दूरदर्शन के एंकर अशोक श्रीवास्तव के खिलाफ अब तक कुल आधा दर्जन मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। कल 30 अप्रैल को मेरठ के थाना सिविल लाइंस में एफआईआर लिखाई गई है। इससे पहले आगरा, कुशीनगर, बुलंदशहर, बरेली के अलावा एक अन्य जिले में दर्ज कराई गई है।
मुकदमों की झड़ी लगते ही अशोक श्रीवास्तव ने ट्वीट भी डिलीट कर दिया। और ट्वीट डिलीट करने के बाद लंबी चौड़ी पोस्ट लिखकर सफाई दी है। नीचे पढ़ें-
अशोक श्रीवास्तव-
कल सुधीर पांडे नाम के एक पत्रकार ने यूपी के कुशीनगर के सहरोलिया गांव से एक ग्राउंड रिपोर्ट करते हुए यह आरोप लगाया कि वहां एक बड़ी जमीन सपा सरकार ने एक पत्रकार को दी थी। उस ट्वीट को मैंने कोट ट्वीट करते हुए कुछ ट्वीट करे, जिनमें से एक ट्वीट यूपी सरकार को भी टैग किया था कि इस मामले की जांच होनी चाहिए।
बाद जब कुछ लोगों ने सुधीर पांडे की रिपोर्ट में उठाए गए तथ्यों को लेकर सवाल उठाए तो मैंने खुद किसी के माध्यम से सुधीर पांडे से संपर्क किया और उनसे उनकी खबर की पुष्टि करनी चाही। सुधीर पांडे ने कहा कि उनकी खबर पक्की है, और इसके दस्तावेज भी उनके पास हैं। लेकिन उनकी बात से मुझे लगा कि उन्होंने अपनी रिपोर्ट में एक चैनल का नाम गलत बोल दिया है। उनकी इस स्वीकारोक्ति के बाद मैंने चैनल का नाम वाला वो कोट ट्वीट डिलीट कर दिया। लेकिन यूपी सरकार से मामले की जांच का मेरा ट्वीट अभी भी कायम है। और वैसे भी मैं हमेशा इस बात का पक्षधर रहा हूं कि सभी पत्रकारों और चैनल के मालिकों को अपनी संपत्ति की सार्वजनिक घोषणा करनी चाहिए ताकि जनता को हमारी ईमानदारी पर शक न हो और इस तरह के सभी आरोपों की सच्चाई सामने आ सके। मेरा कोट ट्वीट भी इसी भावना के तहत किया गया था।

और आज पुनः मैं इस बात को सार्वजनिक मंच से उठा रहा हूं। सभी पत्रकार/ यूट्यूबर और चैनल मालिक अपनी आय व्यय और अपनी/ अपने ब्लड रिलेटिव्स की संपत्ति की सार्वजनिक घोषणा करें। सभी लोग इसे स्वीकार करेंगे तो मैं सबसे पहले ऐसा करूंगा। जहां तक सुधीर पांडे की रिपोर्ट की बात है, वे अब भी अपनी बात पर कायम हैं उन्होंने वो रिपोर्ट डिलीट नहीं की है उन्होंने पुनः ट्वीट करके अपनी रिपोर्ट की पूरी जिम्मेदारी ली है और कहा है कि कोर्ट में मामला जायेगा तो यूपी में पत्रकारों को ज़मीने बांटने के कुछ और केस खुलेंगे। उन्होंने अपनी कुशीनगर रिपोर्ट से जुड़े दस्तावेज भी जल्द ही उपलब्ध कराने की बात कही है।
लेकिन इस बीच उस चैनल ने अपने स्टिंगर और रिपोर्टर्स से यूपी के अलग अलग थानों में FIR लिखानी शुरू कर दी है। और सुधीर पांडे पर नहीं मुझे जानबूझकर निशाना बना रहे हैं। जाहिर सी बात है कि इको सिस्टम को मुझ पर निशाना साधना ज्यादा मुफीद लगता है। ताकि मैं डर जाऊं और भविष्य में पत्रकारों और चैनल मालिकों की संपत्ति को सार्वजनिक करने की अपनी मांग से पीछे हट जाऊं। फिलहाल मैं सुधीर के डॉक्यूमेंट्स लाने के दावे की प्रतीक्षा कर रहा हूं।
अशोक के ट्वीट पर आए कुछ कमेंट भी देखें, उसके बाद मेरठ में दर्ज हुई FIR की प्रति देखें…



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भारत समाचार से फर्जी पंगा लेने वाले डीडी न्यूज के एंकर अशोक श्रीवास्तव के खिलाफ बरेली में चौथी एफआईआर



Banti
May 3, 2025 at 6:06 pm
Besak special Investigation honi chahiye sabhi media professionals ki (electronic aur print media dono ki)