
पिछले तीन दिनों से भाजपा की राजनीति और घर घर सिंदूर बांटने की खबर पर हल्ला है। अब आज जाकर ये शोर और बढ़ा जब भाजपा आईटी सेल के मुखिया अमित मालवीय ने दैनिक भास्कर में घर घर सिंदूर बांटने की खबर को फेक न्यूज बताया है। इससे पहले ममता बनर्जी ने भाजपा के सिंदूर को घेर लिया था। इसके बाद भास्कर की तरफ से इस खबर पर माफी मांगी गई है, साथ ही वेबसाइट से यह खबर भी डिलीट कर दी गई है।
नीचे एक एक कर पढ़ें कौन क्या प्रतिक्रिया दे रहा है….
देवकी नंदन मिश्रा-
28 मई को भास्कर खबर छापता है कि 9 जून से बीजेपी घर घर सिन्दूर भेजेगी। इसके बाद सोशल मीडिया के साथ हर तरफ़ एक ही चर्चा घर घर सिन्दूर की होने लगी। प्रवक्ता टीवी पर इस अभियान की तारीफ़ करने लगे। 30 मई को अचानक शाम को बीजेपी की तरफ़ से भास्कर की खबर का खंडन करते हुये मालवीय साहब का ट्वीट आता है। अगले दिन यानी 31 मई की सुबह के अख़बार में भास्कर ने ख़बर के बराबर ही खंडन छपा जो इसके साथ लगा है। इसको लेकर किसी के मन में सवाल हो न हो मेरे मन में तो है।
- बीजेपी 28 तारीख से क्या कर रही थी?
- सोशल मीडिया पर लोग तरह तरह से कमेण्ट कर रहे थे क्या तब बीजेपी के तंत्र ने इसे नहीं देखा? या फिर देखने के बाद पब्लिक के रिएक्शन का इंतजार कर रही थी?
- तीन दिन क्यों लग गये खंडन करने में?
- प्रवक्ता फिर बीजेपी के इस कार्यक्रम की तारीफ़ टीवी पर क्यों कर रहे थे? शिवम त्यागी को तो ख़ुद मैंने भी देखा।
- आप बताइये बीजेपी तीन दिन तक चुप क्यों रही?


प्रेम कुमार-
लो पलट गई बीजेपी। घर-घर सिंदूर नहीं बांटेगी। बहुत सारे लोग भास्कर में प्रकाशित Fakenews के आधार सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं- अमित मालवीय
टीवी चैनलों पर प्रवक्ता घर-घर सिंदूर बांटने को जरूरी बता रहे थे। वह भी क्या फेक न्यूज़ से प्रेरित था? उदाहरण के तौर पर न्यूज़ 24 का एक क्लिप रख रहा हूं
मानक गुप्ता : अगर इतना था तो घर-घर जाकर सिंदूर क्यों बांट रहे हैं?
बीजेपी प्रवक्ता : क्योंकि सिंदूर हमारे गौरव का विषय है।
यू टर्न लेने के लिए बीजेपी के फ्रिंज एलिमेंट पहले सक्रिय हुए। इसका भी स्नैप शॉट लगा रखा है।
केके उपाध्याय-
दैनिक भास्कर ने झूठी खबर पर माफी मांगी
दैनिक भास्कर ने माफ़ी माँगी है। एक झूठी ख़बर चला दी थी- ‘भाजपा 9 जून से देश भर में सिंदूर बाँटेगी ‘यह खबर सूत्रों के हवाले से थी। भाजपा का वर्जन भी नहीं लिया। पूरी तरह एक तरफा। पत्रकारिता के मानदंडों के खिलाफ। खबर के बाद नफरती टोली बौरा गई। सिंदूर को लेकर अंड-चमंड बकने लगी। भारत की संस्कृति पर हमले किए। ट्रोल टोली निकल पड़ी। नफरत बँटने लगी। किसी ने ख़बर की पुष्टि करने की ज़हमत नहीं उठाई। इनमें वे लोग भी हैं जो ख़ुद को बुद्धि का अवतार मानते हैं। क्या अब वे माफ़ी माँगेंगे?
अमित मालवीय-
बहुत सारे लोग भास्कर में प्रकाशित इस FakeNews के आधार पर सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। लेकिन हद तो तब हो गई जब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री, एक अधिकृत सरकारी मंच से, एक ट्रोल की तरह इस आधारहीन खबर को लेकर राजनीति करने लगीं।
ममता बनर्जी को अपने प्रदेश की बदहाली की चिंता करनी चाहिए, और देश की सुरक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दों पर बेतुकी बयानबाज़ी नहीं करनी चाहिए। पश्चिम बंगाल संप्रदायिकता की आग में जल रहा है, महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं, बेरोज़गारों के पास रोज़गार नहीं है — ये ममता बनर्जी की प्राथमिकताएं होनी चाहिए।
कांग्रेस के प्रवक्ता हल्के लोग हैं, उनसे बेहतर की अपेक्षा करना भी उचित नहीं है।

निशांत यादव-
दैनिक भास्कर में दो दिन पहले छपी एक खबर को आज भारतीय जनता पार्टी ने “फेक न्यूज़” कहकर खारिज कर दिया है। खबर में दावा किया गया था कि भाजपा 9 जून से ‘घर-घर सिंदूर पहुंचाने’ का अभियान शुरू करने जा रही है। अब भाजपा कह रही है कि उसने ऐसा कोई कार्यक्रम निर्धारित नहीं किया। ऐसे में देश की जनता के सामने एक बड़ा सवाल खड़ा होता है – भाजपा सच्ची है या दैनिक भास्कर? क्योंकि दोनों में से एक तो ज़रूर झूठ बोल रहा है।
भाजपा डर गई है, तभी वह अब इस मामले से दूरी बना रही है। कहीं न कहीं उन्हें यह एहसास है कि यह विषय सीधा जन भावना और महिलाओं की गरिमा से जुड़ा हुआ है। यह “सिंदूर” का मामला है – जो हर भारतीय नारी के सुहाग और सांस्कृतिक आस्था का प्रतीक है, कोई “तेल-खेल” का हल्का विषय नहीं। ऐसे भावनात्मक मुद्दों पर राजनीति करना या भ्रम फैलाना भाजपा के लिए भारी पड़ सकता है, इसलिए अब वह पलटी मार रही है।
यह केवल एक खबर की सच्चाई या झूठ की बात नहीं है, यह लोकतंत्र, मीडिया की स्वतंत्रता और जनता के विश्वास का मुद्दा है। अगर दैनिक भास्कर की खबर झूठी थी, तो भाजपा को तथ्यों और प्रमाणों के साथ उसका खंडन करना चाहिए था – न कि महज सोशल मीडिया पर “FakeNews” की मोहर लगाकर पल्ला झाड़ना चाहिए। और अगर यह खबर सही थी, तो फिर भाजपा अब इससे मुंह क्यों मोड़ रही है?
भाजपा का यह रवैया मीडिया को दबाने, असहज सवालों से भागने और देश को भ्रमित करने की कोशिश जैसा प्रतीत होता है। ऐसे में हम यह मांग करते हैं कि दैनिक भास्कर इस मामले में भाजपा पर मानहानि का मुकदमा करे – ताकि यह स्पष्ट हो सके कि सच्चाई किसके साथ है, और झूठ का पर्दाफाश हो




Mantu Kumar Singh
June 3, 2025 at 6:48 pm
Ye fake news hai