Connect with us

Hi, what are you looking for?

वेब-सिनेमा

नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर बीबीसी हिंदी किस बात से डर गया?

Close-up portrait of an elderly man with white beard and glasses, wearing a dark jacket, with a red Hindi caption and the BBC News Hindi watermark in the background. The overlaid Hindi text asks viewers for a birthday gift idea.

विक्रम सिंह चौहान-

बीबीसी हिंदी किस बात से डर गया? क्यों उसे इस पोस्ट में कमेंट सेक्शन ऑफ करना पड़ा?

बीबीसी को पहले से अंदाजा था कि नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर पोस्ट में भारी संख्या में प्रतिक्रियाएं आएंगी। पिछले साल हमने देखा है। बीबीसी ऐसे पोस्ट अक्सर करता रहा है। फिर आज क्या बात हुई?

आपने मर्यादित भाषा में कमेंट करने कमेंट सेक्शन में अपील तो कर दिया था। आपकी आधी जिम्मेदारी वहाँ खत्म हुई। बीबीसी ने अभिव्यक्ति की हमारी स्वतंत्रता पर हमला किया है।

मैंने जब देखा, तब 30 हजार कमेंट आ चुके थे। बीबीसी ने क्या आलोचनात्मक टिप्पणियों और आपत्तिजनक टिप्पणियों में अंतर किया? गाली-गलौज को फेसबुक स्वतः हाइड कर देता है। बाकी वही शब्द थे, जो मोदी के मुख से निकले थे।

बीबीसी आज गोदी मीडिया वाला काम कर गया। जो पोल करवाने के बाद कमेंट्स ऑफ कर देते थे।

आपके ऊपर कौन सा इल्जाम लगना था कि आपने “गिफ्ट जो आप देना चाहें, मोदी को बोलकर” उनको गालियाँ पड़वाईं!

बीबीसी हिंदी लिख रहा है.. “17 सितंबर को पीएम मोदी के जन्मदिन पर इस पोस्ट पर आपकी टिप्पणियों के बाद देर रात कमेंट सेक्शन को ऑफ कर दिया गया है.”

आखिर बीबीसी कहना क्या चाह रहा है? आपकी टिप्पणियों मतलब? 30 हजार कमैंट्स क्या सिर्फ गाली के थे. स्वस्थ आलोचना नहीं थी उसमें?

और अगर गाली और अमर्यादित टिप्पणी आपको ज्यादा दिख रही थी तो आपको क्या दिक्कत, आप पर कौन सा केस होना था. हम जनता, हमारा कमैंट्स आपने तो गिफ्ट माँगा था, जनता ने अपने सुविधानुसार गिफ्ट दिया!

Pahad Ki Dada: Hill Mail Uttarakhand
CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन