मेरठ की सुभारती यूनिवर्सिटी में एक बार फिर छात्रा से छेड़छाड़ और रेप का प्रयास करने जैसा मामला सामने आया है। अपनी शुरूआत से अब तक यह विश्वविद्यालय इस तरह की तमाम घटनाओं को लेकर चर्चा में रहा है। गजब तो यह है कि यूनिवर्सिटी में हुए कांडों में प्रबंधन आरोपियों का साथ देता नजर आया है- पढ़ें नीचे….
नरेंद्र प्रताप-
साउथ दिल्ली की कॉरपोरेट और पॉलिटीकल फैमिली की एक युवती मेरठ से सुभारती विवि में MBBS की छात्रा है. 20 फरवरी को उसके सीनियर देव उत्कर्ष सागर ने उसे नशीली कोल्ड ड्रिंक पिलाई और बेहोशी के बाद उसके साथ अश्लीलता की, छात्रा से रेप का प्रयास किया गया।
आरोपी धमकी देता रहा. पुलिस ने दो दिन बाद मामूली धाराओं में केस दर्ज किया।
वारदात के बाद से खौफजदा पीड़िता से कॉलेज आना छोड़ दिया है।
दरअसल, आरोपी का परिवार सुभारती विवि में ही रहता है. उसका पिता सुभारती ग्रुप के मालिक का बेहद खास है. ग्रुप का सारा ट्रांसपोर्ट हैंडल करता है।
पुलिस पर आरोप है कि थानेदार 164 के बयान के बाद भी समझौते के दबाब बना रहा है. अभी तक गिरफ्तारी नहीं की गयी है।
मेरठ की सुभारती यूनिवर्सिटी का यह कोई पहले मामला नहीं है बल्कि पिछले कुछ वर्षों में कई विवाद सामने आए हैं। प्रमुख घटनाओं में शामिल हैं:
- एमबीबीएस में प्रवेश घोटाला (सितंबर 2024): छह छात्रों ने बौद्ध धर्म के फर्जी प्रमाण पत्रों के माध्यम से एमबीबीएस पाठ्यक्रम में प्रवेश लिया था। राज्य सरकार की जांच में यह मामला उजागर हुआ।
- सीएसआईआर नेट परीक्षा में नकल कांड (अगस्त 2024): सीएसआईआर नेट परीक्षा में नकल कराने के आरोप में 23 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसमें सॉल्वर गैंग के तीन सदस्य भी शामिल थे।
- प्रतियोगी परीक्षाओं पर रोक (दिसंबर 2024): परीक्षाओं में अनियमितताओं के कारण एसटीएफ की कार्रवाई के बाद सुभारती यूनिवर्सिटी में प्रतियोगी परीक्षाओं पर रोक लगाई गई थी।
दिसंबर 2024: पॉलिटेक्निक के एक छात्र ने हॉस्टल में फांसी लगाकर आत्महत्या की थी। प्रारंभिक जांच में प्रेम प्रसंग का मामला सामने आया था।
दिसंबर 2023: बीसीए प्रथम वर्ष के एक छात्र ने हॉस्टल की चौथी मंजिल से कूदकर आत्महत्या की थी। इस घटना के पीछे भी प्रेम प्रसंग का शक जताया गया था।
इन घटनाओं ने सुभारती यूनिवर्सिटी की छवि को प्रभावित किया है और प्रशासन के लिए चुनौतियाँ प्रस्तुत की हैं।


