सोशल मीडिया पर मैनपुरी का एक वीडियो इतना वायरल हुआ कि लखनऊ तक हड़कंप मच गया. वीडियो में दिख रही दो महिलाएं, जिनमें एक विधवा मां और दूसरी उसकी बेटी बताई जा रही है. लोगों ने हजारों की तादाद में इस वीडियो क्लिप को शेयर किया है. मामला क्या है और वीडियो क्यों वायरल हुआ, आगे पढ़ें.. साथ ही कुछ टिप्पणियां भी हैं…
आईपी सिंह-
भारत में IAS जैसी नौकरियां राजा पैदा करती हैं। 75 वर्ष हो गए अब समीक्षा की जरूरत है। अमेरिका जैसे देशों में ऐसी व्यवस्था नहीं है। देश में सभी जिलाधिकारियों व IPS का रवैया एक जैसा होता है।
मैनपुरी यूपी का DM फरियादी माँ बेटी को पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश देता है। उनका गुनाह ऊंची आवाज में बोलना भर था।
क्या ऐसे अफसर बर्खास्त नहीं होने चाहिए? क्या अधिकारियों के रवैये को लेकर संसद में चर्चा नहीं होनी चाहिए?
प्रधानमंत्री जी तानाशाह DM को सेवा से बर्खास्त करिये। योगी का एक लाड़ला क्षत्रिय IAS अंजनी कुमार सिंह आजकल मैनपुरी का DM हैं।
DM मैनपुरी ने राजा का दरबार बना लिया है। आज एक विधवा महिला जिसकी जमीन पर कब्ज़ा हो गया है अपनी फरियाद लेकर DM के दरबार में पहुंची।
महिला अपनी समस्या बता रही थी लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं था। हमारी कोई सुन नहीं रहा। जहां भी जाओ वहां सब घूस मांगते हैं।
महिला की जरा सी ऊंची तेज आवाज DM को अच्छी नहीं लगी और DM ने हिरासत में लेने का आदेश दिया और माँ बेटी को फौरन पुलिस लेकर चल दी।
ममता त्रिपाठी-
मौजूदा वक़्त के राजा हैं ये नाम हैं अंजनी कुमार सिंह, मैनपुरी कलेक्टर

ऊँची आवाज़ में कोई बात करे तो ये बर्दाश्त नहीं करते, पुलिस के हवाले कर देते हैं जैसे माँ बेटी को आज पुलिस हिरासत में भेज दिया।
ग़नीमत समझिए की जबान नहीं खींची वरना ऊँची आवाज़ में बात करने की गुस्ताखी की सज़ा तो सिर कलम होती है…
रणविजय सिंह-
इस अपराध के लिए कम से कम फांसी होनी चाहिए. एक नजीर बने कि कभी कोई किसी अधिकारी से ऊंची आवाज में बात न करे.
ये कीड़े मकौड़े टाइप जनता, इन्हें औकात दिखानी होगी. IAS… राजा होते हैं राजा… जीभ खिंचवा लेंगे.
सचिन गुप्ता-
इन दोनों मां–बेटी ने जिले के राजाजी IAS ऑफिसर से ऊंची आवाज में बात करने की हिमाकत कर डाली थी। राजाजी के हुकुम पर पुलिस पहुंची और दोनों को कस्टडी में ले लिया। शायद अब NSA न लग जाए। ये दोनों जमीन के विवाद की सुनवाई न होने पर राजाजी के पास आई थीं।
जिला मैनपुरी, उत्तर प्रदेश
अभिषेक उपाध्याय-
अंजनी कुमार सिंह के ख़िलाफ़ क्यों एक्शन होगा? एक्शन तो उस महिला के ख़िलाफ़ होना चाहिए जिसने उनके सामने तेज़ ज़ुबान में आवाज़ बुलंद कर दी!
ये तो सीधा सीधा सत्ता को चैलेंज है! राजद्रोह का मामला भी बनता है क्या इसमें?
कोई कानून का जानकार बता सकता है, शायद DM साहब को इसका ध्यान न रहा हो।
आदित्य तिवारी-
मैनपुरी के जिलाधिकारी ने ऊंची आवाज में बात करने पर एक महिला फरियादी और उसकी बेटी को पुलिस के हवाले करने का हुक्म दे दिया। मीडिया में ये मामला वायरल है लेकिन जिलाधिकारी के खिलाफ सरकार ने अभी तक कोई एक्शन नहीं लिया…
महिला कलेक्टर ऑफिस के चक्कर लगाकर परेशान हो चुकी थी। लिहाजा उसने अपनी समस्या पर जोर दिया तो डीएम अंजनी सिंह को अपना पद, रसूख और अहंकार सवार हो गया।
डीएम अंजनी कुमार सिंह को बेहद नागवार गुजरा की वो जिलाधीश हैं और किसी समस्या को लेकर उनसे कोई फरियादी ऊंची आवाज में कैसे बात करेगा। विधवा महिला और उसकी बेटी को पुलिस पकड़ ले गई।
सम्पूर्ण समाधान दिवस फरियादी के लिए जेल दिवस होते होते बचा।
अवनीश कुमार यादव-
कसूर, डीएम साहब के सामने तेज बोलना….
