RIP Akshay Singh… You are a war hero…

Shesh Narain Singh : Was Akshay Singh of AAJ TAK reporting from a conflict zone that a bright professional had to lose his life? Why are the political establishment not taking vaapam scam seriously? RIP Akshay Singh. You are a war hero.

Mukesh Yadav : व्यापम मर्डर! आजतक के पत्रकार अक्षय सिंह के मुंह से खड़े-खड़े अचानक झाग आने लगा!…अचानक झाग कैसे आते हैं क्या यह बताने की जरुरत है!…लेकिन अफ़सोस, आजतक खुद इसे मौत साबित करने पर तुला है!!! समझा जा सकता है, किसी एक पत्रकार की हत्या की वजह से कोई मीडिया संस्थान सत्ता के साथ अपने प्रॉफिटेबल रिलेशन को ख़राब क्यों करेगा!

Sandip Naik : व्यापम की कवरेज के लिये दिल्ली से आये आजतक के संवाददाता अक्षय सिंह का झाबुआ में दुखद निधन। समझ नहीं आता कि SIT एक ऐसे माहौल में कैसे जांच कर सकती है जब प्रदेश का मुखिया और राज्यपाल इस काण्ड में शामिल हो……जिसकी बार बार आशंका जताई जा रही है, क्या SIT के लोग दूसरे ग्रह से आये है जो बगैर डर के काम करेंगे….अब सही समय है जब प्रदेश की मीडिया को एकजुट होकर इस काण्ड की जांच की मांग सीबीआई से करवाना चाहिए . अभी राहुल कँवल का बाईट आजतक पर देखा तो बेहद अफसोस हुआ. यानी अब मप्र में व्यापम के सबुत ही नहीं मिटायें जायेंगे, बल्कि कोई जानकारी लेने आयेगा तो उसे भी एक शांत मौत दे दी जायेगी, कितना शर्मनाक है, जेल में मौत और जेल के बाहर भी आरोपी को भी मौत और पत्रकार को भी मौत !!! क्या राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग, राष्ट्रपति या सुप्रीम कोर्ट स्वत संज्ञान लेकर इस पुरे प्रकरण की जांच सी बी आई को सौंपेगा? या हमारी मीडिया के साथी इंतज़ार कर रहे है. क्यों ना मप्र सरकार के सभी कार्यक्रमों का विरोध करके तब तक बहिष्कार करें जब तक जांच सीबीआई को नही दी जाती या प्रदेश के मुखिया राज्यपाल इस्तीफा नहीं देते. मुझे नहीं लगता जब तक शिवराज सिंह जी और राज्यपाल पदों पर आसीन है तब तक SIT निष्पक्ष रूप से जांच कर पायेगी. नरेंद्र मोदी तो भ्रष्ट लोगों को और अपने मुख्यमंत्रियों को बचाने में बिजी है बेचारे, शिवराज, फिर वसुंधरा और अब रमण सिंह आ गए है छत्तीस हजार करोड़ रुपयों के गबन में !!! और वे मन मोहन से ज्यादा मजबूर है और चुप्पी तो अब उनकी भी नियति बन गयी है.

Shishir Sinha : अक्षय का यूं जाना बिल्कुल समझ से परे है। प्रार्थना करता हूं कि उसकी आत्मा को शांति मिले।

Girijesh Vashistha : बारह साल पुराना रिश्ता आज टूट गया. आज शाम बचपन के दोस्त और इंडिया टीवी के भोपाल में ब्यूरो चीफ अनुराग का फोन आया और उन्होंने अक्षय के निधन की खबर दी. उन्होंने पूछा कोई अक्षय.सिंह रिपोर्टर है आपके यहा ? झाबुआ में उसका.निधन हो गया है. मुझे अक्षय का खयाल तक न आया. कल्र्पना भी नहीं की जा सकती थी इस दुखद घड़ी की..सहारा समय मध्य प्रदेश छत्तीस गढ़ के समय से ये संबंधों की डोर बंधी हुई थी. हमेशा बड़े भाई का सम्माम दिया, प्रेम दिया, और लिहाज किया. मेरे लिए दुखद समय है. मेरी श्रद्धांजलि.

Vikas Mishra : ये तो किसी सस्पेंस थ्रिलर और भुतही फिल्म का सीन लगता है… अक्षय चार दिन से मध्य प्रदेश में थे… शिकारी उनकी तलाश में थे…. जिस तरह अक्षय को मौत के घाट उतारा गया, वो सन्नाटे में ला देने वाला है… जो खबरें आ रही हैं, उसके मुताबिक किसी का इंटरव्यू लेते लेते अचानक उनके मुंह से झाग निकलने लगा.. कोई कुछ सोचता, उससे पहले ही उनकी मौत हो गई… शक तो यही जा रहा है कि किसी ने बड़े शातिराना तरीके से जहर देकर मारा है.

वरिष्ठ पत्रकार शेष नारायण सिंह, मुकेश यादव, संदीप नाईक, शिशिर सिन्हा, गिरिजेश वशिष्ठ, विकास मिश्र के फेसबुक वॉल से.

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किसी भी थाने में बेधड़क स्टिंग करता था… आज तक कोई उसे देख नहीं पाया… कमाल का लड़का है…

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