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आज के अखबार : चंदा चोरी और चीनी ऐप्प की खबरों के बीच चुनाव आयोग के खिलाफ चिट्ठी खबर नहीं?

Front page of a newspaper with a bold headline about EC partisan and SIR, plus a small portrait of a man in the top-right corner.

यह पत्र रविवार को भेजा गया था और इसकी बातें शुक्रवार को सार्वजनिक की गईं। कहने की जरूरत नहीं है कि इसमें खबर यह भी है कि देश के मुख्य न्यायाधीश को चुनाव आयोग के पक्षपाती रुख पर रविवार को पत्र लिखा गया और उसे शुक्रवार को सार्वजनिक किया गया। खबर यह भी है कि इसके बावजूद यह खबर आज मेरे कई अखबारों में पहले पन्ने पर नहीं है।

संजय कुमार सिंह

आज की खबरों में भारत के मुख्य न्यायाधीश को इंडिया गठबंधन के 23 विपक्षी दलों की चिट्ठी भी है। द टेलीग्राफ में यह खबर सेकेंड लीड है। इसका शीर्षक है, चुनाव आयोग पक्षपाती है, एसआईआर को रद्द करें। देशबन्धु में यह खबर चार कॉलम में है। इसका शीर्षक है, लोकतंत्र को मोदी-शाह से खतरा। इसके साथ दो कॉलम में छपी एक छोटी सी खबर का शीर्षक है, कांग्रेस ने कहा – भरोसा बना रहे इसलिए संस्थानों को जिम्मेदारी निभानी होगी। केसी वेणुगोपाल की तस्वीर के साथ उनका कहा हाईलाइट किया गया है, लोकतंत्र की रक्षा करना न्यायपालिका की संवैधानिक जिम्मेदारी है। इसके साथ यह भी हाइलाइट किया गया है कि इंडिया गठबंधन के 23 दलों ने चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाए और एसआईआर मामले में शीर्ष अदालत से अपील की। द टेलीग्राफ की खबर इस प्रकार है, विपक्ष की 24 पार्टियों और निर्दलीय सांसद कपिल सिब्बल ने भारत के मुख्य न्यायाधीश से कई राज्यों में चल रही एसआईआर (मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण) प्रक्रिया को रोकने का अनुरोध किया है। उन्होंने चुनाव आयोग पर “पक्षपाती” व्यवहार का आरोप लगाया है और पूछा है कि अगर अदालतें मदद नहीं करेंगी तो वे किसके पास जाएं। उन्होंने कहा है कि हाल ही में बंगाल विधानसभा चुनाव भारी सुरक्षा घेरे और केंद्रीय बलों की बड़ी तैनाती के बीच हुए थे। उन्होंने चुनाव आयोग के उन कदमों का भी ज़िक्र किया जिनसे कथित तौर पर तृणमूल कांग्रेस को निशाना बनाया गया जिससे चुनाव प्रक्रिया “पक्षपाती… और नतीजतन संदिग्ध” हो गई।

