Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

टीवी

जी मीडिया को सरकार की तरफ से बड़ा झटका, इन दस चैनलों के लिए खड़ी हुई मुश्किल

केंद्र सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने GSAT-15 सैटेलाइट के KU बैंड पर जी मीडिया के दस चैनलों की डिश टीवी टेलीपोर्ट के जरिए अपलिंकिंग के परमिशन को रद्द कर दिया है.

इन दस न्यूज चैनलों के नाम हैं-

Zee Hindustan

Zee Rajasthan

Zee Punjab Haryana Himachal

Zee Bihar Jharkhand

Zee Madhya Pradesh Chhattisgarh

Zee Uttar Pradesh Uttarakhand

Zee Salam

Zee 24 Kalak

Zee 24 Taas

Zee Odisha (now “Zee Delhi NCR Haryana”)

पूरा मामला कुछ यूं है. जी के ये दस चैनल डीडी फ्री डिश पर भी हैं जो जीसैट-15 सैटेलाइट के सी बैंड से अपलिंक हैं. साथ ही ये दस चैनल डिश टीवी पर भी हैं जो इसी सैटेलाइट के Ku बैंड से अपलिंक हैं. सरकार का अब कहना है कि ये दोहरा लाभ है जिसे नहीं लिया जा सकता. सरकार ने जी मीडिया को कहा वह किसी एक बैंड पर ही रहे. पर जी मीडिया ने सरकार की बात को इग्नोर कर दिया. इसके बाद आज जी मीडिया के दस चैनलों को जीसैट 15 के KU बैंड से हटाने का आदेश का जारी कर दिया गया.

सूत्रों का कहना है कि सुभाष चंद्रा ने अपनी राज्यसभा सीट की चुनावी हार को दिल पर ले लिया है और इन दिनों उनके चैनल सरकार विरोधी तेवर अपनाए हुए हैं. सरकारी भक्त सुधीर चौधरी की भी इसी वजह से जी मीडिया से विदाई कर दी गई. सरकार ने अब जवाबी कार्रवाई के तहत सुभाष चंद्रा को औकात में लाने की कार्रवाई शुरू कर दी है.

यहां सवाल सरकार पर भी उठता है कि जब तक जी मीडिया सरकारी भक्त रहा, उसे नियम कानून से हटकर फेवर दिया गया. अब जब जी मीडिया सरकार विरोधी खबरें दिखाने लगा तो सरकार नियम कानून बताकर उसके खिलाफ एक्शन ले रही है. कुल मिलाकर ये सत्ता के साथ मिलकर मलाई खाने के बाद सत्ता विरोधी तेवर अपनाने के साइड इफेक्ट हैं जिसे आगे और भी झेलना होगा. अगर सरकार से जी मीडिया का समझौता हो जाता है तो भी युद्ध की बजाय शांति हो सकती है.

जी सैट15 के कू बैंड से जी मीडिया के दस चैनलों के हटने से इनकी टीआरपी पर बड़ा फरक पड़ेगा. जी मीडिया के रीजनल चैनल यूपी, एमपी आदि जगहों पर नंबर वन बने हुए हैं क्योंकि एक ही सैटेलाइट के दो दो फ्री डिश से इनके प्रसारण से काफी बड़ा दर्शक वर्ग मिल जाता था और चैनल बाकियों से बहुत आगे रहता था. अब आने वाले दिनों में जी मीडिया के रीजनल चैनलों को टीआरपी में काफी नुकसान उठाना पड़ सकता है.

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन