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अमेरिका ने ईरान के पाँच ठिकानों पर हमला किया, रेडिएशन का डर, भारत में कौन सा इलाका सबसे पास और कौन सबसे दूर, जानिए!

गुजरात सबसे नजदीक, दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत सबसे दूर!

खबर है कि अमेरिका ने ईरान के पाँच ठिकानों पर हमला किया है। इन हमलों से किसी भी ठिकाने के परमाणु ज़खीरे में विस्फोट होता है तो परमाणु रेडिएशन के ज़द में मध्य एशिया समेत कम से कम 12 मुल्क आयेंगे जिनमें भारत भी एक होगा। आइए जानें भारत में कौन सा इलाका ईरान के पास और कौन दूर है!

ईरान के सबसे नज़दीक भारत का हिस्सा-

पश्चिम भारत (West India) सबसे पास पड़ता है:
• गुजरात (खासकर कच्छ, जामनगर)
• राजस्थान का पश्चिमी हिस्सा
• महाराष्ट्र (मुंबई तटीय क्षेत्र)

दूरी लगभग: 1500–2500 किमी (सीधे रास्ते से)

मिडिल दूरी वाले इलाके
• मध्य प्रदेश
• दिल्ली
• उत्तर प्रदेश

दूरी: 2500–3500 किमी

सबसे दूर वाले इलाके-

पूर्व और दक्षिण भारत सबसे दूर हैं:
• असम, अरुणाचल प्रदेश
• तमिलनाडु, केरल
• ओडिशा
• अंडमान और निकोबार द्वीप समूह

दूरी: 3500–6000 किमी+


अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच सोशल मीडिया पर यह दावा तेजी से फैल रहा है कि ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमले हुए हैं और इससे कई देशों में रेडिएशन फैल सकता है, हालांकि उपलब्ध जानकारी के अनुसार ऐसे किसी बड़े परमाणु विस्फोट या अनियंत्रित रेडिएशन रिसाव की पुष्टि नहीं हुई है और इन दावों को बढ़ा चढ़ाकर पेश किया जा रहा है।

विशेषज्ञों के अनुसार किसी परमाणु सुविधा पर हमला अपने आप में परमाणु हमला नहीं होता, जब तक कि परमाणु हथियार का इस्तेमाल न किया गया हो या बड़े पैमाने पर रेडिएशन बाहर न निकला हो, मौजूदा हालात में ऐसी कोई स्थिति सामने नहीं आई है जिससे दूर देशों तक रेडिएशन पहुंचने का वास्तविक खतरा बने।

भारत के संदर्भ में दूरी और भौगोलिक स्थिति सबसे अहम हैं। ईरान के सबसे करीब भारत का पश्चिमी हिस्सा आता है, जिसमें गुजरात विशेष रूप से कच्छ क्षेत्र शामिल है, इसके अलावा राजस्थान और महाराष्ट्र के तटीय इलाके अपेक्षाकृत नजदीक माने जाते हैं।

मध्य दूरी वाले इलाकों में दिल्ली, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश आते हैं, जहां दूरी अधिक होने के कारण संभावित असर और कम हो जाता है।

सबसे दूर पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के राज्य हैं, जिनमें असम, अरुणाचल प्रदेश, तमिलनाडु, केरल और ओडिशा शामिल हैं, जबकि अंडमान और निकोबार द्वीप समूह सबसे अधिक दूरी पर स्थित है, जहां किसी भी संभावित रेडिएशन का असर लगभग नगण्य माना जाएगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि रेडिएशन का असर केवल दूरी पर निर्भर नहीं करता बल्कि हवा की दिशा और किसी संभावित दुर्घटना की तीव्रता भी महत्वपूर्ण होती है, जब तक बहुत बड़े स्तर का परमाणु हादसा न हो तब तक हजारों किलोमीटर दूर स्थित भारत तक गंभीर प्रभाव पहुंचने की संभावना बेहद कम रहती है, इसलिए फिलहाल भारत के लिए रेडिएशन का खतरा लगभग नहीं के बराबर है।

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1 Comment

1 Comment

  1. Ashish

    March 30, 2026 at 6:34 am

    भारत के गलत map का प्रयोग न करें, कश्मीर वाला पार्ट

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