यूपी के कन्नौज जिले के अमर उजाला संवाद न्यूज एजेंसी कार्यालय में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। यहां पर कार्यरत संवाददाता गैर जिम्मेदाराना तरीके से तथ्यहीन और गलत खबरों का प्रकाशन कर रहे हैं।
1- 26 जुलाई को जिला प्रशासन की टीम ने के बीएसए दफ्तर के पास बने एआरटीओ ऑफिस में छापा मारकर 14 लोगों को हिरासत में लिया था। पूछताछ के बाद पुलिस ने 11 लोगों को छोड़ दिया था। जो लोग छोड़े गए थे वह अपने निजी काम से एआरटीओ कार्यालय आए थे। संवाद न्यूज एजेंसी के जिला प्रभारी व संवाददाताओं ने बिना हकीकत जाने छोड़े गए 11 लोगों को दलाल बताकर फोटो सहित खबर प्रकाशित कर दी। पूछताछ के बाद छोड़े गए लोगों को भी अखबार ने दलाल बता दिया। खबर में सभी पर रिपोर्ट दर्ज होने व जेल भेजने की कार्रवाई किए जाने का जिक्र भी किया गया। अन्य अखबारों ने बिना किसी नाम के 14 लोग हिरासत में लेने की खबर प्रकाशित की। देर रात पुलिस ने एआरटीओ की तहरीर पर सात लोगों पर नामजद व अज्ञात पर मुकदमा दर्ज किया।
2- अभी एआरटीओ वाला प्रकरण थमा भी नहीं था दोबारा पांच अगस्त 2024 को बिना तथ्यों को जाने दलित छात्रा की मौत मामले की भ्रामक खबर प्रकाशित कर दी। आत्महत्या करने वाली 11वीं की छात्रा की खबर में हत्या और दुष्कर्म किए जाने का जिक्र कर खबर को प्रकाशित कर दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में न तो हत्या की पुष्टि हुई और न ही दुष्कर्म की। हैंगिग की वजह से मौत होने की बात सामने आई थी। इसके अलावा इस बात का भी ध्यान नहीं रखा गया कि खबर में दुष्कर्म का जिक्र किया जा रहा है और छात्रा के पिता की फोटो भी छाप दी। कन्नौज एसपी अमित कुमार आनंद ने वीडियो जारी कर अखबार को नोटिस देने की बात कही। इसके बाद से लगातार अमर उजाला अपनी ही खबर का खंडन कर रहा है।
3- संवाद न्यूज एजेंसी कन्नौज कर्यालय में संवाददाता के पद पर तैनात सुनील तिवारी पर बिजली विभाग के कर्मचारियों ने मुकदमा दर्ज करवा दिया। 25 जुलाई 2024 को संवाददाता सुनील तिवारी उर्फ घनश्याम अपने घर के पास रखे ट्रांसफार्मर की लाइन नहीं बदलने दे रहे थे। उसने अपने भाई के साथ मिलकर बिजली कर्मियों के साथ अभद्रता और गाली-गलौज कर दी। इसके बाद बिजली कर्मियों ने पुलिस को तहरीर दी। पुलिस ने संवाददाता सुनील तिवारी और उसके भाई के खिलाफ गुरसहायगंज कोतवाली में एफआईआर दर्ज कर दी।
एक मीडियाकर्मी द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.


