रेलवे की नौटंकी : बेबी बर्थ!

संजय कुमार सिंह-

नौटंकी रेलवे की… बच्चों के लिए आधे टिकट का प्रावधान खत्म करने के बाद यह प्रयोग नौटंकी नहीं तो और क्या है। बिना टिकट वाले बच्चों के लिए इतनी जगह क्यों चाहिए। इससे सह यात्रियों को परेशानी नहीं होगी? वह क्यों तकलीफ झेले।

यह प्रयोग संभवतः यह देखने के लिए होगा कि दुधमुंहे बच्चों के साथ यात्रा करने वाली मांओं के लिए नीचे के बर्थ के नाम पर यह विशेष बर्थ देकर कितने पैसे अतिरिक्त लिए जा सकते हैं।

आप जानते होंगे कि विमान में गोद के बच्चे का पैसा लगता है उनके लिए सीट लेनी पड़ती है और साथ की सीट लेने के लिए अब अतिरिक्त पैसे भी लिए जा रहे हैं। कल्याणकारी राज को लूटेरा बनते देखना ही अच्छे दिन है। वैसे प्रचार हवाई चप्पल वालों को हवाई यात्रा करवाने का था। जय हो।



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One comment on “रेलवे की नौटंकी : बेबी बर्थ!”

  • Matlab har baat ka virodh karna hai..
    “यह प्रयोग संभवतः यह देखने के लिए होगा कि दुधमुंहे बच्चों के साथ यात्रा करने वाली मांओं के लिए नीचे के बर्थ के नाम पर यह विशेष बर्थ देकर कितने पैसे अतिरिक्त लिए जा सकते हैं।”
    Kuch Bhi.. Kitani Nafrat hai aap logo me.

    According to Bussiness Standard, 10May News/Report :”two berths have been added in the Lucknow Mail going from Lucknow to New Delhi. The Railways will not charge any extra fare for the seat meant for infants.” “At the time of booking a reservation ticket, the name of children aged below five years will have to compulsorily filled and a baby berth will be made available to women.”

    Please, before Bakwas, read the full report or news. Aaap jaise log hai jo nafrat or afwah failate hai. Take care of your thoughts.

    Reply

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