नई दिल्ली : भारत का विज्ञापन बाजार इस साल 7% की दर से बढ़कर 1,64,137 करोड़ रुपये तक पहुंचने वाला है, जिससे इसमें 10,730 करोड़ रुपये की अतिरिक्त वृद्धि दर्ज होगी। यह जानकारी GroupM की ताजा “This Year Next Year (TYNY) 2025” रिपोर्ट में सामने आई है।
AI और डिजिटल डोमिनेंस से भारतीय मार्केटिंग का नया युग
रिपोर्ट के अनुसार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), डिजिटल विज्ञापन, मिक्स्ड रियलिटी और ओम्नीचैनल रणनीतियां 2025 में मार्केटिंग के नए ट्रेंड सेट करेंगे। भारत वैश्विक विज्ञापन बाजार में चौथे सबसे बड़े विकासशील बाजार के रूप में उभर रहा है, जहां डिजिटल विज्ञापन 60% हिस्सेदारी के साथ अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
TYNY 2025 रिपोर्ट के प्रमुख ट्रेंड:
- AI एजेंट्स का दबदबा: मार्केटिंग कैंपेन और कस्टमर इंटरैक्शन को AI के जरिए नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जाएगा।
- इमर्सिव टेक्नोलॉजी और स्मार्टफोन का बढ़ता प्रभाव: भारत में एक्सपीरिएंशल कंटेंट तेजी से लोकप्रिय होगा।
- डेटा क्लीन रूम्स: डेटा प्राइवेसी को ध्यान में रखते हुए कंपनियां AI-समर्थित गोपनीयता-केंद्रित रणनीतियों को अपनाएंगी।
- रिटेल मीडिया और ओम्नीचैनल इंटीग्रेशन: भारत में ई-कॉमर्स विस्तार को नई दिशा मिलेगी।
- क्विक कॉमर्स का बढ़ता दायरा: ऑनलाइन खरीदारी की आदतें तेजी से बदल रही हैं, जिससे यह क्षेत्र नई ऊंचाइयों को छू रहा है।
- जनरेटिव AI का SEO पर प्रभाव: सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन (SEO) और डिजिटल मार्केटिंग में AI नई क्रांति लाएगा।
- AI इन्फ्लुएंसर और एक्शन-ओरिएंटेड कैंपेन: ब्रांड स्टोरीटेलिंग में AI का महत्वपूर्ण योगदान रहेगा।
- CTV का बढ़ता बाजार: कनेक्टेड टीवी (CTV) विज्ञापन से हाइपर-पर्सनलाइजेशन को बढ़ावा मिलेगा।
- इंटीग्रेटेड मेजरमेंट फ्रेमवर्क: डेटा प्राइवेसी, मार्केट फ्रैगमेंटेशन और AI के कारण विज्ञापन मापन में बदलाव होगा।
भारत के डिजिटल विज्ञापन का नया दौर
GroupM South Asia के CEO प्रसंथ कुमार ने कहा, “भारत AI और डेटा प्राइवेसी के जरिए मार्केटिंग क्रांति के केंद्र में है। जैसे-जैसे वैश्विक विज्ञापन खर्च 1 ट्रिलियन डॉलर को पार कर रहा है, भारत टॉप-4 ग्रोथ मार्केट के रूप में उभर रहा है। डिजिटल एड स्पेंड अब 60% से अधिक हो चुका है, जिससे ब्रांड और उपभोक्ताओं के बीच संबंधों को नई परिभाषा मिल रही है।”
GroupM के COO अश्विन पद्मनाभन ने कहा, “भारत में डिजिटल और टीवी विज्ञापन मिलकर कुल विज्ञापन खर्च का 86% हैं, जबकि स्ट्रीमिंग टीवी का हिस्सा 12.6% तक पहुंच चुका है। SME, रियल एस्टेट, शिक्षा, BFSI और टेलीकॉम जैसे सेक्टर 10% की दर से बढ़ रहे हैं, जिससे बाजार में और तेजी आएगी।”
बिजनेस इंटेलिजेंस प्रमुख परवीन शेख ने कहा, “भारत की जीडीपी 2025 में 6.5% बढ़ने का अनुमान है, जिससे विज्ञापन बाजार और मजबूत होगा। भारत अब वैश्विक स्तर पर 9वें सबसे बड़े विज्ञापन बाजार के रूप में उभर रहा है। AI, ई-कॉमर्स, रिटेल मीडिया और हाइपर-पर्सनलाइजेशन डिजिटल विज्ञापन में तेजी लाएंगे।”


