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सुख-दुख

हर रील कॉपी करके ट्विटर (X) पर चेंपने वालों को अब चवन्नी भी नहीं मिलेगी

एलोन मस्क (Elon Musk) ने X पर से ‘कॉपी-पेस्ट गैंग’, रील चोरों और मीम एग्रीगेटर्स का बोरिया-बिस्तर समेटने के लिए Original Content Rewards Program लागू कर दिया है। इस बड़े बदलाव से अब चोरी के कंटेंट पर क्या असर पड़ेगा, इसे आसान शब्दों में समझें:

इन चीज़ों पर अब फूटी कौड़ी (चवन्नी) भी नहीं मिलेगी:

  • क्रॉस-प्लेटफॉर्म रीपोस्ट: इंस्टाग्राम या यूट्यूब से सीधे रील्स डाउनलोड करके X पर बिना किसी बदलाव के डाल देना। 
  • कॉपी-पेस्ट कंटेंट: किसी दूसरे क्रिएटर का वीडियो, फोटो या टेक्स्ट हूबहू उठाकर अपने हैंडल से पोस्ट करना। 
  • नाममात्र का बदलाव (Minimally Modified): किसी और के वीडियो की स्पीड थोड़ी बदल देना, उस पर एक फिल्टर लगा देना या सिर्फ ऊपर थोड़ा सा टेक्स्ट लिख देना। 
  • एंगेजमेंट फार्मिंग (Engagement Farming): “जो भी कमेंट करेगा, मैं उसे फॉलो करूंगा” जैसे झांसे देकर व्यूज बटोरना। ऐसा करने वाले 4,000 से ज्यादा अकाउंट्स को पहले ही मॉनेटाइजेशन से बाहर फेंका जा चुका है।

पैसे सिर्फ इसके मिलेंगे:

  • आपका खुद का असली कंटेंट, ओरिजिनल रिपोर्टिंग, एनालिसिस या खुद की खींची हुई तस्वीरें और वीडियो। 
  • अगर किसी मुद्दे पर बात कर रहे हैं, तो उसमें आपकी खुद की कोई वैल्यूएबल राय या क्रिएटिविटी जुड़ी होनी चाहिए। 
  • पेमेंट भी अब साधारण व्यूज पर नहीं, बल्कि सिर्फ X Premium (ब्लू टिक वाले) यूजर्स द्वारा देखे गए क्वालिफाइड इम्प्रेशन्स(Qualified Impressions) पर मिलेगी। 

यानी सीधे शब्दों में कहें, तो दूसरों की मेहनत पर मलाई काटने वाले ‘स्लॉप अकाउंट्स’ (Slop Accounts) का धंधा अब पूरी तरह चौपट हो चुका है। कमाई सिर्फ उन्हीं की होगी जो खुद का दिमाग और मेहनत लगाएंगे। 


नई दिल्ली। दूसरों की बनाई रील उठाई, X पर चेंपी, लाखों व्यू बटोरे और पैसे जेब में डाल लिए। X पर चल रहा यह खेल अब खत्म होने जा रहा है। कंपनी ने अपना पुराना क्रिएटर रेवेन्यू शेयरिंग कार्यक्रम बंद कर दिया है। उसकी जगह ऐसी नई कमाई व्यवस्था लाई गई है, जिसमें पैसा इस बात पर निर्भर करेगा कि आपने खुद क्या बनाया, लिखा, फिल्माया या उसमें अपना कितना दिमाग लगाया।

X का पुराना कमाई कार्यक्रम 7 सितंबर 2026 को समाप्त हो चुका है। इसमें पहले से शामिल लोगों की उस तारीख तक की कमाई का हिसाब किया जाएगा और बची हुई रकम का आखिरी भुगतान करीब 11 सितंबर को होना है। इसके बाद पुरानी व्यवस्था के तहत व्यू और भागीदारी बटोरकर कमाई करने वाला मॉडल इतिहास हो जाएगा।

इस बदलाव की सबसे बड़ी मार उन खातों पर पड़ने वाली है जिनका पूरा धंधा दूसरों का माल उठाकर अपनी दुकान पर सजाने का था। किसी की रील डाउनलोड की, किसी का वायरल वीडियो उठाया, किसी की तस्वीर चेंपी और उसके ऊपर दो लाइन लिखकर लाखों लोगों तक पहुंच गए। नई व्यवस्था में ऐसी नकल को कमाई का आधार नहीं माना जाएगा। X अब उस सामग्री को तरजीह देगा जिसे बनाने वाले ने खुद लिखा, फिल्माया, डिजाइन किया या जिसमें उसका अपना नजरिया, जानकारी और रचनात्मक मेहनत साफ दिखाई देती हो।

इसका मतलब यह भी नहीं है कि किसी खबर, वीडियो या दूसरी सामग्री का इस्तेमाल ही नहीं किया जा सकता। अगर कोई व्यक्ति किसी खबर पर अपना विश्लेषण करता है, नया संदर्भ देता है, अपनी जानकारी जोड़ता है या किसी घटना को अपने नजरिए से समझाता है, तो ऐसी सामग्री कमाई के योग्य हो सकती है। फर्क सीधा है – दूसरे का माल उठाकर चेंप देना और दूसरे के माल को आधार बनाकर कुछ नया पैदा करना एक चीज नहीं है।

पुरानी व्यवस्था से X खुद भी परेशान था। ज्यादा पैसा पाने की होड़ ने ऐसे खातों की फौज खड़ी कर दी थी जिनका मकसद अच्छी सामग्री बनाना कम और किसी भी तरह लोगों की प्रतिक्रिया बटोरना ज्यादा था। कंपनी की क्रिएटर उत्पाद प्रमुख एलेग्रा जैकिया के मुताबिक पुरानी व्यवस्था के प्रोत्साहन उस मकसद से भटक गए थे जिसके लिए इसे बनाया गया था। इसलिए उसमें बार-बार मरम्मत करने के बजाय कंपनी ने पूरी व्यवस्था बदलने का फैसला किया।

नई व्यवस्था में सिर्फ यह नहीं देखा जाएगा कि किसी पोस्ट को कितनी बार देखा गया। भुगतान के लिए योग्य व्यू की अलग गणना होगी। एक ही आदमी किसी पोस्ट को बार-बार देखे तो हर बार उसकी गिनती नहीं होगी। पैसे देकर बढ़ाए गए, कृत्रिम तरीके से पैदा किए गए या फर्जी व्यू भी कमाई में नहीं जुड़ेंगे। यानी लाखों का आंकड़ा दिखा देना भर अब कमाई की गारंटी नहीं रहेगा।

नई व्यवस्था में आने के लिए भी कुछ शर्तें हैं। उम्र कम से कम 18 साल होनी चाहिए, पात्र सशुल्क सदस्यता होनी चाहिए, कम से कम 500 सत्यापित अनुयायी होने चाहिए और पिछले 90 दिनों में सत्यापित लोगों से कम से कम पांच लाख योग्य व्यू मिलने चाहिए। खाता कम से कम तीन महीने पुराना और पिछले 30 दिनों में सक्रिय होना भी जरूरी है।

सीधी भाषा में समझिए – अपनी बात लिखिए, अपना वीडियो बनाइए, किसी मुद्दे पर अपना विश्लेषण दीजिए, मेहनत कीजिए तो कमाई का रास्ता खुला है। लेकिन इंस्टाग्राम, यूट्यूब, फेसबुक या कहीं से भी से रील उठाई, X पर चेंपी और नीचे ‘Thoughts?’ लिखकर बैठ गए – तो अब चवन्नी मिलने की भी गारंटी नहीं है।

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