आनंद सिंह-
अभी आपने एक खबर पढ़ी होगी जिसमें भारत के दशकों से मित्र रहे रुस ने पाकिस्तान में स्टील प्लांट लगाने के लिए समझौता किया है। अगर आप अंतरराष्ट्रीय मामलों के थोड़े भी जानकार हैं, खबरें पढ़ते हैं तो इस खबर को पढ़ कर आप चौंके जरूर होंगे।
पाकिस्तान और रुस एक साथ! खबर बिल्कुल सही है। आने वाले दिनों में रुस, पाकिस्तान में स्टील प्लांट लगाने जा रहा है। इससे भारत को क्या नफा-नुकसान होना है, उसकी चर्चा फिर कभी। लेकिन, आपको समझना पड़ेगा कि रुस का पाकिस्तान में स्टील प्लांट लगाने का फैसला इतना सामान्य नहीं है। खास कर तब, जब अभी ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चल रहा है।
ऑपरेशन सिंदूर को ही स्मरण करें तो पाकिस्तान का साथ देने के लिए तुर्की, चीन और अजरबैजान चट्टान की तरह खड़े हो गये थे। ये अभी भी पाकिस्तान के साथ खड़े हैं। तुर्की और चीन ने पाकिस्तान को हथियार दिये। अजरबैजान ने समर्थन दिया। इन तीन देशों का जिस तरीके से पाकिस्तान को साथ मिला, इससे उसकी विदेश नीति, इस्लाम के प्रति उनका रवैया भी साफ दृष्टिगोचर होता है।
बड़ा सवाल यह है कि भारत के साथ कौन से देश आए? क्या दुनिया का एक भी ऐसा देश था, जो ताल ठोक कर भारत के साथ खड़ा हुआ? जवाब है नहीं। उल्टे रुस जैसा दशकों पुराना भारत का दोस्त पाकिस्तान में स्टील की फैक्ट्री लगाने जा रहा है।
इसका मतलब यह हुआ कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की आवाज धाकड़ तरीके से नहीं सुनी जा रही है। एक सीमित युद्ध में ही भारत का कोई भी मित्र देश भारत के साथ खड़ा नहीं होता। अगर यह बड़े पैमाने का युद्ध होता तो क्या कोई देश भारत के साथ खड़ा होता? आप कहेंगे, जब चार दिन के सीमित युद्ध में नहीं हुआ तो बड़े युद्ध में कौन खड़ा होता!
प्रधानमंत्री का सरकारी वेबसाइट पीएमइंडिया.गोव.इन कहता है कि बीते 11 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 49 देशों की यात्रा की। अन्य वेबसाइट के आंकड़े 60 देशों की यात्रा दिखा रहे हैं। हम मान लेते हैं कि प्रधानमंत्री 49 देशों की यात्रा पर गये। उन 49 देशों में से एक भी देश ऐसा नहीं, जो ताल ठोक कर भारत के पक्ष में आता। आखिर ऐसा क्यों है? क्या वजह है कि मोदी जब भी किसी देश में जाते हैं तो मोदी-मोदी के नारे लगते हैं? भारत की बात क्यों नहीं होती? यह हमारी विदेश नीति की ढुलमुलता को ही इंगित करता है।
2014 में जब मोदी प्रधानमंत्री बने थे तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मोदी डॉक्टरीन की बातें होने लगी थी। अब कहां है वह मोदी डॉक्टरीन? मोदी जी ने 2014 में सार्क देशों को अपने शपथ ग्रहण समारोह में बुलाया। भरसक प्रयास किया गया कि सभी देशों के साथ भारत के संबंध अच्छे रहें। संबंध क्या अच्छे रहेंगे, दो कौड़ी का बांग्लादेश हमें आंखें दिखाता है। नेपाल भी जब-तब हमें आंखें दिखाने से परहेज नहीं करता। श्रीलंका से हमारे संबंध जगजाहिर हैं। भूटान की विदेश नीति पूरी तरह से 360 डिग्री पर बदली हुई है। सवाल ये है कि मोदी डॉक्टरीन को हुआ क्या? हमारे पड़ोसियों से ही हमारे संबंध अगर मधुर नहीं हैं तो क्यों?
