यूपी के कुशीनगर स्थित एक अस्पताल संचालक और सभासद प्रतिनिधि अलाउद्दीन ने अमर उजाला के तमकुही राज तहसील रिपोर्टर जगदम्बा राय पर लगातार चार दिनों से झूठी और मनगढ़ंत खबरें प्रकाशित करने का आरोप लगाया है. आरोप है कि पत्रकार ने विज्ञापन न मिलने के कारण अलाउद्दीन की छवि धूमिल करने के उद्देश्य से भ्रामक कहानियों का निर्माण किया है.
बकौल अलाउद्दीन, गोरखपुर के गुलरिहा थाने में उसके खिलाफ पैसों के लेन-देन की एक एफआईआर दर्ज हुई है, जिसकी जांच अभी चल रही है. लेकिन, कुशीनगर के पत्रकार ने इस एफआईआर को आधार बनाकर अलाउद्दीन के खिलाफ झूठी और मनगढ़ंत खबरें फैलाईं हैं, जिसमें उन्हें “फर्जी डिग्री बेचने वाले गिरोह का सरगना” और अन्य गंभीर आरोपों से जोड़ा गया है.
अलाउद्दीन ने आरोप लगाया है कि यह सब सिर्फ इसलिए किया जा रहा है क्योंकि उन्होंने अमर उजाला को विज्ञापन देने से मना कर दिया था. यह मामला तब और गंभीर हो गया जब अमर उजाला ने बिना किसी प्रमाण या जांच के इन मनगढ़ंत खबरों को लगातार प्रकाशित करना शुरू कर दिया.
अलाउद्दीन का कहना है कि, मैं एक हॉस्पिटल संचालक के साथ एक जनप्रतिनिधि और सभासद पति हूं. अलाउद्दीन ने कहा, “मेरे खिलाफ चलाए जा रहे इस झूठे प्रचार से न केवल मेरी प्रतिष्ठा को नुकसान हो रहा है, बल्कि यह समाज में भी मेरे और मेरे अस्पताल के प्रति गलत संदेश फैला रहा है. मेरी छवि को गिराने के लिए ये झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं.
अलाउद्दीन ने आगे कहा कि वह इस मामले को लेकर कानूनी रास्ता अपनाने पर विचार कर रहे हैं, ताकि उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने वाले इस पत्रकार और अखबार के खिलाफ उचित कार्रवाई की जा सके. उन्होंने प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया से भी शिकायत करने की बात कही है, ताकि पत्रकारिता के उच्च मानकों और नैतिकता को बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं.
वहीं, इस मामले में अमर उजाला के रिपोर्टर जगदम्बा राय ने भड़ास4मीडिया से हुई बातचीत में कहा कि, यदि अलाउद्दीन के खिलाफ विज्ञापन मांगने संबंधी कोई तथ्य हों तो वह भड़ास के सामने रखें. वह न कभी अलाउद्दीन से मिले हैं, न कभी विज्ञापन संबंधी या किसी अन्य स्तर की कोई बात, कभी भी नहीं हुई है. वह जिस तरह का आरोप लगा रहे हैं, वह पूरी तरह से मनगढ़ंत और फर्जी है.
देखें अमर उजाला में प्रकाशित हो रही खबरें और अस्पताल संचालक अलाउद्दीन के खिलाफ दर्ज केस की एफआईआर कॉपी…







