अभिषेक उपाध्याय-
राजेश्वर सिंह भारतीय राजनीति के वो किरदार हैं जो जितने ही high-profile और mysterious हैं, उतने ही untapped भी हैं।
आज तक किसी ने राजेश्वर सिंह के सीने में छिपे रहस्य और राज की एक से बढ़कर एक घुमावदार आल्पस पर्वतमाला की ओर देखने की कोशिश ही नहीं की!!
या जिन्होंने की भी हो, उन्हें सफलता नहीं मिली!!
दबी जुबान में हर कोई कहता है कि राजेश्वर सिंह की मुट्ठी के व्यास में लोकतंत्र का कोई भी स्तंभ समा सकता है!!
मगर इस मुट्ठी का व्यास हकीकत में कितना है, ये कोई अंदाजा नहीं लगा सका!!
इस पॉडकॉस्ट का ट्रेलर बताता है कि ब्रजेश मिश्रा ने राजेश्वर सिंह के इस रहस्यमयी चक्रव्यूह का पहला द्वार तोड़ दिया है!!
मुझे लगता है कि रविवार को रिलीज होने वाले इस पॉडकॉस्ट में राजेश्वर सिंह इस रहस्यमयी चक्रव्यूह के सातों द्वार खुद अपने हाथों से अलग कर किनारे रख देंगे!!
ब्रजेश मिश्रा को मैं रजत जी के बाद आधुनिक पत्रकारिता का सबसे शानदार interviewer मानता हूं।
वे बिना किसी को नाराज़ किए, बिना चीखे-चिल्लाए, बिना किसी तरह का विष-वमन किए, बिना टिक-टॉकरों जैसी खिलंदड़ई किए, अपने सामने बैठे हुए किरदार से सब कुछ उगलवा सकते हैं।
हाल ही में उन्होंने यूपी की राजनीति के बाहुबली राजा भैय्या का पॉडकास्ट किया।
आज तक राजा भैय्या ने सैकड़ों इंटरव्यू दिए होंगे फिर भी ब्रजेश मिश्रा ने उसने वो निकलवा लिया जो किसी के ज़ेहन में कौंधा तक न होगा!!
सो बेहद उत्सुकता से प्रतीक्षा है राजेश्वर सिंह बनाम ब्रजेश मिश्रा के इस पॉडकास्ट की।
अगर मुझे पहले पता होता कि ब्रजेश मिश्रा ये high profile पॉडकास्ट कर रहे हैं तो उनसे ज़रूर कहता कि राजेश्वर सिंह से एक सवाल ग़ालिब के इस शेर पर भी पूछ लें-
“हर एक बात पे कहते हो तुम कि तू क्या है
तुम्हीं कहो कि ये अंदाज़-ए-गुफ़्तुगू क्या है!!”
देखिए पॉडकास्ट का ट्रेलर-
जिनके नाम पर था ED का इकबाल। कैसी और कौन साजिशे रची गई थी। किसको कहां घेरना था। एक ऐसी प्रीमियर जांच एजेंसी जिसके किस्से कहानी उपन्यासों से ज्यादा है। सरकार बनाने बिगाड़ने से लेकर सत्ता की हर साजिश के राजदार। अब तक कभी नहीं बोले। लेकिन अब बोलेंगे। नाम है राजेश्वर सिंह अब भूमिका बदल गई है। अब विधायक है। लेकिन दिल्ली दरबार की 7 बड़ी जंग जीतने के बाद तलवार म्यान में रखी तो राजनीति में प्रवेश। अब MLA l
तत्कालीन रेवेन्यू सेक्रेटरी हसमुख अधिया का पूरा सच। सहारा इंडिया की जांच का असली चेहरा। वो कौन था जो दुबई से करता था फोन और फिर वो लम्हा जब CBI VS CBI की जंग शुरू हुई। क्या उसके प्रणेता, मेंटोर, और मार्गदर्शक थे राजेश्वर? क्या थी भूमिका? यूं ही कोई राजेश्वर नहीं बन जाता। सुनिए दो घंटे का पॉडकास्ट संडे 7 बजे सुबह। फर्स्ट प्रीव्यू। देखिए ब्रजेश मिश्रा के साथ।
-ब्रजेश मिश्रा


