हिंदी न्यूज़ चैनलों की टीआरपी जंग में 2026 के दूसरे और तीसरे हफ्ते के आंकड़े कई बड़े दावों की पोल खोलते दिखते हैं। मार्केट शेयर के इस ताज़ा चार्ट में जहां कुछ चैनलों ने चुपचाप बढ़त बनाई है, वहीं लंबे समय से नंबर-गेम पर अकड़ दिखाने वालों को साफ झटका लगा है।
सबसे अहम बात यह है कि ABP News ने इस हफ्ते उल्लेखनीय उछाल दर्ज किया है। वीक-02 में 6.6 प्रतिशत पर ठहरा चैनल वीक-03 में 7.2 प्रतिशत तक पहुंच गया। 0.6 प्रतिशत की बढ़त मामूली नहीं है, खासकर तब जब हिंदी न्यूज़ मार्केट में एक-एक दशमलव के लिए चैनल प्रबंधन करोड़ों झोंक देते हैं। इस बढ़त के साथ ABP News की रैंकिंग भी सुधरी है और वह 8वें स्थान से सीधे 7वें नंबर पर आ गया है।
इसके उलट News18 India को झटका लगा है। 13.0 प्रतिशत से फिसलकर 12.5 प्रतिशत पर आना इस बात का संकेत है कि सबसे आगे रहने का दावा अब उतना मजबूत नहीं रहा। Republic Bharat की गिरावट और ज्यादा चौंकाने वाली है। 9.7 प्रतिशत से सीधे 8.7 प्रतिशत पर आना बताता है कि आक्रामक तेवर और शोर-शराबा हर हफ्ते दर्शक नहीं खींच पा रहे।
Aaj Tak ने सीमित ही सही लेकिन बढ़त बनाई है और 11.6 प्रतिशत पर पहुंचकर खुद को मजबूत बनाए रखा है। Zee News ने भी 8.5 से 8.9 प्रतिशत तक की छलांग लगाई है। TV9 Bharatvarsh और News24 जैसे चैनलों ने भी छोटे-छोटे फायदे दर्ज किए हैं, जो बताता है कि मिड-सेगमेंट में मुकाबला लगातार कड़ा हो रहा है।
Times Now Navbharat, India TV और NDTV India जैसे चैनलों के लिए यह हफ्ता निराशाजनक रहा है, जहां मामूली लेकिन साफ गिरावट दिखती है। Good News Today, Zee Bharat और India News जैसे चैनल लगभग स्थिर रहे, यानी न तो दर्शक बढ़े, न ही गिरे।
कुल मिलाकर जॉनर शेयर में भी गिरावट दर्ज हुई है, जो यह संकेत देती है कि हिंदी न्यूज़ सेगमेंट में दर्शकों का बंटवारा और ज्यादा तेज़ हो रहा है। साफ है कि अब सिर्फ ब्रांड नेम या ऊंची आवाज़ से काम नहीं चलेगा। कंटेंट, एजेंडा और विश्वसनीयता की असली परीक्षा हर हफ्ते इन नंबरों में दिखाई दे रही है। भड़ास की नज़र में यह चार्ट सिर्फ आंकड़े नहीं, बल्कि हिंदी टीवी न्यूज़ मीडिया के अंदर चल रही खींचतान और प्राथमिकताओं का आईना है।


