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संसदीय समिति ने मेटा, एक्स, गूगल, Snapchat को किया तलब, 3 अगस्त को पेशी!

Person holding a smartphone displaying a folder of social media app icons (Instagram, Facebook, TikTok, YouTube).

नई दिल्ली: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की जवाबदेही और नियमन को लेकर संसद की सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार संबंधी स्थायी समिति (Parliamentary Standing Committee on Communications and Information Technology) ने Meta, X, Google और Snapchat को 3 अगस्त को पेश होने के लिए तलब किया है। समिति की बैठक 3 अगस्त को शाम 4 बजे आयोजित होगी।

समिति के अध्यक्ष और भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसकी जानकारी देते हुए बताया कि समन Meta के स्वामित्व वाले Facebook, Instagram और WhatsApp के साथ-साथ X (पूर्व में Twitter), Snapchat और Google को भेजा गया है।

दुबे ने कहा कि बैठक में महिलाओं, बच्चों, किसानों, ग्रामीण आबादी, मजदूरों और आम नागरिकों की निजता की सुरक्षा तथा कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की जिम्मेदारियों पर चर्चा की जाएगी।

यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फेसबुक अकाउंट से एक वीडियो अस्थायी रूप से हटाए जाने के मामले ने विवाद खड़ा कर दिया था। मंगलवार सुबह यह वीडियो भारत में दिखाई नहीं दे रहा था और उपयोगकर्ताओं को संदेश मिल रहा था कि इसे कानूनी अनुरोध के आधार पर प्रतिबंधित किया गया है। बाद में Meta ने वीडियो बहाल करते हुए कहा कि यह तकनीकी त्रुटि (Technical Error) के कारण हट गया था।

इस घटना के बाद Meta की कंटेंट मॉडरेशन प्रणाली, कानूनी टेकडाउन अनुरोधों को संभालने की प्रक्रिया और संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों की सामग्री हटाने से पहले अपनाई जाने वाली सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे हैं।

हालांकि, संसदीय समिति का एजेंडा केवल इस विवाद तक सीमित नहीं है। बैठक में गोपनीयता की सुरक्षा, कंटेंट मॉडरेशन, सोशल मीडिया कंपनियों की जवाबदेही, सार्वजनिक व्यवस्था को प्रभावित करने वाली सामग्री से निपटने की जिम्मेदारी, डीपफेक, फेक न्यूज, बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा, फर्जी पहचान (Impersonation) और एल्गोरिदम आधारित कंटेंट सिफारिश प्रणाली जैसे मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना है।

हाल के दिनों में केंद्र सरकार भी दोहरा चुकी है कि सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) और आईटी नियमों (IT Rules) के तहत सोशल मीडिया मध्यस्थों (Intermediaries) के लिए आवश्यक सतर्कता (Due Diligence) बरतना और अवैध तथा हानिकारक सामग्री पर त्वरित कार्रवाई करना अनिवार्य है।

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