हमें अपनी विदेश नीति को देखना होगा। विदेशमंत्री एस. जयशंकर के बोल-वचन को सुनना, समझना और उसका विश्लेषण करने की जरूरत है। वह कहते हैं कि ऑपरेशन सिंदूर शुरु होने के पहले उन्होंने पाकिस्तान को सूचना दे दी थी। इस पर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस कहां पीछे रहने वाली थी? राहुल गांधी ने एस जयशंकर को लपेटे में ले लिया। कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने सवाल दागा कि विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ख़ुद मीडिया एजेंसियों को बताया कि हमने हमला करने से पहले पाकिस्तान को सूचित कर दिया था। अब ये सूचित करने का क्या मतलब होता है? विदेश मंत्री को पाकिस्तान पर इतना भरोसा है कि उनके कहने पर आतंकी चुपचाप बैठेंगे? विदेश मंत्री जी का क्या रिश्ता है और उन्होंने हमले से पहले पाकिस्तान को क्यों बताया?
दरअसल, इस किस्म की विदेश नीति भारत की कभी थी ही नहीं। यह सब बीते 11 वर्षों में बदला है। 11 साल पहले कोई भी भारतीय विदेश मंत्री इस किस्म की बातें नहीं करता था। यहां तक कि तीन बार के प्रधानमंत्री रहे स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के शासनकाल में भी जो विदेश मंत्री हुए, वह भी इस किस्म की बयानबाजी से बचते रहे। बीते 30 मई को जय शंकर का एक बयान अखबारों की सुर्खियां बना, जिसमें उन्होंने अमरीकी राष्ट्रपति पर हमला किया। उन्होंने कहाः कुछ देशों के लिए अब ये एक फैशन बन गया है कि वे पब्लिकली खुद को डील मेकर घोषित करें और देशों के बीच डील कराने वाले की तरह व्यवहार करें।
इस बयान के माध्यम से जयशंकर का इशारा सीधे तौर पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर था, जो भारत-पाकिस्तान सीजफायर का क्रेडिट लेने के चक्कर में थे। ट्रंप ने यहां तक कहा कि भारत को उन्होंने ट्रेड के दबाव में लाकर यह फैसला कराया। इसके उलट, 30 मई को ही ट्रंप ने बाकायदा कोर्ट में एफिडेविट देकर नौवीं बार इस बात को दोहराया है कि उन्होंने ही भारत और पाकिस्तान के बीच में संघर्ष विराम कराया। इससे यह पता चलता है कि दरअसल अमरीका ने ही संघर्ष विराम कराया और पाकिस्तान और भारत ने इसे माना भी। पहले साढ़े चार बजे पाकिस्तान ने संघर्ष विराम की घोषणा की और आधे घंटे के बाद भारत के विदेश सचिव मिस्त्री ने इसकी घोषणा की।
अगर आपको याद हो तो आजादी के वक्त से ही भारत की यह नीति रही थी कि कश्मीर के मुद्दे पर दुनिया का कोई भी तीसरा देश मध्यस्थता नहीं करेगा। भारत ऐसी किसी भी मध्यस्थता को कतई स्वीकार नहीं करेगा। यह आजादी के बाद से चली आ रही हमारी विदेशनीति का एक वाक्य में लिखित नीति रही है। फिर क्या वजह है कि हमने अमरीका की मध्यस्थता स्वीकारी? जयशंकर बार-बार कह रहे हैं कि भारत और पाकिस्तान के डीजीएमओ के बीच में हॉटलाइन पर बातचीत के बाद संघर्ष विराम का फैसला हुआ। लेकिन, डोनाल्ड ट्रंप ने जो एफिडेविट देकर कहा, उसका क्या जवाब है जयशंकर या भारत सरकार के पास?
