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इस बेखौफ और जांबाज महिला पत्रकार राणा अय्यूब को सलाम

Shikha :  एक बेख़ौफ़ लड़की, एक जांबाज़ पत्रकार, नाम राणा अय्यूब. 26 साल की तहलका मैगज़ीन की पत्रकार साल 2010 में तहकीकात करने एक अंडरकवर रिपोर्टर के रूप में गुजरात पहुँचती हैl अपनी तहकीकात के दौरान नाम बदलकर मैथिली त्यागी रखती है और कई स्टिंग ऑपरेशन को अंजाम देती है जो नीचे के छुटभैय्ये अफसर-नेताओं से लेकर ऊपर मोदी-अमित शाह तक के दर्जे के नेताओं की दंगों से लेकर अनेक फर्जी एनकाउंटरों में अपराधी-हत्यारी भूमिकाओं का पर्दाफ़ाश करती हैl

Shikha :  एक बेख़ौफ़ लड़की, एक जांबाज़ पत्रकार, नाम राणा अय्यूब. 26 साल की तहलका मैगज़ीन की पत्रकार साल 2010 में तहकीकात करने एक अंडरकवर रिपोर्टर के रूप में गुजरात पहुँचती हैl अपनी तहकीकात के दौरान नाम बदलकर मैथिली त्यागी रखती है और कई स्टिंग ऑपरेशन को अंजाम देती है जो नीचे के छुटभैय्ये अफसर-नेताओं से लेकर ऊपर मोदी-अमित शाह तक के दर्जे के नेताओं की दंगों से लेकर अनेक फर्जी एनकाउंटरों में अपराधी-हत्यारी भूमिकाओं का पर्दाफ़ाश करती हैl

अपने छोटे से कमरे में पहचान छुपाकर अकेली रहती उस लड़की को न कोई सिक्यूरिटी न कोई मदद। उसे अक्सर महसूस होता कि कोई उसका पीछा कर रहा हैl लेकिन जब वापस अपनी स्टोरी को लेकर तहलका मैगज़ीन में आती है तो उसके मालिक हाथ खड़े कर देते हैंl शायद बंगारू लक्ष्मण स्टिंग ऑपरेशन के बाद तहलका पर हुए दमन से उभरा डर उन्हें सच का साथ देने की हिम्मत नहीं देताl पर एक अकेली 26 साल की लड़की को इस खतरनाक स्टोरी पर काम करने के लिए guinea pig बनाकर भेजते वक्त शायद ही उन्होंने ऐसा सोचा होगाl

इसके बाद वह लड़की हर अखबार, हर न्यूज़ चैनल, हर मीडिया हाउस व हर पब्लिकेशन के पास जाती है और हर जगह से उसे निराशा हाथ लगती हैl इस बीच वह पिछले पांच साल भयंकर अवसाद, डर और निराशा के साए में जीती है और अंत में खुद अपनी इस पुस्तक को प्रकाशित करती हैl

जी हाँ, हम बात कर रहे राणा अय्यूब की पुस्तक “gujrat files anatomy of a cover up” कीl कई दिल दहला देने वाले, रोंगटे खड़े कर देने वाले व इंसानियत की आत्मा को झकझोर देने वाले तथ्यों को उजागर करती इस पुस्तक को आप amazon से भी खरीद सकते हैं. लिंक नीचे है:

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उस जांबाज़ लड़की, उस जुझारू पत्रकार द्वारा बेनकाब किये गए सच और उस सच को दबाने, और चुप कर देने को खड़े बदमाशों के साथ उसकी इस लड़ाई की दास्ताँ, इस पुस्तक को खरीदें, न सिर्फ खरीदें, अधिक से अधिक लोगों को इस पुस्तक तक पहुंचाएंl इससे पहले कि सच खामोश हो जाए, या सच बोलने की जुर्रत करने वाले खामोश कर दिए जाएं, हमें उनके साथ खड़ा होना ही होगा, हम एक ऐसे असाधारण युग में जी रहे हैंl

कामरेड शिखा के फेसबुक वॉल से.

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1 Comment

1 Comment

  1. Intaj Malek

    September 14, 2016 at 7:23 pm

    Salute to Rana Aiyub the greatest service done by her to humanity putting herlife at stake. Bravo Rana Aiyub the society need more and more such investigative joirnalists like you. You deserve hats off salute. Intaj

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