बॉम्बे हाई कोर्ट में पूर्व बीजेपी प्रवक्ता आरती साठे की बतौर न्यायाधीश नियुक्ति को लेकर सियासी तापमान लगातार चढ़ता जा रहा है। कांग्रेस, एनसीपी (शरद पवार गुट) और टीएमसी जैसे विपक्षी दलों ने इस नियुक्ति को न्यायपालिका की निष्पक्षता के लिए गंभीर खतरा बताया है। कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने सवाल उठाया कि अगर राजनीतिक प्रवक्ता जज बनाए जाएंगे तो आम लोगों को निष्पक्ष न्याय कैसे मिलेगा। एनसीपी विधायक रोहित पवार ने तो आरती साठे की पूर्व राजनीतिक भूमिका के प्रमाणस्वरूप एक नियुक्ति पत्र का स्क्रीनशॉट भी साझा किया।
वहीं बीजेपी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए सफाई दी है कि आरती साठे अब पार्टी से कोई संबंध नहीं रखतीं और उनकी नियुक्ति मेरिट और प्रक्रिया के अनुसार ही हुई है। लेकिन विपक्षी दल इससे संतुष्ट नहीं दिख रहे। न्यायपालिका की स्वतंत्रता बनाम राजनीतिक जुड़ाव की यह बहस अब सियासी अखाड़े में और जोर पकड़ती दिख रही है।
अभिसार शर्मा-
सबसे बड़ी खबर! बीजेपी प्रवक्ता बनेंगी Judge. एक ऐसे दौर में जब एक सुप्रीम कोर्ट Judge तथ्यों से हटकर नेता विपक्ष की IndianNess पर सवाल करते हैं…तब ये खबर चिंतित करनी चाहिए! जब Judge संविधान के खिलाफ बयान देते हैं. जब घर से करोड़ों कैश मिलता है. देखें:
रणविजय सिंह-
BJP प्रवक्ता हाई कोर्ट में जज बनाए जा रहे। कुछ लोग इसका विरोध करेंगे, लेकिन मैं इसका समर्थन करता हूं।
इसके फायदे हैं-
- जज बनकर BJP प्रवक्ता सरकार का पक्ष रख सकेंगे
- सरकार से सवाल करने वालों को देशद्रोही बता सकेंगे
- निष्पक्ष होने का 0% दबाव, क्योंकि सब इनका पक्ष जानते हैं
प्रभाकर कुमार मिश्रा-
तब जस्टिस चंद्रचूड़ वाली कॉलेजियम थी, अब जस्टिस गवई वाली कॉलेजियम है!
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 2023 में जब जस्टिस विक्टोरिया गौरी को मद्रास हाईकोर्ट का जज बनाने की सिफारिश की थी, उस समय भी बहुत विवाद हुआ था। विक्टोरिया गौरी पर धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ नफरत भरे भाषण देने का आरोप लगा था। जस्टिस विक्टोरिया गौरी को जज बनाने की सिफारिश करने वाले कॉलेजियम की अगुवाई तत्कालीन सीजेआई जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ कर रहे थे। जस्टिस विक्टोरिया गौरी की नियुक्ति को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई।
उधर विक्टोरिया गौरी जज के रूप में शपथ ले रही थीं, इधर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही थी। सुप्रीम कोर्ट ने यह कहते हुए याचिका खारिज कर दी कि कॉलेजियम की तरफ से सिफारिश किए गए नामों की न्यायिक समीक्षा नहीं की जा सकती।
मुख्य न्यायाधीश जस्टिस बी आर गवई की अगुवाई वाली मौजूदा कोलेजियम ने बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता आरती साठे को बॉम्बे हाईकोर्ट का जज बनाने की सिफारिश की है। इसे लेकर विवाद हो रहा है। आरती साठे एक वकील परिवार से हैं. उनके पिता, वरिष्ठ वकील अरुण साठे, राजनीति से भी जुड़े रहे हैं आरती साठे टैक्स विवाद, SAT और SEBI मामलों के साथ-साथ मैट्रिमोनियल केस भी देखती हैं।
आरती साठे को जज बनाने की सिफारिश पर महाराष्ट्र की राजनीति में विवाद छिड़ा है। ये विवाद भी धीरे धीरे शांत हो जाएगा।