यूपी में ग़ज़ब ही चल रहा है. कुछ अधिकारी मानो बेलगाम हो चले हैं। अब इस घटना को ही देख लीजिए. मैनपुरी में कलक्टर साहब के पास एक महिला फ़रियाद लेकर पहुंची. महिला के साथ उसकी बेटी भी थी, जिसके ज़मीन पर अवैध तरीक़े से क़ब्ज़ हुआ है. बार बार अधिकारियों का चक्कर काट रही महिला परेशान हो चुकी थी, ऐसे में मैनपुरी DM के सामने महिला की आवाज़ थोड़ी तेज निकल गई. जिसपर DM साहब भड़क गये. DM साहब ने मौक़े पर मौजूद अधिकारियों से कहा कि इस महिला और इसकी बेटी को शांति भंग में जेल भेज दो.
चंदन-
यूपी में राजशाही कायम है। योगी सरकार के एक लाडले IAS अधिकारी अंजनी कुमार सिंह, जो मैनपुरी के DM हैं। इनका एक कारनामा जान लीजिए
DM साहब… माफ कीजिए, ‘राजा साहब’ ने दरबार लगाया था। जनता फ़रियाद लेकर पहुंची। इस बीच एक विधवा महिला, जिसकी जमीन पर कब्ज़ा कर लिया गया है, वह भी दरबार में पहुंची।
महिला अपनी समस्या बता रही थी लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं था। इस पर परेशान महिला झल्ला गई और ऊंची आवाज में ‘राजा साहब’ से कहा: हमारी कोई सुन नहीं रहा। जहां जाओ, वहां सब घूस मांगते हैं।
महिला की आवाज जरा सी तेज थी। ‘राजा साहब’ को ये बात अच्छी न लगी। इसके बाद ‘राजा साहब’ ने फरमान जारी किया और सजा सुनाई- इस महिला और उसकी बेटी को जेल भेज दो।
पुलिस ने ‘राजा साहब’ के हुक्म की तामील की और महिला, उसकी बेटी को जेल भेज दिया गया। ये घटना यूपी में राजशाही की गवाही देती है और बताती है कि BJP सरकार में जनता को अपना हक मांगना भी दूभर है।
विवेक त्रिपाठी-
पुलिस हिरासत में दिख रही ये महिला विधवा है. साथ में उसकी बेटी भी है. कलेक्टर साहब ने दोनों को गिरफ्तार करके जेल भेजने का आदेश दिया है इसीलिए महिला पुलिस दोनों को ले जा रही है. अब इसका गुनाह भी सुन लीजिए.
पीड़िता मैनपुरी की है. उसकी जमीन पर किसी ने कब्जा कर लिया. आज संपूर्ण समाधान दिवस था. वही दिन जिसमें पीड़ितों की शिकायतों की सुनवाई सीधे कलेक्टर साहब, एसपी साहब के साथ ही पुलिस प्रशासन के तमाम अधिकारी कर्मचारी करते हैं. तो आज वाला संपूर्ण समाधान दिवस था मैनपुरी के थाना किशनी में. महिला अपनी बेटी को लेकर पहुंची. उम्मीद थी साहब लोग सुनेंगे. न्याय मिलेगा. लेकिन यहां तो मामला ही उल्टा हो गया.
न्याय मिलने के बजाय खुद ही जेल जाने की नौबत आ गई. दरअसल महिला ने कलेक्टर साहब के सामने जब अपनी शिकायत रखी तो उसकी आवाज थोड़ी ऊंची थी. (हो सकता है थाने से, चौकी से, तहसील से, बार-बार भगाए जाने से परेशान होकर बेचारी चिल्ला पड़ी हो) कलेक्टर साहब को उसका ऊंची आवाज में बोलना अच्छा नहीं लगा. दोनों में थोड़ी बहस हुई. माहौल गरमा गया. कलेक्टर साहब ने तुरंत महिला और उसकी बेटी को गिरफ्तार करके जेल में डालने का हुक्म सुना दिया.
कलेक्टर साहब का हुक्म सुनते ही वहां मौजूद अफसर सन्न रह गए. फरियादियों के होश फाख्ता हो गए. अब साहब का आदेश था तो मां बेटी को तत्काल गिरफ्तार करके पुलिस जीप में बैठाकर ले जाया गया. मामला सोशल मीडिया से होते हुए लखनऊ में सत्ता के गलियारों तक पहुंचा तो हड़कंप मच गया. उधर, कलेक्टर साहब को भी लगा, कुछ ज्यादा हो गया. उन्होंने कुछ देर बाद महिला और उसकी बेटी को छोड़ने का आदेश दिया तब जाकर दोनों की सांस लौटकर आई.
नोट- इस कहानी से हमें ये शिक्षा मिलती है कि कलेक्टर साहब के सामने कभी ऊंची आवाज में बात नहीं करनी चाहिए. न बहस की जुर्रत करनी चाहिए. वो खुद को जनता का सेवक कहते जरूर हैं लेकिन हैं माई बाप. ऊंची आवाज और बहस से उनका इगो हर्ट हो जाता है.
इस प्रकरण में डीएम का पक्ष भी आया है, सुनिए-
https://x.com/kanhaiyaa/status/1865734031997796818?s=46