सच तो यह है कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद हमारी विदेश नीति ताश के पत्तों की तरह भरभरा कर ढह गई है। इन 11 वर्षों में एक व्यक्ति के विदेशी दौरों को व्यक्ति विशेष के संदर्भ में दुनिया भर में दिखाने का प्रचलन हो गया है। देश एक तरफ, व्यक्ति विशेष एक तरफ।
यही वजह है कि अफ़ग़ानिस्तान, नेपाल, भूटान, म्यांमार, बांग्लादेश, श्रीलंका और मालदीव जैसे पड़ोसियों के रहते कोई हमारे साथ नहीं आता। हमारे साथ न तो इटली, न फ्रांस, न इंग्लैंड और ना ही ऑस्ट्रेलिया आए। इजरायल भी सीधे-सीधे भारत के पक्ष में नहीं आया और ना ही संयुक्त अरब अमीरात। इनमें से कई देश हमारे स्ट्रैटिजिक पार्टनर भी हैं। जब रुस ने ही हाथ खींच लिया तो शेष देशों की क्या बिसात। इसलिए, 56 इंच का सीना और घर में घुस कर मारने जैसी बातों से तौबा कर विदेश नीति पर फिर से मंथन करने की जरूरत है।
एक नैरेटिव यह भी है कि हमें किसी के मदद की जरूरत ही नहीं थी। पाकिस्तान के लिए तो हम लोग अकेले काफी थे। यही हमारी विदेशनीति की सबसे विनाशकारी पंक्ति रही है। पाकिस्तान कहां अकेला था? उसके साथ तो चीन, तुर्की और अजरबैजान भी थे। क्या विदेश विभाग को यह नहीं दिख रहा था? अगर सच में नहीं दिख रहा था तो मानना पड़ेगा कि विदेश विभाग की दिनौंधी (दिन में भी न दिखना) और रतौंधी (रात में न दिखना) का अब मुकम्मल इलाज करना होगा।
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J.P
May 31, 2025 at 10:29 pm
ये पूर्णरूपेण किसी कांग्रेसी चरण चाटुकार का चैनल है जिसका वास्तविकता से दूर तक कोई नाता नहीं है।
Rahul
June 1, 2025 at 10:33 pm
Aanand singh Topa hai kya kuchh bhi likh do
Sudhir Singh
June 1, 2025 at 1:23 am
बहुत ही छिछला और घटिया स्तर का लेख है ये, विदेश नीति पर लिखने के लिए पहले समझ विकसित करने की जरूरत है।
Timmappa Kamat
June 2, 2025 at 7:09 am
In logon ke paas dimag kahan hai. Videsh neeti kya hai in kutton ko pata bhi hai? Russia Pakistan me steel plant nahin laga raha. Yeh fake news Pakistani media ne chalaya hai aur Russia iska khandan kar chuka hai already. Is kutte patrakar chatukar ko kisi ne jaankari nahin di hogi
Shambhu Arya
June 1, 2025 at 7:28 am
तुर्की अजैबरजान ईस्लाम के नाम पर चीन भारत के दुसमन के नाम पर पाकिस्तान के साथ खड़ा है मगर हम “दलाल भारतीय ” कहाँ किसके साथ खड़ा होना चाहिए, यही नहीं पता है,।
Shambhu Arya
June 1, 2025 at 8:56 am
भारत को विदेशी दुश्मनोँ ज्यादा भारत के अन्दर के पत्रकार नेता आम आदमी से ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है, इतिहास साक्षी है कि विदेशी हमलावरों को इसी प्रकार के दलालों ने मदद की थी आज भी कर रहे हैं, जबकि रुस ने इस प्रकार की किसी भी समाचार को मनगढंत बताया है।
Rakesh kumar
June 1, 2025 at 10:44 am
Pappu ka supporter hai.Apna gyan aur lekh apne pas rakho.Public sab dekh rahi hai aur aap se jyada samajhti hai.
