कोच्चि। केरल हाईकोर्ट ने मलयालम न्यूज चैनल Big TV की पत्रकार अपर्णा कुरुप को पुलिस सुरक्षा देने का आदेश दिया है। अपर्णा ने सुन्नी मुस्लिम धर्मगुरु कांथापुरम एपी अबूबकर मुसलियार के महिलाओं को लेकर दिए गए बयान पर एक डिबेट कराई थी। इसके बाद उन्हें सोशल मीडिया पर कथित तौर पर जान से मारने, रेप और शारीरिक हमला करने की धमकियां मिलने लगी थीं।
अदालती कवरेज करने वाली वेबसाइट बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार, जस्टिस बेचू कुरियन थॉमस ने एर्नाकुलम टाउन साउथ पुलिस स्टेशन के स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) को अपर्णा कुरुप और उनके आवास की पर्याप्त सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि पुलिस यह सुनिश्चित करे कि पत्रकार के घर के आसपास कानून-व्यवस्था बनी रहे और किसी भी व्यक्ति को वहां किसी तरह की बाधा या हस्तक्षेप की अनुमति न दी जाए।
दरअसल, कांथापुरम एपी अबूबकर मुसलियार ने कोच्चि में एक कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को लेकर टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि महिलाओं को घर पर रहना चाहिए और पुरुषों के साथ सार्वजनिक मंच साझा करने से बचना चाहिए। यह टिप्पणी सुन्नी विद्वानों के संगठन Samastha Kerala Jamiyyathul Ulama की एक सर्कुलर के समर्थन में की गई थी, जिसमें महिलाओं को गैर-रिश्तेदार पुरुषों के साथ सार्वजनिक स्थान साझा करने से रोकने की बात कही गई थी।

इस बयान के बाद विवाद खड़ा हो गया। इसके बाद अपर्णा कुरुप ने Big TV पर ‘Big Dialogue’ नाम से एक डिबेट कराई, जिसमें धर्मगुरु की टिप्पणियों पर चर्चा की गई। अपर्णा का कहना है कि यह कार्यक्रम पत्रकारिता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के तहत किया गया था और इसका उद्देश्य किसी धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाना नहीं था।
डिबेट प्रसारित होने के बाद अपर्णा ने आरोप लगाया कि उन्हें सोशल मीडिया पर संगठित तरीके से निशाना बनाया गया। उनकी याचिका के मुताबिक, सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ अश्लील गालियां, जान से मारने और रेप की धमकियां दी गईं। कथित तौर पर उनके घर का पता और तस्वीर भी सोशल मीडिया पर साझा की गई और लोगों से उनके घर के बाहर प्रदर्शन करने की अपील की गई।
अपर्णा ने इस मामले में पुलिस से शिकायत की थी, जिसके बाद 5 सितंबर को कोच्चि साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया। उनका कहना है कि एफआईआर दर्ज होने के बाद भी धमकियां जारी रहीं।
पत्रकार ने केरल हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अपनी सुरक्षा की मांग करने के साथ साइबर क्राइम मामले की प्रभावी जांच कराने और उन्हें मिल रही धमकियों का आकलन कराने की भी मांग की।
हाईकोर्ट ने अंतरिम आदेश में अपर्णा कुरुप को पुलिस सुरक्षा देने का निर्देश दिया है। मामले पर अगली सुनवाई 26 अक्टूबर 2026 को होगी। याचिका अपर्णा कुरुप की ओर से अधिवक्ता मंसूर बीएच और सकीना बेगम ने दायर की।


