सहारा समूह अपने निवेशकों का हजारों करोड़ रुपये दबाए बैठा हुआ है. निवेशक कई बरस से त्राहिमाम किए हुए हैं. एजेंट सुसाइड कर रहे हैं. धरना प्रदर्शन हो रहा है. पर सहारा का कुछ नहीं बिगड़ रहा है. बताया जाता है कि सहारा के मुखिया सुब्रत राय का सरकारों, नेताओं, अफसरों, मीडिया मालिकों आदि से इतने अच्छे संबंध हैं कि उनका बाल बांका करने की कोई सोच भी नहीं सकता.
सहारा समूह में जमा देश के लाखों लोगों का अरबों रुपया कब मिलेगा, कैसे मिलेगा, किसी को नहीं पता. सेबी से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक चुप्पी साधे है. सहारा समूह तो ऐसी चुप्पी साधे है कि पूछिए मत. निवेशक और एजेंट सहारा के आफिसों में जबरन घुस जा रहे हैं, अफसरों को बंधक बना ल रहे हैं, सहारा के बड़े आफिसों में गेटों पर बाउंसरों को तैनात कर दिया गया है. सहारा के कर्ताधर्ता पूरे सिस्टम को चुनौती दे रहे हैं. एक सामान्य आदमी अपना लोन न चुका पाने के अपराध में जेल चला जाता है, कुर्की को झेलता है. पर लाखों लोगों का अरबों रुपये दबाने वाला सहारा समूह की तरफ सिस्टम का कोई शख्स उंगली उठा दे, ये हो नहीं सकता. मीडिया वाले इस बड़े गड़बड़-घोटाले पर कोई खबर छाप दिखा दें, ये हो नहीं सकता.
ताजी सूचना ये है कि सहारा समूह के घपले घोटाले के खिलाफ नोएडा में भी एक एफआईआर हो गया है. देखें इस एफआईआर में क्या कहा गया है और किन्हें किन्हें आरोपी बनाया गया है.






सहारा के गड़बड़-घोटाले के खिलाफ देश के विभिन्न हिस्सों में एफआईआर दर्ज तो हो रही है लेकिन इतने बड़े स्कैम की जांच के लिए कोई केंद्रीय एजेंसी अभी तक आगे नहीं आई. ये किसी एक जिले की पुलिस की जांच का मामला नहीं है. इस पूरे मामले में सहारा समूह चुप्पी साधे है और कभी कभी मुंह खोलता है तो मीडिया वालों को भरपूर विज्ञापन देते हुए सेबी व सुप्रीम कोर्ट पर ही निशाना साधता है. सुब्रत राय को लगता है कि वह अपने निवेशकों का पैसा हड़प कर अपने महल में आराम से बैठे रहेंगे, ये पूरा सत्ता सिस्टम न्यायतंत्र उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकता. कहा भी जाता है- ‘समरथ को नहीं दोष गुसाईं’. लोकतंत्र में बड़ी मछलियों के पास कानून का डंडा पहुंचते पहुंचते गुलाब के फूल में तब्दील हो जाता है, कुछ यूं है बड़े बड़ों की माया.
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Pramod kr
October 27, 2022 at 8:15 pm
Suprim court sebi ,sahara tino k mili bhagat k karn agent and niveshak pareshan hai