नईदुनिया, इंदौर के वरिष्ठ पत्रकार अरविंद तिवारी ने नईदुनिया को अलविदा कहने के बाद अपने त्यागपत्र के साथ उन्होंने जो पत्र अपने साथियों को वाट्सएप के माध्यम से भेजा है, वह नीचे दिया जा रहा है. अरविंद दो साल से वरिष्ठ विशेष संवाददाता थे. एक साल से सिटी हेड की भूमिका निभा रहे थे.
मित्रों
दिनांक 12 जनवरी से मेरा साथ आपसे छुट जाएगा। मैने आज नईदुनिया को अलविदा कहने का निर्णय ले लिया है। नईदुनिया प्रबंधन को अब शायद मेरी सेवाओं की जरूरत नहीं है। अनुबंध की शर्त के मुताबिक एक माह के नोटिस की सूचना के साथ मैं अपना त्यागपत्र नईदुनिया प्रबंधन को भेज रहा हूं। मैं आप सब का आभारी हूं की अपने मुझे मेरे करीब 2 साल के कार्यकाल में हर कदम पर पुरा सहयोग व सम्मान दिया। मुझे इस बात का गर्व है कि रिपोर्टर्स व डेस्क की एक बेहतरीन टीम के साथ मैने काम किया और शहर ही नहीं मालवा निमाड अंचल में अखबार को नई उंचाईयां दिलवायी। यह सब आपकी ही बदौलत संभव हो पाया।
नईदुनिया का मेरा यह कार्यकाल मेरे रिपोर्टिंग करियर का भी श्रेष्ठ कार्यकाल रहा है। मैं संस्थान को अलविदा कह रहा हूं पर आपको नहीं। जहां भी मेरी जरूरत हो पुकारे में हाजिर रहुंगा। आपका सुख दुख मेरा होगा। आप सब मजे से काम करो और खुब तरक्की करो पर उन लोगों से सावधान रहो जो अपनी लाईन आगे बढाने और खुद की कमजोरी दबाने के लिए अब पौरस के हाथी की भूमिका निभा रहे।
पुन: आप सभी का आभार ..यदि संभव हुआ तो आपके प्रति कृतज्ञता जताने सोमवार शाम दफ्तर में हाजिर होता हूं। उम्मीद है कि आपका स्नेहभाव बना रहेगा।
आपका अपना ही
अरविंद तिवारी
अरविंद तिवारी के इस पत्र के बाद इंदौर का मीडिया जगत यह मालूम करने में लगा है कि आखिर नईदुनिया में इन दिनों पौरस के हाथी की भूमिका कौन निभा रहा है।
6 Comments
Leave a Reply
Cancel reply
Leave a Reply
भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team
भड़ास मेल: [email protected]
Latest 100 भड़ास
- काक्रोच जनता पार्टी के समर्थक हैं भड़ास वाले यशवंत? राहुल और कांग्रेस से चिढ़ की वजह क्या है??
- राहुल गांधी को पीएम आवास से उठा फेंका, पुलिस के हाथों घसीटे जाने पर नाक से खून निकला! देखें तस्वीरें
- दिल्ली पुलिस का छात्रों को इलेक्ट्रिक शॉक, कांग्रेस सांसद ने धर्मेंद्र प्रधान को मुंह पर कहा राक्षस, देखें वीडियो
- रजत, चित्रा, रूबिका, सुशांत, नविका, सुधीर, अमन, राहुल, अंजना वगैरह-वगैरह से एक जरूरी अपील!
- विपक्षी सांसदों ने घेरा पीएम आवास, मोदी शाह के इस्तीफे की मांग, देखें वीडियो
- ये मोदी शाह फोर्स (MSF) कब बनी, इनकी भर्ती कहां से होती है, इनका काम क्या है?
- सत्ता वही गलती दोहरा रही है जिसकी कीमत पहले कांग्रेस चुका चुकी है!
