16 साल बाद टीवी पत्रकार अतुल अग्रवाल और चर्चित एंकर चित्रा त्रिपाठी अलग हो गए। दोनों के अलग होने का क्या कारण रहा, ये तो वही जानें। हालांकि लोग इन दोनों टीवी के चर्चित चेहरों को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। ग्रोक एआई ने भी एक यूजर के सवाल का जवाब दिया है.. नीचे एक-एक कर पढ़ें…
शिवम पांडेय-
मशहूर एंकर चित्रा त्रिपाठी और चैनल संपादक अतुल अग्रवाल का तलाक़ हो गया है।
चित्रा त्रिपाठी के अलग होने की एक वजह ये भी हो सकती है क्योंकि, Chitra Tripathi गोदी मीडिया की एंकर हैं। और अतुल स्वतंत्र पत्रकार जो सत्ता से सवाल अक्सर पूछते हैं।
शिवराज यादव-
मैंने अतुल अग्रवाल की पत्रकारिता बिहार पेपर लीक मामले में देखी बिहार के डिप्टी सीएम भागते नजर आए !
चित्रा त्रिपाठी के अलग होने की एक वजह ये भी हो सकती है क्योंकि Chitra Tripathi गोदी मीडिया की एंकर हैं!
एक घर में दो विचारधारा नहीं चल सकतीं इसलिए तलाक लेना पड़ा हो!
इरफ़ान-
“त्रि” का अर्थ है “तीन” और “पाठी” का अर्थ है “पढ़ने वाला” या “ज्ञाता”, इसलिए त्रिपाठी का अर्थ है तीन वेदों का ज्ञाता.
अब सनातन संस्कारित, श्रेष्ठ ब्राह्मण बहन चित्रा त्रिपाठी जी का तलाक पर यह ज्ञान पढ़ा जाए

भार्गवी-
लगेगी आग तो आएंगे घर कई ज़द में,
यहां पर सिर्फ़ हमारा मकान थोड़ी है”
कभी चित्रा त्रिपाठी मुस्लिम औरतों के तीन तलाक़ पर डिबेट कर रही थीं आज खुद तलाक लेकर बैठ गईं!!
इसीलिए कहते हैं… जिनके घर शीशे के हों वो दूसरों के घरों पर पत्थर नहीं मारा करते!!
प्रिया मिश्रा-
ये क्या??? चित्रा त्रिपाठी का तलाक???
वैसे खटपट तो OYO वाले मैटर से ही था।
अतुल अग्रवाल अपने आप को बहुत बड़ा आदमी समझता है शुरू से ही। पति पत्नी के रिश्तों में अमीर गरीब, झूठ,धोखा.. नहीं चलता । लेकिन इन दोनों का शुरू से ऐसा ही चलता आया है।

मोना-
मैं इस दुख की घड़ी में चित्र जी के निर्णय के साथ हूँ। चित्रा जी की फैन भी हूँ। मुझे विश्वास है और भरोसा है कि 16 वर्ष के युगल जीवन में चित्रा जी ने ही ज्यादा त्याग ली होगी।
अब चित्र जी को ज्यादा प्रेम की जरूरत है और संवेदना की।
बालमुकुंद जोशी-
तलाक का मामला फिल्मी दुनिया और क्रिकेट जगत तक ही सीमित नहीं रहा.
अब न्यूज एंकरों के भी तलाक होने लगे. जानी मानी पत्रकार जोड़ी चित्रा त्रिपाठी और अतुल अग्रवाल ने 16 साल पुराने शादी के बंधन को तोड़ दिया है!

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चित्रा और अतुल का रिश्ता टूटने से मैं बहुत दुखी और उदास महसूस कर रहा हूं!
मूल खबर…



अखिलेश पाठक
March 20, 2025 at 8:25 pm
आपस में सामंजस्य न बैठने पर अलग हो जाना एक सामान्य कानूनी प्रक्रिया है, जो लोग अपनी कुंठा के कारण इसकी तुलना मुसलमानों की तीन तलाक से कर रहे हैं वे चित्रा के प्रति मात्र अपनी घृणा का परिचय दे रहे है अथवा अपने अल्पज्ञान का। एक स्वावलम्बी व स्वाभिमानी महिला रोज पति की मार क्यों सहेगी? जीवन का श्रेष्ठ मंत्र यही है कि *जब तक सम्भव हो सहयोग करो किन्तु जब आवश्यक हो तो विरोध करो*
जो लोग तीन तलाक की आलोचना करने के कारण चित्रा का उपहास कर रहे हैं तो वे नोट कर लें कि कल को यदि चित्रा पुनः अपने इसी पति के साथ पुनर्विवाह करना चाहे तो उन्हें हलाला की प्रक्रिया से नहींं गुजरना पड़ेगा। तीन तलाक की व्यवस्था को संसार की किसी भी सभ्यता से नहींं तौला जा सकता है, जहाँ पति की सनक को ही कानूनी अधिकार प्राप्त है और दुर्दशा और बेइज्जती निरपराध महिला को झेलनी पड़ती है। क्योंकि इस प्रकरण में चित्रा पीड़ित है इसलिए मेरी सहानुभूति और सदभावना चित्रा के साथ है और मै उनके बेहतर भविष्य की कामना करता हूँ।
Vimal m
March 21, 2025 at 7:30 am
तलाक अचानक नहीं होता रे.. हेडिंग तो से तैयार किया करो.