Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

दिल्ली

अवध ओझा, विकास दिव्यकीर्ति और खान सर जैसे कोचिंग गुरुओं ने दूर दराज के छात्रों को मूर्ख बनाकर खूब माल कमाया है!

प्रियांक-

‘दृष्टि’ वाले विकास दिव्यकृति सर नैतिकता की बड़ी-बड़ी बातें बेहद गंभीरता से करते हैं। कथित ब्रह्माण्ड गुरु की तरह इनकी भी बड़ी फैन फॉलोइंग है देश-दुनिया में। मैं हमेशा से कहता आया हूँ कि दिल्ली से प्रयागराज होते पटना तक, ये जितने भी तथाकथित बड़े ब्रांड वाले कोचिंग संस्थान हैं, ये केवल लॉलीपॉप दिखा कर देश के दूर-दराज इलाकों के मूर्ख छात्रों को आईएएस बनाने का सब्जबाग़ दिखाते हैं ताकि इनकी दुकान चलती रहे!

जबकि आईएएस बनना बड़ी टेढ़ी खीर है। इसके लिए दिन-रात तपस्या करनी होती है सोशल मीडिया से दूर रहकर जो कि आजकल के 99% बच्चों से सम्भव ही नहीं है। उनकी सांस अटक जाएगी यदि उनसे कुछ दिन के लिए मोबाइल फोन ले लीजिये तो! Online पढ़ाई / कंटेंट तक तो ठीक है, पर कितने उसके लिए मोबाइल फोन रखते हैं!

एक बार फिर ‘दृष्टि’ पर भ्रामक प्रचार (75% सफल छात्रों को ऐसे दिखाया जैसे शुरू से उनके यहाँ ही पढ़ाई कर रहे) कर बच्चों को ठगने के लिए 5 लाख रुपये (ऊंट के मुंह में जीरा यानी 405 करोड़ रुपए का सालाना टर्नओवर, 90 करोड़ रुपये की सालाना कमाई और जुर्माना 5 लाख रुपए!) का जुर्माना लगाया गया है। पिछले सितंबर में भी इनके समेत अवध ओझा सर वाले इकरा आईएएस इत्यादि पर जुर्माना लगा था, पर उससे कोई फर्क न पड़ा।

फ्री में मॉक इंटरव्यू करा कर ये यूट्यूब पर जानबूझकर ऐसे दिखा देते हैं कि ये सभी छात्र उनके यहाँ शुरू से (PT से) जुड़े हैं और तभी इनका चयन हुआ है! जबकि इनको स्पष्ट करना चाहिए कि किस छात्र ने इनके यहाँ से कितनी पढ़ाई की है!

अभी हाल ही में विकास दिव्यकृति सर को सुन रहा था कि यदि आपको अपना उत्पाद बेचना हो तो उपभोक्ताओं में डर पैदा करो.. कि बिना इस उत्पाद के उनका काम नहीं चलेगा!

यही कारण है कि ऐसा माहौल पैदा किया जाता है कि बिना कोचिंग के तुम कुछ नहीं कर सकते। जबकि सच्चाई यही है कि अधिकांश छात्र जो सफल होते हैं, उनमें उन छात्रों की स्वयं की मेहनत (Self study) का योगदान ही अधिकतम होता है! यही कारण था कि भारत के सबसे बड़े कोचिंग संस्थान में जब मुझसे पूछा गया कि आपकी कोचिंग क्यों नहीं चलती तब मेरे जवाब देने से पहले वहाँ बैठे एक अन्य व्यापारी, सॉरी… टीचर ने कहा कि पढ़ाते होंगे!!

हाँ, यह भी सही है कि यदि सही Mentorship मिल गई तो छात्र की दिशा ठीक हो सकती है, इसमें गुरेज़ नहीं। शिक्षक ईमानदार एवं सक्षम हों तो छात्रों को सही राह पर लाकर उनको कम समय में सफल होने में मदद कर सकते हैं। वे यह बता सकते हैं कि वो जिन कारणों से असफल (यदि अंतिम रुप से चयनित नहीं हैं तो) हुए, तुम उन्हें मत दोहराना।

ब्रह्माण्ड गुरु, अवध ओझा सर और कई इसी तरह के हँसने-हँसाने-चिल्लाने वाले अजूबे शिक्षकों के पास करोड़ों Subscribers हैं जिनमें से लाखों छात्र के रुप में रजिस्टर्ड हैं। पता कीजिये कि इन लाखों छात्रों में से कितने इनके यहाँ से सही में चयनित हुए हैं! अपनी इन्हीं कमियों को दूर करने के लिए ये दिखाने लगते हैं कि वे समाज सेवा हेतु बहुत कुछ कर रहें.. जबकि सच्चाई है कि करोड़ों Subscribers के कारण इनकी अकूत कमाई हो गई है, तो ये खुद को देवदूत दिखाने लगते हैं और मूर्ख इनके जाल में उतने ही फँसते जाते हैं!

यह तो बताया जाता है कि हमारे यहाँ से अमुक छात्र सफल हो गए, पर यह कभी नहीं बताया जाता कि हमारे यहाँ से कितने असफल हुए!

