अमेरिका द्वारा भारत से आयात होने वाले कुछ सोलर उत्पादों पर 126 प्रतिशत तक के प्रारंभिक टैरिफ लगाए जाने की खबर के बाद भारतीय सोलर सेक्टर में हलचल तेज हो गई है। हालांकि सोशल मीडिया पर इसे भारत के सभी सामानों पर 126 प्रतिशत टैरिफ के रूप में पेश किया जा रहा है, लेकिन वास्तविकता यह है कि यह शुल्क केवल चुनिंदा सोलर पैनल और सोलर सेल आयात पर प्रस्तावित प्रारंभिक ड्यूटी के रूप में लगाया गया है, न कि सभी भारतीय उत्पादों पर।

अमेरिकी प्रशासन की ओर से यह कार्रवाई सोलर इम्पोर्ट से जुड़े मामले में की गई है और यह अभी अंतिम निर्णय नहीं है। अंतिम फैसला आगामी महीनों में होना है। इस कारण फिलहाल इसे अस्थायी या प्रारंभिक कदम माना जा रहा है। फिर भी इस घोषणा का असर भारतीय शेयर बाजार में सोलर सेक्टर के शेयरों पर साफ दिखाई दिया।
घोषणा के बाद सोलर मॉड्यूल बनाने और अमेरिका को निर्यात करने वाली कंपनियों के शेयरों में तेज गिरावट दर्ज की गई। Waaree Energies जैसे कंपनियों के शेयर करीब 10–15% तक गिर गए। निवेशकों ने संभावित निर्यात प्रभावित होने की आशंका में बिकवाली की। जिन कंपनियों का अमेरिकी बाजार पर अधिक निर्भरता है, उन पर दबाव ज्यादा देखा गया।
विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह टैरिफ स्थायी रूप से लागू होता है तो अमेरिकी बाजार में सोलर निर्यात करने वाली भारतीय कंपनियों पर दबाव बढ़ सकता है। हालांकि जिन कंपनियों का सीधा निर्यात एक्सपोज़र कम है, उन पर प्रभाव सीमित रहने की संभावना है। फिलहाल बाजार में जो गिरावट देखी गई है, वह अधिकतर सेंटीमेंट आधारित प्रतिक्रिया मानी जा रही है।
कुल मिलाकर, अमेरिका के इस कदम ने भारतीय सोलर उद्योग के सामने अनिश्चितता जरूर बढ़ा दी है, लेकिन इसे पूरे भारतीय निर्यात पर व्यापक टैरिफ के रूप में देखना भ्रामक है। निवेशकों की नजर अब अंतिम अमेरिकी निर्णय और कंपनियों की अमेरिकी बाजार पर वास्तविक निर्भरता पर टिकी हुई है।
अभी तो ‘डील की दिवाली’ मनी थी, और अब ‘दिल की होली’ जलाये जा रहे हैं। अरे चचा कुछ तो लिहाज करिये। मित्र मोदीजी का न सही, हमारे उन पत्रकार साथियों का ही कर लीजिये, जो दो हफ्ते पहले ‘झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए’ गा रहे थे। नहीं तो भारत भूमि के उन लाखों खलिहरों का ही करिये, जो हर बात में मास्टरस्ट्रोक खोज निकाला करते हैं। कितनी बार गायेंगे हमारे एंकर झुकने-झुकाने वाला गीत? या कितने मास्टरस्ट्रोक खोज पायेंगे हमारे खलिहर वीर? सही नहीं है ये वाला प्रेम। राजनाथ सिंह की आवाज में कड़ी निंदा करता हूँ और अताउल्लाह खान की आवाज में ‘अच्छा सिला दिया तूने मेरे प्यार…’ का बजाता हूँ।
(जनता मोदीजी और उनके खलिहर वीरों के लिए इसी तरह के गीत-गाने सुझाये। गम गलत करने में उनकी मदद करना हम सभी का कर्तव्य बनता है।)
-सुभाष सिंह सुमन