कई राज्यों में हाल के चुनावों में “हेराफेरी” का आरोप लगाते हुए, पत्र में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) को लेकर संदेह जताया गया है और रिटर्निंग अधिकारियों की नियुक्ति तथा मतगणना केंद्रों के प्रबंधन के तरीके पर सवाल उठाए गए हैं। इसमें कहा गया है कि भविष्य में, एसआईआर प्रक्रिया घर-घर जाकर की जानी चाहिए और इसे किसी राज्य में विधानसभा चुनाव से कम से कम पांच साल पहले शुरू किया जाना चाहिए। संसद के दोनों सदनों में विपक्ष के नेताओं – मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी – के साझे लेटरहेड पर लिखा यह पत्र रविवार को भेजा गया था और इसकी बातें शुक्रवार को सार्वजनिक की गईं। कहने की जरूरत नहीं है कि इसमें खबर यह भी है कि देश के मुख्य न्यायाधीश को चुनाव आयोग के पक्षपाती रुख पर रविवार को पत्र लिखा गया और उसे शुक्रवार को सार्वजनिक किया गया। खबर यह भी है कि इसके बावजूद यह खबर आज मेरे कई अखबारों में पहले पन्ने पर नहीं है। पहले पन्ने की खबरों में चंदा चोरी से संबंधित खबरें, प्रतिक्रिया, जांच का प्रचार आदि तो है ही ई-रिक्शा रोकने वाले चीनी ऐप्प को हटाने की खबर भी लीड है। नवोदय टाइम्स में इस खबर का उपशीर्षक है, बैट-बीएमएस, लॉसिजी और एपॉक आयन पर कार्रवाई। इंट्रो है, इंटरनेट से जुड़े वाहनों में साइबर सुरक्षा को लेकर चिन्ता बढ़ गई है। आज खबरों में जो समस्या बताई गई है उसकी जानकारी मुझे नहीं थी और पहली बार पता चला कि ई-रिक्शा के साथ ऐसी भी कोई समस्या है। मैं तो ई-20 पेट्रोल या इथेनॉल मिले पेट्रोल और उससे संबंधित समस्याओं के बारे में सुनता रहा हूं और यही जानता हूं कि सरकार कारर्वाई नहीं कर रही है। पहले सरकार ने कहा कि इस मिलावट से कोई नुकसान नहीं है अब वाहन निर्माताओं से कहलवाया जा रहा है कि कोई नुकसान नहीं है। लेकिन मूल प्रश्नों का जवाब नहीं है कि 1) माइलेज कम होता है तो इसका उपयोग कोई क्यों करे 2) वैसे भी मिलावटी पेट्रोल का इस्तेमाल करने की जबरदस्ती क्यों है 3) अगर यह अच्छा या फायदेमंद है तो निर्णय उपभोक्ता पर नहीं छोड़ा जाना चाहिए और 4) एथनॉल मिलाने से कीमत कम क्यों नहीं की जा रही है और यह फायदा सरकार क्यों हड़पना चाहती है। इस मामले में सरकार के साथ मीडिया का रुख भी साफ नहीं है। 

चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष की चिट्ठी को भी अखबारों ने महत्व नहीं दिया है।  आज चंदा चोरी और चीनी ऐप्प की खबरों के बीच चुनाव आयोग के खिलाफ मुख्य न्यायाधीश को शिकायती चिट्ठी पहले पन्ने पन्ने की खबर नहीं बनी। खासकर तब जब पत्र पर मुख्य न्यायाधीश ने कोई कार्रवाई नहीं की तो उसे सार्वजनिक किया गया और पत्र में लिखा है, अगर अदालतें मदद नहीं करेंगी तो वे किसके पास जाएं। अगर मुख्य न्यायाधीश इस पत्र का जवाब नहीं देते हैं, कोई प्रतिक्रिया नहीं होती है तो इसके गंभीर मायने हैं लेकिन खबर ही नहीं है तो बाकी की क्या बात करूं। आइए आपको बताऊं कि आज अखबारों ने इसे छोड़कर और क्या छापा है या लीड बनाया है। हिन्दी के मेरे चार में से तीन अखबारों की लीड, चंदा चोरी की खबर अलग अंदाज में है। नवोदय टाइम्स में ई-रिक्शा को रोकने वाले चीनी ऐप की खबर लीड हैं तो चढ़ावा चोरी सेकेंड लीड है। दैनिक भास्कर की लीड का शीर्षक है, (राष्ट्रीय स्वयंसेवक) संघ ने कहा,  राम मंदिर चढ़ावा चोरी से आहत, दोषियों को सख्त सजा मिले। फ्लैग शीर्षक है – भ्रम खत्म हो, व्यवस्था सही हो। इसके साथ की एक खबर में कहा गया है, श्रीबद्रीनाथ धाम के चढ़ावे में गड़बड़ी के आरोप… सीसीटीवी फुटेज की जांच शुरू। अमर उजाला की लीड का शीर्षक है, मंदिर प्रबंधन के लेन-देन में भी खामियां। देशबन्धु की लीड का शीर्षक है, राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में संघ के बयान पर कांग्रेस का पलटवार, मुंह में राम, बगल छुरी संघ का असली चेहरा।