कई सफल छात्र तो पैसा लेकर झूठ बोल देते हैं कि अमुक संस्थान से पढ़े हैं, जिससे फिर लाखों छात्र इनके यहाँ फंस जाते हैं और यह सिलसिला चलता रहता है। वैसे सच पूछिए तो केवल कोचिंग संस्थानों का ही दोष नहीं है। जो छात्र दिल्ली, प्रयागराज अथवा पटना पढ़ने के लिए आते हैं, उनमें से मुश्किल से लगभग 10% ही गंभीर होते हैं। हाँ सरकारी नौकरी चाहते सब हैं गंभीरता से, पर उसके लिए मेहनत बेहद कम छात्र करते हैं!

बाद में ऐसे ही छात्र डिप्रेशन में चले जाते हैं। सारी ज़िन्दगी पढ़ाई नहीं किए होते हैं और चाहते हैं कि कुछेक महीने में कलेक्टर बन जायें। मूर्ख अभिभावक भी दबाव बनाए रहते हैं, जबकि जब पढ़ाना था तो यूँही नाम के लिए कहीं किसी जगह पढ़वा दिए!

इसलिए जो छात्र जिस लायक हैं, उनको चाहिए कि उसी स्तर की तैयारी करें। सभी कलेक्टर बनने का ही ख्वाब देखने लगते हैं। इसमें 12th Fail जैसे एकाध उदाहरण पानी में आग लगा देते हैं। फिर ऐसे छात्र खुद को आईपीएस मनोज शर्मा ही समझने लगते हैं और अपने माथे पर लाल बत्ती (जिसे अब मोदी जी ने हटा दिया है) लगाकर सायरन बजाने लगते हैं तथा अपनी/अपने अदृश्य प्रेमिका/प्रेमी के सपने देखने लगते हैं!

संबंधित खबर…

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
9 Comments

9 Comments

  1. Ravi

    October 6, 2025 at 10:10 pm

    Mae to nahi pada hu in badi coaching se lekin ye padne ka Tarika bata gye walo ko
    Kisne Bola inke course kharido lekin ye gav tak baat pahucha gye upsc or pcs exam clear kaise Kar sakte h
    Pranam h in gurujano ko

  2. Ravi

    October 6, 2025 at 10:12 pm

    Mae to nahi pada hu in badi coaching se lekin ye padne ka Tarika bata gye padne walo ko
    Kisne Bola inke course kharido lekin ye gav tak baat pahucha gye upsc or pcs exam clear kaise Kar sakte h
    Pranam h in gurujano ko

  3. Atul kumar Verma

    October 7, 2025 at 8:48 am

    Mere Vichar se UPSC ke sath NEET, JEE mains & Defence ke coaching me pardarshita laya jay ki kitne bachche enrolled hue aur kitne successful ya kitne unsuccessful. Aur in coaching ki income kitna hua kyuki ye starting me hi pura fees le lete hain aur kai bachche kisi karanvash coaching chhod dete hain.
    Government ko in coaching pr pura control rakhna chahiye

  4. NASIM ALAM

    October 7, 2025 at 9:45 am

    Kyo jhuthi afwah faila rahe ho

  5. सूर्या

    October 7, 2025 at 10:23 am

    हर आदमी कोचिंग से सफल नहीं होता है लेकिन ज्ञान जरूर मिल जाता है। लेकिन IAS और पीसीएस रैंक का ज्ञान जरूर मिल जाता है। कमियां तो सभी में होती है लेकिन ऐसा नहीं है कि सब गलत होते हैं। यह सब मार्केटिंग का एक हिस्सा है। हर जगह बच्चों को अभिभावकों को बेवकूफ बनाया जाता है तब ना सरकार बोलती है ना पत्रकार बोलते हैं और आप जैसे पत्रकार तो और नहीं बोलते एक केस निकल आया खूब लिखा पड़ी होने लगी हो आर्टिकल लिखे जाने लगे। देश में सरकार न जाने कितने छात्रों को बेवकूफ बनाने में लगी है न जाने कितने बड़े-बड़े कॉलेज लूटने में लगे हुए हैं लूट लूट कर बड़ी-बड़ी बिल्डिंग और अरबों की दौलत इकट्ठे कर ली है कौन सी सरकारों ने इन पर ना खेल लगाया है और कितना जुर्माना इन पर लगाया है कभी इसकी भी पत्रकारिता कर लिया करिए।

  6. Amit gupta

    October 7, 2025 at 1:15 pm

    Fake agenda

  7. Mahendra Singh

    October 7, 2025 at 8:03 pm

    जिस तरह पूरे भारतवर्ष में सत्ता और विपक्ष में बैठे नेता जनता को मूर्ख बना रहे हैं और न जाने कितने आईएएस आईपीएस क्या-क्या बना करके करोड़पति हुए जा रहे हैं तो इन लोगों में क्या कमी है कुछ तो सही बोलते हैं बाकी सब उन्हीं लोगों पर निर्भर है जो अभी भी जाति और धर्म के नाम पर बैठे हुए हैं तथा ऊंची जात के उन व्यक्तियों का भी प्रबल विरोध करते हैं जो कभी देश के गरीब व कमजोर लोगों की बात करते हैं

  8. Manoj

    October 8, 2025 at 9:33 am

    Don’t spread false propaganda. Post karna hi hai famous hone k liye to kuchh dhang ka informative content post karo.

  9. Dipesh

    October 9, 2025 at 11:37 am

    He may also coaching teacher

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन