Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

दिल्ली

IIMC भर्ती में गंभीर अनियमितताएं: सैकड़ों अभ्यर्थियों के साथ अन्याय, जांच की मांग

प्रिय संपादक महोदय (भड़ास4मीडिया)

मैं एक प्रभावित अभ्यर्थी हूं, जो भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC) की असिस्टेंट प्रोफेसर पदों की भर्ती प्रक्रिया में हुई गंभीर अनियमितताओं से पीड़ित है। मैं अपना नाम गोपनीय रखते हुए यह जानकारी आपको भेज रहा हूं, ताकि आप इस मुद्दे की जांच करें और इसे सार्वजनिक रूप से उजागर कर सकें। यह मामला सैकड़ों योग्य अभ्यर्थियों के साथ हो रहे अन्याय को दर्शाता है, और इसमें संस्थान की लापरवाही, अस्पष्ट दिशानिर्देश और संभवतः जानबूझकर की गई गलतियां शामिल हैं। मैं उम्मीद करता हूं कि आपका प्रतिष्ठित पोर्टल इस पर एक विस्तृत रिपोर्ट प्रकाशित करेगा, जिससे न्याय की प्रक्रिया शुरू हो सके।

नीचे मैं पूरे मुद्दे को क्रमबद्ध तरीके से विस्तार से समझा रहा हूं, साथ ही प्रासंगिक तथ्यों, तिथियों और दस्तावेजों का उल्लेख कर रहा हूं। यह जानकारी IIMC की आधिकारिक अधिसूचना, स्क्रूटनी लिस्ट और प्रभावित अभ्यर्थियों के अनुभवों पर आधारित है।

  1. पृष्ठभूमि: भर्ती विज्ञापन और उसकी अस्पष्टता

IIMC, जो सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अधीन एक डीम्ड विश्वविद्यालय है, ने असिस्टेंट प्रोफेसर (20 पद) और प्रोफेसर (1 पद) के लिए भर्ती निकाली थी। पहला विज्ञापन संख्या 02/2024 दिसंबर 2024 में जारी किया गया था। इसमें अभ्यर्थियों से ऑनलाइन (समर्थ पोर्टल के माध्यम से) और ऑफलाइन (हार्ड कॉपी डिप्टी रजिस्ट्रार के कार्यालय में) दोनों मोड में आवेदन मांगे गए थे। सभी अभ्यर्थियों ने फीस (Rs. 1500 और 3000 का डिमांड ड्राफ्ट) सहित आवेदन जमा किए।

8 सितंबर 2025 को IIMC ने एक ईमेल भेजकर इस विज्ञापन को रद्द कर दिया और नया विज्ञापन संख्या 01/2025 (दिनांक 05.09.2025) जारी किया। ईमेल में स्पष्ट रूप से कहा गया कि पुराने अभ्यर्थियों की फीस माफ की जाएगी, लेकिन सभी को “afresh ONLINE” आवेदन करना होगा।

नए विज्ञापन के दिशानिर्देशों (Section 6, Important Instructions No. 1) में बोल्ड अक्षरों में लिखा था कि आवेदन “ONLY in online mode” भरना है, और अंतिम तिथि 6 अक्टूबर 2025 है।

हालांकि, विज्ञापन के अंतिम भाग में सामान्य टेक्स्ट में उल्लेख किया गया कि आवेदन फॉर्म, दस्तावेज और डिमांड ड्राफ्ट को डिप्टी रजिस्ट्रार, IIMC को 13 अक्टूबर 2025 तक भेजना होगा। लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया गया कि यह निर्देश किसके लिए है – नए अभ्यर्थियों के लिए, पुराने अभ्यर्थियों के लिए, या सभी के लिए। हिंदी संस्करण में ऑफलाइन सबमिशन का कोई जिक्र ही नहीं था।

इस अस्पष्टता के कारण कई अभ्यर्थी (विशेषकर वे जो 2024 में आवेदन कर चुके थे) ने केवल ऑनलाइन आवेदन किया, क्योंकि ईमेल और बोल्ड निर्देशों ने ऑफलाइन की आवश्यकता पर जोर नहीं दिया।

  1. स्क्रूटनी लिस्ट और बड़े पैमाने पर रद्दीकरण

20 जनवरी 2026 को IIMC ने “First Scrutiny List of the Assistant Professor against Advt. No. 01/2025” जारी की (फाइल नंबर V/2039/2025)। इस लिस्ट में कुल लगभग 250+ आवेदनों की जांच की गई, जिसमें से अधिकांश (198 अभ्यर्थियों ) को “Rejected” कर दिया गया।

