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मध्य प्रदेश

न्यूज24 के पत्रकार धर्मेंद्र ओझा की एसपी दफ्तर में पुलिस अफसरों ने चप्पलों से की पिटाई, भ्रष्टाचार खोलने की मिली सज़ा

भिंड | मध्य प्रदेश की भिंड पुलिस ने विश्व प्रेस दिवस पर न्यूज24 के एक पत्रकार को बढ़िया तोहफा दिया है। पुलिस पर आरोप है कि उसने पत्रकारों के साथ बर्बरता की, सिर्फ इसलिए क्योंकि उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली, अवैध रेत खनन और भ्रष्टाचार से जुड़ी खबरें प्रकाशित की थीं।

घटना पुलिस अधीक्षक कार्यालय परिसर की है, जहां न्यूज़ 24 एमपी-सीजी के पत्रकार धर्मेंद्र ओझा समेत अन्य पत्रकारों को बुलाकर खुलेआम पीटा गया। पत्रकारों का आरोप है कि उन्हें चप्पलों से मारा गया और पुलिसकर्मियों ने धमकाते हुए कहा, “बहुत पत्रकारिता करते हो, अब सबक सिखाते हैं।”

मामले में भिंड पुलिस अधीक्षक असित यादव, एडिशनल एसपी संजीव पाठक, सीएसपी दीपक तोमर, फूप थाना प्रभारी सत्येंद्र राजपूत, ऊमरी थाना प्रभारी शिव प्रताप सिंह, भारौली थाना प्रभारी गिरीश शर्मा, सिटी कोतवाली प्रभारी बृजेंद्र सेंगर, देहात कोतवाली प्रभारी मुकेश शाक्य, बरौही थाना प्रभारी अतुल भदौरिया और साइबर सेल के एएसआई सत्यवीर सिंह पर गंभीर आरोप लगे हैं।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पत्रकार धर्मेंद्र ओझा के घर को रात 12 बजे घेर कर पुलिस ने जबरन उनका मोबाइल फोन छीन लिया और उसमें मौजूद सभी सबूतों को डिलीट कर दिया। आरोप है कि पत्रकारों को झूठे मामलों में फंसाने या उनकी हत्या करवाने की साजिश रची जा रही है।

सूत्रों के मुताबिक, हाल ही में कुछ पत्रकारों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए स्थानीय भ्रष्टाचार, अवैध वसूली, रेत खनन और थानों में हो रही मनमानी के खिलाफ रिपोर्ट प्रकाशित की थी। इन्हीं खबरों से बौखलाई पुलिस ने यह सख्त कदम उठाया।

घटना पर पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, “यह लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा हमला है। जब शासन के अधीनस्थ अधिकारी ही पत्रकारों की आवाज़ को दबाने लगें, तो यह लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरे की चेतावनी है। मुख्यमंत्री को तुरंत निष्पक्ष जांच का आदेश देना चाहिए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।”

इस घटना ने प्रदेश में पत्रकारों की सुरक्षा, प्रेस की स्वतंत्रता और शासन की जवाबदेही पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

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2 Comments

2 Comments

  1. प्रवीण परिहार

    May 4, 2025 at 4:34 pm

    इसमें धर्मेंद्र ओझा की पिटाई नहीं हुई है वह बच गया है और बाकी पत्रकार को बुलाकर पीटा गया है

  2. Sanjay mittal

    May 5, 2025 at 11:19 am

    Channel aur uske anchors to poore dalal hai ek political party ke ye channel ki debate dekh kar do minute me samjha ja sakta hai

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