Bimal b
June 1, 2025 at 11:12 am
यह यह भारत के एक गद्दार द्वारा लिखा गया बिल्कुल हास्यास्पद लेख है।
Rajkumar
June 1, 2025 at 11:51 am
मूर्ख है इसे कुछ पता नहीं है भारत की विदेश नीति नहीं बिखरी बल्कि इन चाटुकारों की बिगड़ी है 70 साल की विदेश नीति से बेहतर है
Dilip Kulkarni
June 1, 2025 at 12:15 pm
मैने सभी कमेंट पढ़े, मैं उनसे सहमत हु। ये आदमी पैसे लेकर लेख छपता होगा और नकारात्मक नैरेटिव सेट करना इसका बिजनेस ही होगा
Sp singh
June 1, 2025 at 1:12 pm
Y ye Lekh kisi kangresi daalle b mulle ka hai jo Rahul Gandhi kaa mut Peeta hai
Kunal W
June 1, 2025 at 1:29 pm
The channel is also useless and publishing articles by more useless writers. Russia has already denied the news of steel plant already but still this writer goes on and the publisher prints it.
Ashok
June 1, 2025 at 3:48 pm
मोदी जी भारतीय राजनीति के भीष्म पितामह है, भारत हर क्षेत्र में तेजी बढ़ा और विश्व में छा गया है । दुनियां को भारत के सामने नतमस्तक कर दिया। गांधी नेहरू. विभाजन व हिन्दूओं के नरसंहार , इन्दिरा साधुओं के नरसंहार तथा राजीव सिक्खों के नरसंहार के दोषी थे। और ये हरामी साले अपने को देश का बाप समझते थे।
चन्द्र मोहन पाराशर
June 1, 2025 at 4:07 pm
इस बेवकूफ को यह भी नहीं पता कि रूस ने पाकिस्तान के साथ किसी तरह के समझौते से इंकार कर दिया है
चन्द्र मोहन पाराशर
June 1, 2025 at 4:09 pm
इस बेवकूफ को यह भी नहीं पता कि रूस ने पाकिस्तान के साथ किसी तरह के समझौते से इंकार कर दिया है
Newsfast
June 1, 2025 at 6:51 pm
भड़ास निकालने का सही प्लेटफार्म है। लेखक जो भी हैं, कांग्रेस विचारधारा से प्रभावित लगते हैं। हमारे देश में अभिव्यक्ति की आजादी की आड़ में रेंका ही जाता है।
P C L Shrivastava
June 1, 2025 at 8:28 pm
पत्तलकार अपनी चिंता करो, ऐसे लेख लिखकर गुजारा करते रहो, भारत अकेला ही सक्षम है बस तुम जैसे लोगो से जो खतरा है वहीं सही नहीं है, दो चार कुत्ते इकट्ठे होकर शेर का कुछ नहीं बिगाड़ पायेंगे, भारत शेर है
Arvind Tiwary
June 1, 2025 at 8:38 pm
Bhai aap ye ahsan desh ki aam janta par kar de ki aage se koi v vishleshan social media par na dale. Iski quality kafi high h ise direct cong ko ya communiston ko bheje. Wo log iska kadar karenge, baki logo ke pass apna gyan h.
Ashutosh Sohni
June 1, 2025 at 9:46 pm
It is not factual, totally wrong statement.
Either writer is biased or…..
S-400 is small example addition to make in India move.
Hemant
June 1, 2025 at 10:30 pm
Are madarchod tune agar videsh niti pata hoti to kisi ghatiya papaer ka patrkar nahi hota congress party ka videsh mantri hota .