मुख्य कारण: “Application form not received” (आवेदन फॉर्म प्राप्त नहीं हुआ)। अन्य कारणों में “Demand Draft not received”, “Date of Demand Draft was after due date”, “MA/NET not in subject”, “No NET/No PhD” आदि शामिल हैं, लेकिन सबसे बड़ा हिस्सा ऑफलाइन फॉर्म न पहुंचने का है।

उदाहरण के लिए, लिस्ट में 198 आवेदन इसी आधार पर रद्द किए गए। ये वे अभ्यर्थी हैं जिन्होंने ऑनलाइन आवेदन किया था, लेकिन ऑफलाइन नहीं, क्योंकि दिशानिर्देश अस्पष्ट थे। प्रोविजनली शॉर्टलिस्टेड आवेदनों में भी दस्तावेज जैसे NET/PhD सर्टिफिकेट, EWS/कास्ट सर्टिफिकेट आदि मांगे गए हैं, लेकिन रद्दीकरण की संख्या चिंताजनक है।

रोचक तथ्य यह है कि आईआईएमसी तक फॉर्म नहीं पहुंचे हैं जिसकी वजह से उन्होंने आवेदन निरस्त किए हैं, लेकिन डिमान्ड ड्राफ्ट उन तक पहुंच गए है। उस को वापस नहीं किया गया।

  1. अभ्यर्थियों की शिकायतें और IIMC का रवैया

कई अभ्यर्थियों ने रिक्रूटमेंट सेल ([email protected]) और डायरेक्टर ([email protected]) को ईमेल भेजकर स्पष्टीकरण मांगा, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।

एक उदाहरण: एक अभ्यर्थी ने ईमेल भेजा, जिसमें विज्ञापन की अस्पष्टता को हाइलाइट किया गया। उन्होंने बताया कि यदि रद्दीकरण ऑफलाइन फॉर्म न पहुंचने के कारण है, तो यह दिशानिर्देशों की गलती है। साथ ही, यदि विज्ञापन रद्द होने के कारण फीस वापस नहीं की जा रही, तो यह अन्याय है।

अभ्यर्थी फीस रिफंड की भी मांग कर रहे हैं। क्योंकि फॉर्म “नहीं पहुंचा” माना जा रहा है, जबकि ड्राफ्ट प्राप्त हो चुका था। दस्तावेज जमा करने की अंतिम तिथि 28 जनवरी 2026 थी, जो अब बीत चुकी है, और कई अभ्यर्थी अब असहाय महसूस कर रहे हैं।

यह प्रक्रिया UGC नियमों (2018) का पालन करती दिखती है, लेकिन व्यावहारिक रूप से अभ्यर्थियों को भ्रमित करने वाली है।

  1. प्रभाव और संभावित अनियमितताएं

यह मुद्दा सैकड़ों योग्य अभ्यर्थियों (PhD धारक, NET क्वालीफाइड, शिक्षण अनुभव वाले) को प्रभावित कर रहा है, जो अब नौकरी के अवसर से वंचित हो रहे हैं। संदेह है कि अस्पष्ट दिशानिर्देश जानबूझकर दिए गए हों, ताकि कम आवेदनों को शॉर्टलिस्ट किया जा सके या किसी विशेष समूह को लाभ पहुंचाया जा सके।

फीस का मुद्दा: पुराने अभ्यर्थियों की फीस माफ थी, लेकिन यदि फॉर्म रद्द हो रहा है, तो फीस रिफंड क्यों नहीं? यह वित्तीय अनियमितता का संकेत हो सकता है।

संस्थान की प्रतिष्ठा: IIMC एक प्रमुख संस्थान है, लेकिन ऐसी लापरवाही से उसकी साख पर सवाल उठ रहे हैं।

मांगें और सुझाव

  • IIMC से मांग है कि सभी रद्द आवेदनों का पुनर्मूल्यांकन किया जाए, और अस्पष्टता के कारण प्रभावित अभ्यर्थियों को मौका दिया जाए।
  • फीस रिफंड की प्रक्रिया शुरू की जाए।
  • भविष्य में भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।

एक पीड़ित द्वारा भड़ास4मीडिया को भेजे गए मेल पर आधारित

Local News Community
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन