस चलाया जाए। एक अहंकारी के आगे देश और सवा अरब की उम्मीदों पर बुल्डोजर कतई बर्दाश्त नहीं।

सौमित्र रॉय-
ओलिंपिक के नियम कहते हैं कि पहलवानों को मुकाबले से पहले सुबह अपना वजन करवाना ही पड़ता है। प्रिलिमिनरी राउंड से पहले कल सुबह विनेश फोगाट का वजन 50 किलो के आसपास था।
कल शाम सेमीफाइनल जीतने के बाद वजन घटाने के लिए विनेश स्वेट सूट में रस्सी कूद रही थीं। कल की सारी रात विनेश और सपोर्ट स्टाफ की कोशिश 2 किलो वजन कम करने की रही। विनेश वर्कआउट करती रहीं।
लेकिन आज सुबह नियम के अनुसार फाइनल से पहले वजन 100 ग्राम ज्यादा निकला। यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग बुक का अनुच्छेद 11 कहता है कि मुकाबले से पहले अगर पहलवान वजन कम नहीं कर पाता तो उसे अयोग्य घोषित किया जायेगा। नियम सबके लिए बराबर हैं।

संतोष सिंह-
सामान्यतः कोई भी प्रोफेशनल खिलाड़ी overweight होते हुए भी overweight पकड़ा नही जाता. अगर होता भी है तो manage करता है.
और हाँ, manage नही होता तो खुद को injured घोषित करके जीते हुए मैडल के साथ withdraw कर लेता है. Weighting कोई डॉपिंग जैसी प्रक्रिया नही है कि आपको सैंपल देना ही देना है भले ही आप injured हो!
कोच सहित विनेस की management team में जो भी होंगे, उनका यह काम था कि अगर विनेस का वेट आज manage नही हो रहा तो उसको injured घोषित कर के withdraw करवा देते. सिल्वर मेडल तो पक्का था.
एक अजीब सी बेवकूफी हुई है जिसके कारण न केवल भारत को एक निश्चित Olympic Medal से हाथ धोना पड़ा है बल्कि विनेस के साथ करोड़ो भारतीयों का दिल भी टूट गया है!

असरार ख़ान-
सुबह सुबह 50 किलोग्राम से ज्यादा वजन पाए जाने पर विनेश फोगट को फाइनल के लिए अयोग्य घोषित कर दिया गया है …
ज्ञात रहे कि इससे पहले वे 53 किलो वर्ग में पार्टीसिपेट की थीं …
इसलिए इनके ऊपर विशेष नज़र रखी जा रही थी और लिमिट से ज्यादा वजन में पकड़ी गईं खैर बावजूद इसके पूरा भारत विनेश के खिलाफ साजिश की बात कर रहा है कोई इस तथ्य को सामने रखकर बात करने के लिए तैयार नहीं है कि सुबह फ्रेस होने के बाद इंसान का वजन सबसे कम रहता है और फिर रात तक बढ़ता रहता है ऐसे में अगर शाम को उनका वजन लिया जाता तो हो सकता है कि वह 51 किलोग्राम तक पाई जातीं …..
पूरा देश जिस तरह आंख बंद करके खुद को बड़ा भारी राष्ट्रवादी जाहिर करने की नंगी नाच नाच रहा है वह समझ के परे है
विनेश को 53 किलो वर्ग से 50 किलो वर्ग में आने पर अपने वजन को 49 किलो से ऊपर नहीं बढ़ने देना चाहिए था …
लगता है कि पूरा भारत एक मेडल के लिए इतना बेईमान हो गया है कि वह सत्य को झुठलाने पर उतारू हो गया है ….हम केवल इतना ही कहना चाहते हैं कि गलत बात को और इस तरह की चीटिंग का साथ न देकर उसकी भर्त्सना करनी चाहिए …और कुस्ती शुरू होने से 10 मिनट पहले एक बार वजन अनिवार्य रूप से किया जाना चाहिए …फिर कभी भविष्य में यह नौबत ही नहीं आएगी न हो देश और खिलाड़ी की नाक कटेगी ..?
कल की हमारी हीरो विनेश खुद तो बाहर हुईं बदनाम हुईं और भारतीय कुस्ती संघ को भी प्रतिबंधित करा दिया …..यह ओलंपिक है कोई ऐरा गैरा खेल नहीं….?