Gand chanthe ki bhi had hoti he
Capt pawan
June 1, 2025 at 10:39 pm
The only fact is that World is worried about the speed taken by India in developing its economy, industry and market, faster than any other developed country in the world
Ravindra Srivastava
June 2, 2025 at 1:13 am
क्योंकि भारत के अलावा कोई भी दूसरा देश हिन्दुओं का नहीं है ।
K.K,Pandey
June 2, 2025 at 4:58 am
अभी कल ही रुस ने खंडन किया है कि वह पाकिस्तान में ऐसा कोई निवेश नहीं कर रहा है, महानुभाव को विदेश नीति का क ख गं भी नहीं मालूम, निहायत घटिया लेख
Timmappa Kamat
June 2, 2025 at 7:07 am
Abe gadhe… Khabar chhapne se pehle kisi official source dekh to leta. Russia ne clearly kehdiya hai ki yeh reports fake hain aur Pakistani media ne failaya hai. Is liye kehta hoon chatne se pehle dekh le taaki itna insult na ho jaaye
Pankaj Gautam
June 2, 2025 at 7:27 am
Baaton ko bs gol gol ghumaya hai.kuchh clear nhi kaha,sara blaim s.jaishankar or PM modi pr daal kinara kr liya.
Spondon Ganguli
June 2, 2025 at 10:29 am
I failed to understand how less this writer knows about the world and current affairs.
Yes, in one respect he is right. Currently with most of our neighbours, India is facing problem. But, this fellow cleverly ignored or overlooked the reason behind it. It is China and her top priority to keep India busy and disturb with her neighbours and that’s why China is provoking Nepal, Maldives, Bangladesh, Afganistan and even Bhutan against China and in much extend successful. It’s only because our opposition leaders, and these types of fellow writer and intellectuals are against the government for all and any decision.
Secondly, in world politics no one is a permanent friend or enemy. It’s all by situation and need. Some of our neighbouring countries are seeing benefit with China that’s why they are blindly following that but soon they will realize China is no ones friend just like US. With know about their issues and gain.
As per Russia and Israel are concerned, they supported India in all front, but the writer failed to understand that. May be poor eye sight or lack of intelligence.
Now, they also have their concerns and decision to open up and that too how much.
We need to question our govt. but it should not prove that we are divided and against the govt. rather we are united and in support of govt. when it comes on foreign policies and world politics.
Jai Hind.
Sanjeev Kumar Jha
June 2, 2025 at 10:41 am
ओय मूर्ख, रूस का स्टील प्रोडक्शन पर पाकिस्तान से समझौता का न्यूज फेक साबित हुआ है, रूस ने खंडन कर दिया है। कांग्रेस और पाकिस्तान की चाटुकारिता छोड़ दो आनंद सिंह।
Sanjeev Kumar Jha
June 2, 2025 at 10:48 am
पाकिस्तान अकेला नहीं था फिर भी मोदी ने उसके दंत खट्टे कर दिए, इसलिए तुम्हारा ये निम्नलिखित कथन गधापंती है।
-पाकिस्तान के लिए तो हम लोग अकेले काफी थे। यही हमारी विदेशनीति की सबसे विनाशकारी पंक्ति रही है। पाकिस्तान कहां अकेला था?
Yogesh
June 2, 2025 at 11:53 am
Chalo mana 2014 ke baad saare halat bigde lekin 2014 se pehle kya bharat sone ki chidiya tha kya izzat thi bharat ki mumbai aatack ka badla bhi hamare desh se nahi liya gaya actually problem ye hai ki ish so called writer jaise log bharat ko baichara banaye rakhna chahte hai ki bas india pit kar bas chup baitha rahe woh niti inko acchi lagti hai
सेक्सी वीडियो देखे
June 2, 2025 at 12:12 pm
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Narayan Lall
June 2, 2025 at 12:36 pm
Fine you are only expressing your grudge, but you are talking about “ India” which is a non aligned nation.