- लल्लनटॉप की इस रिपोर्टर ने अपनी जान पर खेलकर भी रिपोर्टिंग जारी रखी!
- व्यापम से NEET तक: कुछ सालों बाद संस्थानों में न सिर्फ सीट की, बल्कि प्रश्न-पत्र की भी बोलियाँ लगेगी!
- सिविल ड्रेस में छात्रों को पीटने वाला दिल्ली पुलिस का ये सिपाही हो रहा ट्रोल!
- आज के अखबार : लुटियन की दिल्ली में लठैती को ‘झड़प’ और ‘मार्च की कोशिश’ बताने की बेशर्मी
- दिल्ली प्रदर्शन: एथनॉल मंत्री खुश हैं, उनकी मुसीबत अब महामानव की तरफ शिफ्ट हो गई!
- छात्रों के साथ किसानों ने भी खोला मोर्चा, शंभू बॉर्डर सील, देखें वीडियो
- टीआरपी के लिए दूसरे के कपड़े फाड़ देने वाले टीवी संपादकों ने कल दिल्ली प्रोटेस्ट क्यों नहीं ताना?
- कॉरपोरेट मीडिया ने बरसों तक भारतीय समाज की राजनीतिक स्मृतियां खुरच-खुरचकर मिटाई थीं लेकिन दिल्ली पुलिस की लाठियों ने उन्हें पुनर्जीवित कर दिया!
- संसद मार्च में मीडिया के खिलाफ भी नाराजगी, आपस में ही भिड़े पत्रकार!
- संसद प्रोटेस्ट की ग्राउंड रिपोर्टिंग में भास्कर और टेलीग्राफ की कवरेज चर्चा में!
- फंसता है रिपोर्टर, कैमरामैन और टेक्निकल टीम!
- दिल्ली प्रोटेस्ट की कवरेज कर रहे Molitics के संपादक नीरज झा को उठा ले गई पुलिस!
- पीएमओ से तय होती अखबारों की हेडलाइंस का इससे बड़ा कोई प्रूफ नहीं हो सकता!
- आउटलुक से जिनित परमार, टीवी9 से जसप्रीत और दूरदर्शन से यश शर्मा के बारे में सूचनाएं!
- नरेंद्र मोदी शक्ति और अलोकप्रियता के दो अतिवादी ध्रुवों पर खड़े हैं!
- गोदी मीडिया वालों को म्यूजिकल गाली के साथ वायरल ये इंस्टा वीडियो बेहद निंदनीय!
- मोदी सरकार ने पिछले 12 साल से डर की जो सत्ता कायम की थी उसकी चिंदियां आज जंतर-मंतर के पास उड़ती नज़र आईं!
- न्यूज़ चैनलों के अच्छे रिपोर्टरों ने दलाल एंकरों और संपादकों को दे दिया टका-सा जवाब- “हम रिपोर्टिंग करने जंतर मंतर नहीं जाएँगे!”
- मुद्दा मुद्दी कुछ नहीं है, लोग बेरोजगारी कुशासन लूट घूसखोरी से अकबकाए हुए हैं… लेकिन कांग्रेसी अलगे दुनिया में सोए हुए हैं!
- जो काम कांग्रेस नहीं कर पाई, वो अभिजीत दीपके ने कर दिखाया!
- शेयर बाज़ार की पस्ती दे रही आर्थिक सुनामी का संकेत!
- आज के अखबार : नीट के नतीजों में गड़बड़ी की सूचना नहीं, तृणमूल के गद्दारों को निमंत्रण और सफाई ‘खबर’
- मेनस्ट्रीम मीडिया आईसीयू में है और एंबुलेंस में पत्रकार, देखें वीडियो
- रिपोर्टर के सवाल पर धर्मेंद्र प्रधान ने भक्ति की आड़ ले ली, देखें वीडियो
- टीवी9 के असिस्टेंट एडिटर संजीव श्रीवास्तव को मिला नेशनल अवार्ड
- छात्रों को रोकने में जितना जोर लगाया जा रहा है उतना जोर पेपर लीक रोकने में लगाया होता तो आज ये नौबत नहीं आती!
