शामली। जिला शामली के वरिष्ठ पत्रकार अभय शर्मा ने सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (ARTO) रोहित राजपूत के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पत्रकार की ओर से उनके अधिवक्ता के माध्यम से ARTO को एक कानूनी नोटिस भेजा गया है, जिसमें अधिकारी पर अभद्र भाषा का प्रयोग करने, पत्रकारिता की छवि धूमिल करने और अनावश्यक दबाव बनाने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
क्या है पूरा मामला?
पत्रकार अभय शर्मा ने अपने अधिवक्ता के जरिए भेजे नोटिस में कहा है कि दिनांक 3 दिसंबर 2024 को वे किसी ऑफिसियल कार्य के सिलसिले में फोन पर बात कर रहे थे। उसी दौरान ARTO रोहित राजपूत ने फोन पर “अभद्र और असंवेदनशील भाषा” का प्रयोग किया और यह कहा कि:
“तुम जैसे बहुत पत्रकार आते रहते हैं… मुझे पत्रकारों से कोई मतलब नहीं।”
नोटिस में दावा किया गया है कि यह व्यवहार एक अधिकारी के पद की गरिमा के खिलाफ है। साथ ही कहा गया कि अभय शर्मा एक प्रतिष्ठित पत्रकार हैं, जिनके पास पत्रकारिता से संबंधित सभी वैध दस्तावेज मौजूद हैं, जिन्हें नोटिस के साथ संलग्न भी किया गया है।
पत्रकार की छवि को नुक़सान पहुँचाने का आरोप
नोटिस में कहा गया है कि अधिकारी के इस व्यवहार ने पत्रकार की प्रतिष्ठा को ठेस पहुँचाई है और इसे उनकी छवि धूमिल करने का प्रयास बताया गया है। पत्रकार पक्ष के अनुसार, अधिकारी का यह रवैया दर्शाता है कि वे पत्रकारों से सम्मानजनक तरीके से बात करने के इच्छुक नहीं हैं।
7 दिनों में जवाब नहीं मिला तो होगी क़ानूनी कार्रवाई
नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि ARTO रोहित राजपूत यदि 7 दिनों के भीतर जवाब नहीं देते या अपने व्यवहार के लिए स्पष्टीकरण नहीं देते, तो पत्रकार की ओर से उनके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अधिवक्ता ने कहा है कि यदि अधिकारी पत्रकार की गरिमा और कानून के अनुसार व्यवहार नहीं करते, तो मामला अदालत में ले जाया जाएगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी ARTO की होगी।
मामला सुर्खियों में
नोटिस की कॉपी सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद यह मुद्दा पत्रकारिता जगत में चर्चा का विषय बन गया है। कई स्थानीय पत्रकारों ने इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।


