-संजय त्यागी-
आर एस एस और मोदी के बीच बीजेपी अध्यक्ष के लिए सहमति सहमति बन गई है। तय हो गया है कि बीजेपी का राष्ट्रीय अध्यक्ष आरएसएस की पसंद का ही होगा। लेकिन इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमित शाह को अगला प्रधानमंत्री बनाने का रास्ता साफ़ कर लिया है। उनके इस प्रस्ताव या शर्त को आरएसएस ने मान लिया है।
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर बहुत दिन से पेंच फंसा था। पुख्ता जानकारी के अनुसार शिवराज सिंह चौहान संघ प्रमुख मोहन भागवत जी की पहली पसंद थे, लेकिन मोदी और शाह इसके लिए तैयार नहीं थे । उन्होंने इसकी काट के लिए आरएसएस के ही प्यादे माने जाने वाले धर्मेंद्र प्रधान का नाम आगे कर दिया ।आरएसएस ने इसके जवाब में मनोहरलाल खट्टर का नाम प्रस्तावित कर दिया । मोदी जी खट्टर के नाम पर सहमत थे। लेकिन शाह साहब इस पर तैयार नहीं हुए ।
ज़्यादा दबाव बनने पर अमित शाह जी ने एक कार्यक्रम में अपने रिटायरमेंट का ज़िक्र करके आरएसएस पर दबाव बनाने की कोशिश की । इसके बाद संघ प्रमुख ने फिर से 75 साल में रिटायरमेंट का मुद्दा उछाल दिया । काफ़ी रस्साकशी के बाद आरएसएस और मोदी के बीच में सहमति बन गई है । बीजेपी का राष्ट्रीय अध्यक्ष अब आरएसएस की पसंद का होगा और अमित शाह अगले प्रधानमंत्री।
हालांकि राजनीतिक गलियारे में लोग इसे अदानी प्रकरण से भी जोड़ कर देख रहे हैं। अमेरिका ने अदानी द्वारा चोरी छिपे ईरान से गैस आयात करने का मामला पकड़ लिया है । अदानी के मुंद्रा पोर्ट पर अमेरिका द्वारा कड़े प्रतिबंध लगाने की प्रबल संभावना है । ये भी चर्चा है कि इस मामले में कुछ ऐसा भी है, जिससे पीएम पर दबाव बढ़ सकता है । खैर जो भी हो, इतना तय है कि बीजेपी का राष्ट्रीय अध्यक्ष और अमित शाह जी का प्रधानमंत्री बनने का रास्ता साफ़ हो गया है।
शम्भूनाथ शुक्ला-
मैं एक स्वप्नजीवी पत्रकार हूँ। और मज़े की बात कि मेरे सपने सच भी हो जाते हैं। 2017 में जब यह तय नहीं हो पा रहा था कि उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री कौन होगा। तब तक यूपी के रिजल्ट भी नहीं आए थे। 27 फ़रवरी की सुबह मैंने एक सपना देखा कि उत्तर प्रदेश में बीजेपी को 250 प्लस सीटें मिली हैं और योगी आदित्य नाथ मुख्य मंत्री बने हैं। यह मैंने लिखा भी था। संयोग देखिये कि 18 मार्च को यही हुआ जब योगी ने शपथ ली।
इसी तरह आज सुबह मैंने एक सपना देखा कि आने वाली 16 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस्तीफ़ा दे दिया और अमित शाह नये प्रधानमंत्री निर्वाचित हुए हैं। यूँ भी मोदी जी ने इंदिरा जी के कार्य काल को पीछे कर दिया है।