- नार्वे की पत्रकार हेले ल्यिंग ने सुधीर चौधरी की नाक में दम कर रखा है!
- आईएएस रिंकू सिंह राही ने मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, विधायक गौरी शंकर वर्मा के खिलाफ फोड़ा लेटर बम!
- भारत एक्सप्रेस में सुधीर गेरा की वापसी, सीनियर पद पर संभाली जिम्मेदारी!
- भाजपा नेताओं की ‘लैंड बैंकिंग’ का सबसे बड़ा केंद्र बन रहा है गुजरात?
- युवा ड्रोन इनोवेटर राहुल सिंह की संदिग्ध मौत में पूर्व मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा पर बड़ा आरोप!
- अमर उजाला से वरिष्ठ संपादक इंदु शेखर पंचोली कार्यमुक्त, इस प्लेटफार्म से कर सकते हैं नई पारी का आगाज़
- आज के अखबार : सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी पहले पन्ने पर होना गोदी पत्रकारिता की मुश्किल तो नहीं?
- संघ कैसे चलता है? ONGC के करोड़ों के दान से!
- GeM टेंडरों में मिलीभगत का बड़ा खुलासा: HP इंडिया पर ₹126.87 करोड़ का जुर्माना, पांच अधिकृत रीसेलर भी दोषी
- नेहरू से मोदी तक 16 प्रधानमंत्रियों के कामकाज पर अपनी बेबाक कलम चलाने वाले वरिष्ठ पत्रकार विजय संघवी नहीं रहे!
- पाञ्चजन्य के एसोसिएट एडिटर आलोक गोस्वामी का निधन!
- बंगाल का नया ‘डीमोक्रेसी’
- इंडिया टीवी की इस एंकर के साथ खेला हो गया, बीजेपी आईटी सेल द्वारा भेजा फेक कंटेंट पोस्ट और डिलीट कर फंस गई!
- दैनिक भास्कर, इंडिया न्यूज, भारत समाचार में कार्यरत रहीं श्रुति शुक्ला का नया अध्याय!
- आज के अखबार : कंप्रोमाइज्ड तंत्र का खेल; दैनिक भास्कर में पहले पन्ने पर तीन खबरें, तीनों सरकारी प्रचार
- दैनिक भास्कर को स्पेशल रिपोर्टिंग टीम के लिए पत्रकारों की तलाश!
- प्रिंट, टीवी, डिजिटल, रेडियो समेत कई सेक्टर्स में बड़े बदलाव की तैयारी कर रहा है नीति आयोग!
- रंगदारी मांगने के आरोप में राजस्थान और यूपी के पाँच पत्रकारों पर मुकदमा!
- दैनिक भास्कर में राहुल गांधी के कार्यक्रम की ख़बर दीदे फाड़कर ढूंढी तब मिली!
- 1977 में कांग्रेसी सत्ता पर बाबूजी भारी पड़े थे, कल सत्ताधारी भाजपा पर राहुल गांधी भारी पड़ गए!
- मगरमच्छ के मुँह में बालक : क्या जीवन वास्तव में उतना न्यायपूर्ण है, जितना हमारा मन उसे मान लेना चाहता है?
- लंदन जाकर आमिर ख़ान ने जो झूठ बोला है, उसका पर्दाफ़ाश वरिष्ठ पत्रकार पंकज शुक्ला की ये पोस्ट करती है!
- मुख्यमंत्री योगी के आने से पहले कांग्रेस जिलाध्यक्ष देर रात हुए हाउस अरेस्ट, देखें वीडियो
- आखिर क्यों मोदी राज में एकाएक बदल गया देश का पूरा तंत्र?
- गोदी मीडिया सोनम वांगचुक को पुलिस द्वारा उठा ले जाने का समर्थन कर रहा है!
