मेरठ नगर में तान्या ऑटोमोबाइल एवं नेक्सा शोरूम (स्वामी: हर्ष गर्ग और विवेक गर्ग) पर अवैध निर्माण, सड़क पर अतिक्रमण, पीडब्ल्यूडी भूमि कब्ज़ा और पर्यावरणीय क्षति जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। इस संबंध में समय-समय पर मुख्यमंत्री, प्रमुख सचिव, नगर विकास विभाग, पीडब्ल्यूडी, मेरठ विकास प्राधिकरण और नगर निगम को शिकायतें भेजी गईं, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है।
शिकायतकर्ता एडवोकेट राम कुमार शर्मा ने आरोप लगाया है कि स्थानीय मीडिया इस प्रकरण पर आर्थिक और राजनीतिक दबाव के चलते चुप है। वहीं, मेरठ विकास प्राधिकरण और नगर निगम प्रशासन पर भी आरोप है कि वे एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी के दबाव में कार्रवाई से बच रहे हैं। हर्ष गर्ग और विवेक गर्ग खुद को उक्त अधिकारी का पारिवारिक मित्र और साझेदार बताते हैं।


एडवोकेट शर्मा का कहना है कि यह स्थिति कानून के शासन और सुशासन की भावना के खिलाफ है और प्रदेश सरकार की छवि को धूमिल कर रही है। उन्होंने मांग की है कि शासन-प्रशासन अवैध निर्माणकर्ताओं और भूमाफियाओं पर कठोर कार्रवाई करे, मीडिया अपनी ज़िम्मेदारी निभाए और वरिष्ठ आईएएस अधिकारी की कथित संलिप्तता की जांच कराई जाए।
इसके साथ ही उन्होंने सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत मेरठ विकास प्राधिकरण से तान्या मोटर्स (छिप्पी टैंक) से जुड़े स्वीकृत मानचित्रों और शमन प्रक्रिया से जुड़े सभी अभिलेखों की प्रमाणित प्रतियां मांगी हैं।
मुख्यमंत्री को भेजे गए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया है कि बच्चा पार्क चौराहे पर स्थित आवासीय भूखंड पर पूर्ण रूप से व्यावसायिक निर्माण किया गया है। इसमें बेसमेंट, प्रथम और द्वितीय तल पर बिना सेटबैक निर्माण और बिजली विभाग से अवैध रूप से कनेक्शन लेने के आरोप शामिल हैं।
शिकायतकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए कहा है कि आवासीय क्षेत्र में व्यावसायिक गतिविधियां प्रतिबंधित हैं और किसी भी स्थिति में नियमित (शमन) नहीं की जा सकतीं। उनका कहना है कि मेरठ विकास प्राधिकरण द्वारा जारी क्लोज़र फ़ाइल संख्या 19849 में अवैध निर्माण को बचाने की कोशिश की जा रही है, जो न्यायालय की अवमानना और शासनादेशों की अवहेलना है।
राम कुमार शर्मा ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि मेरठ विकास प्राधिकरण के दोषी अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाए, अवैध निर्माण पर ध्वस्तीकरण किया जाए, शमन प्रक्रिया को निरस्त किया जाए और विद्युत विभाग द्वारा दिए गए अवैध कनेक्शन समाप्त किए जाएं।



