Q: How much does it cost to undertake a 3-day demolish drive of 1,500 structures in India’s most wondrous state?
A: Rs 3,00,00,000
Rs 27 lakh on meals (+kachoris+rolls)
Rs 23 lakh of bottled water
Rs 24 lakh for videography
Rs 1.7 crore for JCBs, tractors
राजकोट: गुजरात के राजकोट नगर निगम का एक ध्वस्तीकरण अभियान अब कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों के कारण विवादों में घिर गया है। रिपोर्ट के अनुसार, जंगलेश्वर क्षेत्र में चलाए गए तीन दिवसीय अतिक्रमण हटाओ अभियान पर 3 करोड़ रुपये से अधिक का खर्च दिखाया गया है, जिस पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
सबसे अधिक चर्चा उन खर्चों की है जिनमें 27 लाख रुपये भोजन पर खर्च होने का दावा किया गया है। बताया गया है कि इस मद में काजू कचौरी और अंजीर-खजूर रोल जैसे खाद्य पदार्थ भी शामिल हैं। वहीं, 23 लाख रुपये बोतलबंद पानी पर खर्च दिखाए जाने से भी विवाद गहरा गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक अभियान के दौरान लगभग 1,500 निर्माणों को हटाया गया। खर्च के विवरण में 1.7 करोड़ रुपये बुलडोजर, जेसीबी और ट्रैक्टरों पर तथा 24 लाख रुपये वीडियोग्राफी पर खर्च दर्शाया गया है।
इन बिलों के सामने आने के बाद नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। आलोचकों का कहना है कि यदि खर्च वास्तविक हैं तो प्रत्येक मद का विस्तृत औचित्य सार्वजनिक किया जाना चाहिए, और यदि बिल बढ़ाकर बनाए गए हैं तो इसकी निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब हाल के महीनों में राजकोट नगर निगम पहले से ही विभिन्न प्रशासनिक मामलों को लेकर जांच और आलोचना का सामना कर रहा है। विपक्ष और सामाजिक संगठनों ने पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कर सार्वजनिक धन के उपयोग का पूरा हिसाब जनता के सामने रखने की मांग की है।
कितनी अच्छी बात है। डिमोलिशन करने वाले कर्मचारियों को भी भूख लगती है। जब कानून व्यवस्था की पिकनिक मन रही है तो काजू रोल और कचौरी क्यों नहीं बटनी चाहिए। बहुत अच्छा हुआ। बल्कि ब्राउनी और वेनिला का कॉम्बो भी बंटना चाहिए था। इतनी गर्मी है। जब सब ख़त्म होना है तो खाते पीते ख़त्म किया जाए।
-रवीश कुमार (वरिष्ठ पत्रकार)