- भाजपाई राजनीति का स्तर: धामी सरकार ने परेड ग्राउंड में राहुल गांधी का कार्यक्रम रद्द करवाकर एक नचनिया के प्रोग्राम को इजाजत दे दी!
- हाइड्रोजन ट्रेन के उद्घाटन में दिल्ली मीडिया को रोहतक बुलाया गया, सरकारी खर्चे पर होटल बुक हुए, अब शिकायतों के स्क्रीनशॉट देखिए!
- अमृत विचार प्रबंधन मेरा मात्र 15,000 पीकर अमीर हो जाएगा, मरा हुआ अखबार फिर चल पड़ेगा!
- पहली बार किसी रिपोर्टर को ‘इंकलाब ज़िंदाबाद’ जैसे नारे पर एतराज हुआ, देखें वीडियो
- भाजपाई सरकारें जनता का पैसा जमकर फूंक रहीं मीडिया मैनेजमेंट पर, छत्तीसगढ़ की विष्णु सरकार की अंधेरगर्दी देखिए!
- दिल्ली के सीपी सतीश गोलचा क्या कॉकरोचों का अनशन ठीक ढंग से नहीं संभालने के कारण हटाए गए?
- भारत में रिटायरमेंट या आफिस से विदाई पर सूटकेस ही क्यों देते हैं!
- मोबाइल लेकर हर कोई पत्रकार बन गया है; मीडिया के लिए कानून बनाने को कहा हाईकोर्ट ने!
- आज के अखबार : सरकार के खिलाफ आमरण अनशन की रिपोर्टिंग में ‘एंटायर पॉलिटिकल साइंस’ घुसा हुआ है
- धीरेंद्र शास्त्री के अपराधी भाई को जेल में वीआईपी ट्रीटमेंट, पत्रकारों की जेलर से बहस, देखें वीडियो
- दैनिक भास्कर समूह ने पहली तिमाही में ठीक-ठाक मुनाफा कूटा है!
- मेरी पत्रकारिता यात्रा (5) : मुझे लगा कि जनसत्ता में मेरे दिन पूरे हो गए हैं और अब मुझे यहां से मुक्त हो जाना चाहिए!
- सीनियर एंकर दीपेश बरगले का विस्तार न्यूज़ में प्रमोशन!
- सांसद प्रिया सरोज ने समाचार प्लस OTT को भेजा 10 करोड़ का कानूनी नोटिस!
- सीतापुर में तैनात ये IPS जिसके हाथ की बनी रोटी खाता था, उसे इतना मारा की बेचारे ने जान दे दी!
- MP-CG के रीजनल चैनल विस्तार न्यूज़ में बड़ा फेरबदल; श्वेता राय समेत चार पत्रकारों को नई जिम्मेदारी!
- आज के अखबार : ED, CBI और सॉलिसिटर जनरल विपक्ष के पीछे लगे रहे, जज साब गैस एजेंसी चलाते रहे
- जैसे प्रो. जी. डी. अग्रवाल मर गए वैसे ही आप भी मर जाएँगे सोनम वांगचुक साहब, आमरण अनशन से महाभ्रष्ट सिस्टम नहीं जागता!
- सोनम वांगचुक का अनशन गांधीवादी नहीं है : गुरदीप सिंह सप्पल (कांग्रेस नेता)
- हिंदुस्तान अखबार के रिपोर्टर ने सीएम योगी को लिखा पत्र, विधायक के गुर्गों पर धमकी का आरोप!
- E20 विवाद: मनीष कश्यप समेत चार यूट्यूबर्स पर नागपुर में मुकदमा
- नितिन गडकरी फंस जाने पर कहते हैं कि वे परिवहन मंत्री हैं, पेट्रोलियम मंत्री से पूछिए… लेकिन वे अगर पेट्रोलियम मंत्री नहीं हैं तो ई20 का बचाव क्यों कर रहे हैं?
