एबीपी न्यूज चैनल के मैनेजिंग एडिटर मिलिंद खांडेकर ने इस्तीफा दे दिया है. उनकी जगह फिलहाल रजनीश अहूजा को कार्यभार सौंपा गया है. रजनीश एबीपी न्यूज में ही एसोसिएट मैनेजिंग एडिटर के पद पर कार्यरत हैं.

मिलिंद खांडेकर

रजनीश आहूजा
मिलिंद खांडेकर के इस तरह इस्तीफा देने से सब लोग आश्चर्य व्यक्त कर रहे हैं. वे काफी समय से एबीपी समूह के हिस्से थे. मिलिंद को शाजी जमां के एबीपी न्यूज से हटने के बाद चैनल की कमान सौंपी गई थी.
शाजी जमां जनसरोकारी पत्रकारिता के लिए जाने जाते थे. उनके जाने के बाद जब मिलिंद आए तो चैनल का मूड शुरुआत में सत्ता फ्रेंडली होने लगा था. हाल के दिनों में फिर से एबीपी न्यूज के तेवर पहले जैसे दिखने लगे. खासकर पुण्य प्रसून बाजपेयी का ‘मास्टर स्ट्रोक’ सत्ताधारी सरकार की नीतियों का पोल खोलने के कारण चर्चा का विषय बन गया है.
कहा जा रहा है कि सत्ता की पोलखोल खबरों-शो के कारण सत्ताधारी काफी नाराज हैं इसलिए प्रबंधन पर कई किस्म के दबाव डाले गए जिसके चलते गाज गिरनी शुरू हो गई है. बताया जा रहा है कि कई लोग संस्थान से निकाले जा सकते हैं.
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Ramesh Chandra Pandey
August 3, 2018 at 5:57 am
बहुत सही हुआ, पापी बाजपेई जब भी आता था, रोता ही रहता था, लोग खुशी प्रदान करने वाली खबरें भी देखना चाहते हैं, क्या भारत में सब कुछ नेगेटिव ही हो रहा है ? इसलिए लोगों ने ABP देखना ही छोड़ दिया था, अभिलार तो था ही फिर पापी और आ गया कोढ़ में खाज की तरह, इसीलिए तो पापी को ‘आजतक’ से लतियाया गया था | ऐसे ही चलता रहता तो ABP के हाल भी NDTV की तरह हो जाते, देर आयद दुरुस्त आयद |
डॉ सत्येंद्र कुमार
August 3, 2018 at 6:50 pm
मास्टर स्ट्रोक देखने के बाद लगता ही नही था कि भारत दुनिया की छठी अर्थव्यवस्था है।हमे महसूस होता था कि हम सोमालिया में आ गये है।सरकार की त्रुटियों को जनता तक पहुचाना अच्छी बात है, लेकिन बिना किसी सबूत के एक खास व्यक्तिगत खुन्नस निकलना, पत्रकारिता का रेप है।
lalit Tyagi
August 4, 2018 at 1:49 am
Abhisar sharma Apni dushmani nikal rahA tha Aap dakiye Uski facebook profile main Uski post main like or share on hai but comment ko off kiya hua hai one side story usne kabhi Batya ki Uski wife income tax main hai or us6per inquire chal rahI hai
Rajesh Deoliya
August 6, 2018 at 2:21 pm
Punya Prasoon Bajpayee, Abhisaar, Raviish Kumar and many more news anchors and sr journalists have lost their grip over their journalistic knowledge and experience and have only one agenda i.e to deeply criticize the present government. They say that government is killing their voice, while ironically they are exponentially vocal than the old UPA Governments. Public understand this and that is why they are rapidly losing their credentials. Their eyes were not able to see the mismanagement of old governments. That is why they are biased. They should sit at home and that will be great relief to Indian Public. The fact is that this new government is doing hard work to achieve the targeted results. It may not be able to achieve them but efforts should be appreciated. One more reason may be that the present government might have curtailed the facilities to journalist!!! ( though I am not sure) and hence they are frustrated lot.