हैदराबाद। हैदराबाद के यूट्यूब आधारित राजनीतिक टिप्पणीकार के. वेंकटरामी रेड्डी (केवी रेड्डी) की गिरफ्तारी को लेकर विवाद गहरा गया है। तेलंगाना पुलिस ने गुरुवार (2 जुलाई) को आंध्र प्रदेश पुलिस के अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। यह कार्रवाई केवी रेड्डी की पत्नी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर की गई।
पत्नी ने लगाया जबरन उठाने और मारपीट का आरोप
केवी रेड्डी की पत्नी ने सरूरनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि 30 जून की देर रात कुछ लोग, जिन्होंने खुद को आंध्र प्रदेश पुलिसकर्मी बताया, उनके घर पहुंचे और उनके पति को जबरन अपने साथ ले गए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान उनके साथ भी मारपीट की गई।
शिकायत के आधार पर सरूरनगर पुलिस ने आंध्र प्रदेश के बोब्बिली सर्किल इंस्पेक्टर श्रीनिवास राव समेत संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। हालांकि, केवी रेड्डी अभी भी आंध्र प्रदेश पुलिस की हिरासत में हैं।
सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के उल्लंघन का आरोप
अपनी शिकायत में केवी रेड्डी की पत्नी ने कहा कि यदि गिरफ्तारी करने वाले लोग वास्तव में आंध्र प्रदेश पुलिस के थे, तब भी उन्हें वर्दी में होना चाहिए था, अपनी पहचान बतानी चाहिए थी और गिरफ्तारी का कारण व संबंधित मामले की जानकारी परिवार को देनी चाहिए थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा गिरफ्तारी की प्रक्रिया को लेकर जारी दिशा-निर्देशों का पालन नहीं किया। साथ ही उन्होंने अपने परिवार की सुरक्षा के लिए पुलिस संरक्षण की भी मांग की है।
मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री पर टिप्पणी के बाद हुई कार्रवाई
रिपोर्टों के मुताबिक, केवी रेड्डी और यूट्यूब चैनल ‘प्रश्ना’ (Raavan of Prashna) से जुड़े बी. जोसेफ को आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणियां करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
बी. जोसेफ को उसी रात गिरफ्तार किया गया था, लेकिन बाद में जिला मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किए जाने के बाद उन्हें जमानत मिल गई।
वाईएसआरसीपी ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
इस बीच, वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के पूर्व विधायक चिन्ना वेंकटप्पाला नायडू ने भी पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि जब वह केवी रेड्डी से मिलने थाने पहुंचे तो पुलिस ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और आमने-सामने मिलने की अनुमति नहीं दी। केवल संक्षिप्त फोन पर बात करने की इजाजत दी गई।
पूर्व विधायक ने यह भी आरोप लगाया कि मेडिकल परीक्षण पूरा होने के बावजूद पुलिस ने केवी रेड्डी को समय पर मजिस्ट्रेट के सामने पेश नहीं किया। उनके मुताबिक, पुलिस उन्हें अदालत परिसर तक ले गई, लेकिन पेश करने के बजाय वापस थाने ले आई और आगे पूछताछ करती रही।
केवी रेड्डी की गिरफ्तारी और उससे जुड़ी कानूनी प्रक्रिया को लेकर अब आंध्र प्रदेश और तेलंगाना की पुलिस आमने-सामने नजर आ रही है, जबकि मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है।



