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रजत शर्मा की शिकायत पर हाईकोर्ट ने रोकी ‘बाप की अदालत’

रिष्ठ पत्रकार रजत शर्मा के पक्ष में डिसीजन देते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में सोशल मीडिया पर उनके द्वारा पोस्ट की गई सामग्री में इंडिया टीवी के लोगो और “बाप की अदालत” ट्रेडमार्क का उपयोग करने से रोक दिया. जस्टिस अनीश दयाल ने रविंद्र कुमार चौधरी नामक व्यक्ति को सोशल मीडिया पोस्ट, ऑडियो वीडियो सामग्री या किसी भी सेवा में शर्मा की तस्वीर, वीडियो और नाम को ट्रेडमार्क या लोगो के रूप में उपयोग करने से भी रोक दिया, जिससे पत्रकार के व्यक्तित्व अधिकारों का उल्लंघन हो सकता है.

कोर्ट ने तीन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को चौधरी की सामग्री को हटाने का निर्देश दिया, जिसमें इंडिया टीवी के लोगो और बाप की अदालत ट्रेडमार्क वाले पोस्ट और लिंक शामिल हैं.

जस्टिस दयाल ने इंडिया टीवी के मालिक रजत शर्मा और उनकी कंपनी इंडिपेंडेंट न्यूज सर्विस प्राइवेट लिमिटेड द्वारा दायर मुकदमे में शर्मा के पक्ष में अंतरिम एकपक्षीय निषेधाज्ञा पारित की.

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रजत शर्मा का आरोप था कि, ‘चौधरी जो खुद को राजनीतिक व्यंग्यकार कहते हैं, इंडिया टीवी के लोगो और बाप की अदालत के चिह्न का उपयोग करके सोशल मीडिया पर वीडियो बना रहे थे और प्रकाशित कर रहे थे, जो भ्रामक रूप से उनके चैनल के लोगो और लोकप्रिय शो “आप की अदालत” से मिलते-जुलते हैं.’

अदालत ने कहा कि, कोर्ट संतुष्ट है कि वादी ने सुनवाई की अगली तारीख तक एकपक्षीय अंतरिम निषेधाज्ञा दिए जाने के लिए प्रथम दृष्टया प्रस्ताव दिया. सुविधा का संतुलन वादी के पक्ष में है. मामले की अगली सुनवाई 18 अक्टूबर को होगी.

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