- मेघा प्रसाद के सवाल गडकरी के जवाब : वरिष्ठ पत्रकार संजय सिन्हा का एक विश्लेषण!
- इंडियन एक्सप्रेस में सौरभ द्विवेदी की टीम से जुड़े पत्रकार आयुष प्रजापति!
- ई20 प्रकरण: रायपुर के इस डॉक्टर को मारूति कंपनी 20,50,494 रुपये देगी या नई कार!
- महादेव ऐप मामले में स्मिता प्रकाश के ANI का ट्वीट डिलीट क्यों हो गया?
- डीवाई चंद्रचूड ने डाइनामाइट न्यूज़ के नए अत्याधुनिक स्टूडियो का उद्घाटन किया
- गडकरी के बेटे की कंपनी सिआन एग्रो 2024 में 4 करोड़ का सालाना प्रॉफिट घोषित करती थी, वो मार्च 2026 में 223 करोड़ का प्रॉफिट कमा रही!
- कभी कभी लगता है कांग्रेस ही बीजेपी की बी-टीम है!
- गन्नाकरी का नया क्लेम है कि उसके लौंडों की कंपनी के प्रॉफिट पर हो रही बातें गलत हैं!
- आज तक कॉन्क्लेव में महंत राजू दास और NSUI कार्यकर्ताओं के बीच लात जूता की आई नौबत!
- भानवी सिंह बनाम राजा भैया : केस की सुनवाई से इस कोर्ट ने हाथ ही खड़े कर दिए!
- चेहरे पर हमेशा मुस्कान और उत्साह लिए संजय का पहला सवाल होता था— “और गुरु, क्या हाल-चाल है?”
- आज के अखबार : भोजशाला ‘विवाद’ की रिपोर्टिंग में भी 1991 के पूजा स्थल विधेयक का उल्लेख नहीं है
- सालों से BBC के लिए पसीना बहा रहे मुस्लिम पत्रकारों को झेल क्यों नहीं पा रहा कलेक्टिव न्यूज़रूम?
- महादेव बेटिंग ऐप मामले में ED द्वारा गिरफ्तार भाजपा नेता विकास गर्ग का रुबिका लियाकत से क्या कनेक्शन है?
- युवा पत्रकार अश्विन मिश्रा ने इस न्यूज़ चैनल से इस्तीफा दिया!
- 18 प्रेग्नेंट महिलाओं की मौत, पत्रकारों के सवाल पर ठहाका लगाते स्वास्थ्य मंत्री ने कहा- ‘जवाब ब्रेक के बाद’
- मेरी पत्रकारिता यात्रा (4) : जनसत्ता में प्रभाष जी पहले संपादक थे जो मेरी लिखी खबरों में सुधार-संशोधन की खासी गुंजाइश निकाल लेते!
- दिल्ली के रिपोर्टर्स में ‘गुरुजी’ के नाम से विख्यात साथी संजय दीक्षित दुनिया को अलविदा कह गया!
- हिंदुस्तान और PTI जैसे संस्थानों में कार्यरत रहे वरिष्ठ पत्रकार केके तिवारी का निधन!
- मोदी राज में पत्रकारों को आधिकारिक रूप से ‘बिचौलिया’ कहा जाने लगा!



Ashok jain
January 23, 2015 at 2:14 pm
यशवंतजी, अपनी नौकरी बचाने के चक्कर में इन दिनों आशीष व्यास और रूमनी घोष पौरस के हाथी की भूमिका मे है। दोनो आनंद पांडे की चाटुकारिता मे लगे हुए है और इनका एकमात्र लक्ष्य रिपोर्टरों को नीचा दिखाना मात्र है। रूमनी घोष जिस तरह के लफ्जों का प्रयोग रिपोर्टरस् के लिए न्यूजरूम मे कर रही है वह पूरे संस्थान में चर्चा मे है।वो बोलती है गला दबा दूंगी, जान ले लूंगी, सालों की जीना हराम कर दुंगी, इन सालों को झटका देने के लिए चार नए रिपोर्रटर रखना होंगे।रिपोर्टर भी अब रूमनी को मुंह तोड जवाब देने लगे है। आशीष व्यास रूमनी की हां मे हां मिलाने के अलावा कुछ भी नही कर रहे है। बेलगाडी के नीचे चलने वाले कुत्ते की तरह वे यह बताने मे लगे है कि नईदुनिया को मैं ही चला रहा हूं। इनको लेकर जल्दी ही चौंकाने वाली जानकारी है। पांडे के सामने वे भी रिपोर्टरों को नकारा साबित करनें मे लगे रहते है।
pratul shau
January 23, 2015 at 3:01 pm
अरविंद तिवारी वास्तव मे लीडर है।वे सकारात्मक सोच के साथ ही टीम को साथ लेकर चलने वाले पत्रकार है। उनका नईदुनिया से जाना नईदुनिया के लिए बहुत बडा नुकसान हैं। आशीष व्यास मीठा ठग है इसका लिखने पढने से कोई वास्ता नही है।यही वह व्यक्ति है जिसने श्रवण गर्ग की पीठ मे छुरा घोंपा और अब आनंद पांडे के आगे पीछे घुमकर अपनी रोटी सेक रहा है।
Pawan Joshi
January 24, 2015 at 2:51 pm
आशीष व्यास और रुमनी घोष सिर्फ पौरस के हांथी की खोज का मुद्दा ही नहीं हैं! दोनों के बीच बढ़ रही नजदीकियां भी पूरे ‘नईदुनिया’ में लोगों के बीच चर्चा का विषय है। दोनों के बीच गुपचुप-गुपचुप बातों को कुछ अलग नजरिए से देखा जा रहा है। ये बात आनंद पांडे को भी पता है, पर अपनी टीम बनाने के चक्कर में वे इसे नजरअंदाज करते नजर आ रहे हैं।
akashdeep
January 24, 2015 at 3:52 pm
आनंद पांडे स्वय श्रमण गर्ग के कंधों पर बैठकर, नई दुनिया के संपादक बने। दिल्ली में भी कोई खास तीर नहीं मारा। यह शख्स जहां गया, वहा बंटाढ़ार ही हुआ है। यही सिलसिला नई दुनिया में भी प्रारंभ हो गया है। यहां भी वही हश्र होगा और इसे डुबोने के पश्चात जनाब चल देंगे, किसी अन्य संस्थान पर ताला लगवाने। नई दुनिया या दागरण प्रबंधन ने न जाने सोच कर ऐसी विभूति का चयन किया है।
Moti
January 26, 2015 at 1:06 pm
इंदौर में रिपोर्टिंग करते रुमनी को 20 साल हो गए हैं मगर अभी तक यहां के पूरे गली मोहल्लों के नाम भी उसे मालूम नहीं है। मात्र चापलूसी, सेटिंग के बल पर महत्वपूर्ण पदों पर लंबे समय तक टिके रहने का सशक्त उदाहरण है यह महिला।हर संस्थान और हर दौर में इसका एक आका रहा है। मगर अब नईदुनिया में लंबी चलेगी नहीं। क्योंकि आनंद पांडे अपने खास समर्थक, एक ही विचारधारा के और दुकानदारी के मार्गदर्शक ललित उपमन्यु को संपादक बनाकर नईदुनिया में जो ला रहा है। वैसे रुमनी हो या ललित – बुरे दिन नईदुनिया के ही साबित होंगे।
Moti
January 26, 2015 at 1:14 pm
पुनश्चः – रुमनी और ललित में सांप और नेवले की तरह शत्रुता है। रुमनी जहां अज्ञानता की महारानी है तो वहीं ललित भ्रष्टाचार के बेताज बादशाह। ललित को भास्कर से भ्रष्टाचार के आरोप सिद्ध होने पर निकाला गया था और रुमनी को लगातार शून्य योगदान पर।