राहुल गांधी ने पुणे की विशेष एमपी/एमएलए अदालत में एक आवेदन दायर किया है, जिसमें विनायक सावरकर के खिलाफ कथित अपमानजनक बयानों से संबंधित मानहानि मामले को ‘समरी ट्रायल’ से ‘समन ट्रायल’ में बदलने का अनुरोध किया गया है। उनका तर्क है कि इस मामले में ऐतिहासिक तथ्यों की विस्तृत जांच आवश्यक है, जो समन ट्रायल के माध्यम से ही संभव है।
इससे अदालत में सावरकर के स्वतंत्रता संग्राम में योगदान, महात्मा गांधी की हत्या से जुड़े तथ्यों, ब्रिटिश सरकार को लिखे गए माफीनामे और पेंशन जैसे मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हो सकेगी।
इसके अतिरिक्त, अदालत ने राहुल गांधी को इस मामले में व्यक्तिगत पेशी से स्थायी छूट प्रदान की है, जिससे उन्हें सुनवाई के दौरान हर बार उपस्थित होने की आवश्यकता नहीं होगी।
राहुल गांधी का मानना है कि यदि अदालत इस मामले की लाइव स्ट्रीमिंग की अनुमति देती है, तो इससे जनता को ऐतिहासिक तथ्यों और सावरकर से जुड़े विभिन्न पहलुओं को समझने में मदद मिलेगी।
इस मामले पर कुछ प्रतिक्रियाएं भी पढ़ें- नीचे
प्रशांत टंडन-
राहुल गांधी ने सावरकर अवमानना केस को समन ट्रायल में तब्दील करने की अर्जी दी है.
कोर्ट इसकी इजाज़त दे तो सावरकर के तमाम सच सामने आएंगे. महात्मा गांधी ही हत्या से जुड़े तमाम तथ्य, अंग्रेज़ों को दिए माफीनामे और पेंशन भी.
इस मुकदमे की लाइव स्ट्रीमिंग भी होनी चाहिए ताकि दुनिया देखे.
नीरज सिंह-
ये राहुल गांधी की कांग्रेस की बहुत महत्वपूर्ण रणनीति होगी, इससे न सिर्फ सावरकर को बल्कि पूरी आरएसएस को एक्सपोज करने में बहुत मदद मिलेगी।
अमर आजाद-
हमारे मराठी में बोलते है ना
“झाकली मूठ सव्वा लाखाची”. वही अच्छा था सावरकर के लिए भी और उनके yz भक्तोके लिये भी.
पर रहमानी कीड़ा स्वस्थ कहा बैठने देता है, लो बोलना अभी बंबू, नये से सब कच्चा चिट्ठा खुलेगा कोर्ट के सामने. वेल डन राहुल गांधी
राजेंद्र पांडे-
अरुण शौरी जी की सावरकर पर लिखी नई किताब भी राहुल गांधी के काम आएगी। बल्की उनके मदद मांगनी चाहिए राहुल को।
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