अंग्रेजी अखबारों में टाइम्स ऑफ इंडिया की लीड का शीर्षक है, भारत ने जोर देकर कहा, सिंधु जल समझौता सस्पेंड (निलंबित) रहेगा। खबर का इंट्रो है, जब तक पाकिस्तान भरोसेमंद और पक्के तौर पर आतंक के निर्यात को खत्म नहीं करता। टाइम्स ऑफ इंडिया की सेकेंड लीड का शीर्षक है, सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि व्यभिचार (ए़डलटरी) की आरोपी जीवनसाथी निजता के अधिकार का दावा नहीं कर सकती। हिन्दुस्तान टाइम्स की लीड का शीर्षक है, सितंबर तक अल नीनो के तेज़ी से बढ़ने और मौसम में भारी उथल-पुथल मचाने की आशंका। सेकेंड लीड का शीर्षक है, एसआईटी ट्रस्ट के वित्तीय मामलों की जांच का दायरा बढ़ाएगी। इसके साथ दो कॉलम की खबर का शीर्षक है, आरएसएस ने चुप्पी तोड़ी: कार्रवाई ज़रूरी है। पहले पन्ने से पहले के अधपन्ने की लीड का शीर्षक है, सुप्रीम कोर्ट ने राजधानी में बिजली वितरण कंपनियों (डिसकॉम) के प्रस्तावित सीएजी ऑडिट पर रोक लगाई। यह खबर देशबन्धु में भी पहले पन्ने पर है। अखबार ने लिखा है कि शीर्ष अदालत से यह दिल्ली सरकार को बड़ा झटका है। इंडियन एक्सप्रेस ने भी आरएसएस के चुप्पी तोड़ने को ही महत्व दिया है। लीड का मुख्य शीर्षक है, अयोध्या विवाद पर आरएसएस ने चुप्पी तोड़ी: चोरी निंदनीय है, ट्रस्ट को कार्रवाई करनी चाहिए। इसके साथ छपी एक खबर का शीर्षक है, दोषियों को सज़ा मिलनी चाहिए, ट्रस्ट को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि भक्तों का भरोसा न डगमगाए – आरएसएस महासचिव दत्तात्रेय होसबोले ने कहा। एक और खबर है, जांच से पता चला है कि महाकुंभ के दौरान लोगों की भीड़ बढ़ने के साथ ही चोरी की घटनाओं में भी बढ़ोतरी हुई। सेकेंड लीड है, केंद्र ने चीन से जुड़ी चार कंपनियों के लिए बिजली परियोजनाओं के लिए टेंडर देने की इजाजत दी। ये ऐसी कंपनियां हैं जिनके कारखाने भारत में हैं। वित्त मंत्रालय ने कहा, इस छूट को दूसरी कंपनियों के लिए परंपरा नहीं माना जाना चाहिए। द हिन्दू की लीड भी यही है। उपशीर्षक है, वित्त मंत्रालय का कहना है कि यह छूट दो साल के लिए मान्य है और इसे मिसाल (प्रीसिडेंट) नहीं माना जाना चाहिए; यह फैसला बिजली मंत्रालय के अनुरोध पर अंतर-मंत्रालयी विचार-विमर्श के बाद लिया गया है। द एशियन एज की लीड का शीर्षक है, प्रधानमंत्री 6-11 जुलाई तक इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड का दौरा करेंगे।

फोटो मैं रोज चार हिन्दी और छह अंग्रेजी, कुल दस, कई बार इससे भी ज्यादा अख़बार देखकर उसकी खास बातें लिखता हूँ। अंग्रेजी की खबरों के खास अंशों का अनुवाद करता हूं। वह भी लिखता हूं जो अखबार नहीं लिखते या नहीं लिख सकते हैं। जो लिखता हूं उसमें बहुत कुछ याद से लिखा होता है। एआई का सहयोग होता है। कुछ अंग्रेजी अखबारों की खबरों का अनुवाद होता है। इसलिये भूल-चूक की आशंका है। कृपया कहीं उल्लेख करने या हवाला देने से पहले अपने स्तर पर पुष्टि कर लें।

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