नई दिल्ली: अडानी समूह के शेयर शुक्रवार को बड़ी गिरावट के साथ टूट गए, जिससे निवेशकों को भारी नुकसान झेलना पड़ा। यह गिरावट अमेरिकी नियामक SEC (Securities and Exchange Commission) की एक नई कानूनी कार्रवाई से प्रेरित मानी जा रही है, जिसमें उसने गौतम अडानी और सागर अडानी को सीधे ई-मेल के जरिए अदालत का समन भेजने की अनुमति मांगने के लिए अमेरिकी कोर्ट का रुख किया है।
प्रकरण पर सबसे बड़ी और ध्यान देने वाली बात ये है कि भारत में किसी भी मुख्यधारा के न्यूज चैनलों या अखबारों में ये खबर नहीं है। और न ही उनकी वेबसाइटों पर ही पब्लिश है।
शेयर बाजार में तेज बिकवाली
स्टॉक मार्केट में शुक्रवार को कई प्रमुख अडानी कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट देखने को मिली।
- Adani Green Energy Ltd के शेयर लगभग 14% तक गिर गए।
- Adani Energy Solutions Ltd में करीब 12% की गिरावट दर्ज हुई।
- Adani Enterprises Ltd लगभग 10% नीचे आया।
- Adani Ports & SEZ Ltd के शेयर भी 8% से अधिक टूटे।
अन्य रिपोर्टों के अनुसार कई शेयर 13% तक भी नीचे आ गए, जिससे समूह की कुल मार्केट वैल्यू में हज़ारों करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
क्या वजह है गिरावट की?
सुरक्षा बाजारों में यह गिरावट मुख्य रूप से अमेरिकी SEC की कानूनी चुनौतियों और संभावित अंतरराष्ट्रीय जांच के डर से आई है। SEC पर आरोप है कि उसने अडानी समूह के अधिकारियों पर भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी से जुड़े गंभीर आरोप लगाए हैं, जिनका सिलसिला नवंबर 2024 से जारी है।
पूर्व में भी इसी तरह की खबरों के कारण अडानी समूह के शेयरों में भारी सूट देखा गया था—उसी आरोप से कि समूह पर अमेरिका में बड़ा आर्थिक और कानूनी मामला चल रहा है, और इससे समूह की निवेशकों के बीच गंभीर शंका पैदा हुई थी।
कंपनी का रुख
अडानी समूह ने इन आरोपों को खारिज किया है और कहा है कि वह सभी कानूनी उपाय अपनाएगा। समूह ने SEC और DOJ द्वारा लगाए गए आरोपों को “बिना आधार” बताया है।
अडानी की अमेरिका ने लंका लगा रखी है। शेयर धड़ाम, लोअर सर्किट लगे। महामानव अपने मित्र के उजड़ते चमन को चुपचाप देखकर आँसू बहा रहे। कुछ न कर पा रहे हैं। मैं अडानी जी के साथ हूँ। अमेरिका की ऐसी तैसी। काश यही बात महामानव कह पाते!- यशवंत सिंह
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