Santosh Janjire
June 2, 2025 at 3:25 pm
जींस लेखक ने भारतीय विदेश नीति की के बारे में लिखा है उस लेखक को विदेश नीति के कखग का भी ज्ञान नहीं है। लेखक द्वारा भारतिय विदेश नीति की आलोचना कर स्वयं की ओछी एवं संकीर्ण मानसिकता का परिचय दिया है। ऐसे घटिया विचार मात्र राजनैतिक द्वेष रखने वाला व्यक्ति ही व्यक्त कर सकता है।
Ramkrishna mandal
June 2, 2025 at 3:40 pm
100% congressi hain…yeh fake news pakisthan ne feilaya tha jisko Russia ne sire se nakar diya ab bolo itna uchal kood kiu kr rahe ho
Rajesh Kumar Shrivastava
June 2, 2025 at 3:57 pm
यह bhadas नहीं भोसड़ा चैनल है।एक शब्द विश्वसनीय नहीं। बिलकुल अपने बाप पप्पू की तरह।
कैसे हिम्मत करते हो? बिल्कुल शर्म लिहाज नहीं बची क्या? मोदी जी कमजोरी कहो,महानता कहो या भलमनसाहत कि ऐसे कायर और गद्दारों पर ध्यान नहीं देते।हाथी मस्त चाल से झूमता चलता है और कुत्ते भौंकते रहते है।ये लोकतन्त्र का खालिस दुरुपयोग है।
Nk
June 2, 2025 at 4:37 pm
भाषा के स्तर से आदमी के ज्ञान का अंदाजा हो जाता है। भारत ने पाकिस्तान में बोमा बोम करदिया। कांग्रेस हर आतंकवादी घटना की निंदा करके चुप हो जाती थी, किन्तु मोदी की सरकार डंडा कर देती है, ये 11 साल में बदला है। कांग्रेस की सरकार में पाकिस्तान हम पर हावी रहता था, और अब हमें हावी होने की जरूरत नही है। दुनिया के देश सोच कुछ और रहे थे, हो कुछ और गया। सबको लगा था इसी बहाने हथियार बिकेंगे किन्तु भारत ने अपने हथियारों का जलवा बिखेर दिया। पर जैसे कुछ लोगो को हर चीज़ में बुराई नजर आती है, वैसे ही ये लेख है।
Sandeep Kumar Shrivastava
June 2, 2025 at 5:02 pm
आनंद सिंह जी,
किसी भी प्रोपोगंडा की जांच करने के बाद इस तरह का आलेख लिखा कीजिए, आप देशभक्ति दिखने के जुनून में अनजाने या जानबूझ कर उस प्रोपोगंडा को फैला रहे हैं…यह चिंताजनक और दुःखद है, इस प्रोपोगंडा की पोल स्वयं रूस ने खोल दी है, अनुरोध है कि जल्दबाजी में हुई इस गंभीर चूक के लिए सार्वजनिक क्षमा मानिए, अन्यथा आपकी देशभक्ति पर आम हिंदुस्तानी शक करेगा…शीघ्रता कीजिए, गलती मान लेने से कोई छोटा नहीं हो जाता…
Govind
June 2, 2025 at 5:18 pm
Fake propaganda channel
Abc
June 3, 2025 at 2:51 pm
Sirji aaj kiska muh main liya ?
Dr Rajtilak Banerjee
June 3, 2025 at 3:26 pm
आनंद सिंह तुम एक टोपा हो। इस्लामिक देश आज से नहीं आजादी के बाद से पाकिस्तान के साथ खड़े होते हैं खासकर कश्मीर मसले पर IOC वाले देश हर बार संयुक्त राष्ट्र संघ में भारत के खिलाफ वोट देते हैं। हां इस बार सिर्फ तुर्की अज़रबैजान और चीन पाकिस्तान के साथ खड़े हैं। चीन का पाक के साथ खड़े होना CPEC की वजह से उसका POK में दिलचस्पी की वजह से है। बाकि दोनों देश उनके इस्लाम धर्म से संबंधित होने के चलते पाक के साथ खड़े हैं। रही बात भारत के साथ खड़े होने की तो इजरायल भारत के साथ हमेशा से खड़ा है लेकिन भारत की राजनीति जिस तरह से फिलिस्तीन के साथ इजरायल के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपना रुख स्पष्ट करतीं हैं उसके बावजूद मोदी जी का नेतन्याहू से संबंध के चलते आज भी इजरायल भारत के साथ है इसके अलावा रूस भी भारत के साथ खड़ा हैं।